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आवाम की आवाज: कारगिल युद्ध के नायकों को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने किया याद, बोले- प्रेरित करती रहेंगी वीरगाथाए
Sun, 21 Jul 2024 03:53 PM IST
गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: गुलशन कुमार
Updated Sun, 21 Jul 2024 03:53 PM IST
सार
उपराज्यपाल ने कहा, 'कारगिल विजय दिवस हमारे वीर सैनिकों की शानदार वीरता, अदम्य साहस तथा सर्वोच्च बलिदान की गाथा है। मैं शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं तथा राष्ट्र को प्रगति के मार्ग पर सुरक्षित रखने के लिए वीर सैनिकों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।'
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा
- फोटो : डीपीआईआर, जम्मू कश्मीर
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विस्तार
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कारगिल युद्ध के नायकों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उपराज्यपाल ने जम्मू के मेजर अजय सिंह जसरोटिया, सूबेदार बहादुर सिंह तथा हवलदार मदन लाल, कठुआ के सिपाही राजिंदर सिंह, सोपोर के एलएनके गुलाम मोहम्मद खान, कुपवाड़ा के रविंदर सिंह व मोहम्मद खान तथा कारगिल युद्ध के अनगिनत अन्य वीरों की वीरता तथा सर्वोच्च बलिदान को याद किया। आवाम की आवाज कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एलजी ने कहा कि इस महीने के संस्करण को कारगिल युद्ध के वीरों को समर्पित किया गया।
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उपराज्यपाल ने कहा, 'कारगिल विजय दिवस हमारे वीर सैनिकों की शानदार वीरता, अदम्य साहस तथा सर्वोच्च बलिदान की गाथा है। मैं शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं तथा राष्ट्र को प्रगति के मार्ग पर सुरक्षित रखने के लिए वीर सैनिकों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।'
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उपराज्यपाल ने कहा, "आइए हम जम्मू-कश्मीर के उन वीर जवानों और अधिकारियों के प्रति कृतज्ञता करें, जिन्होंने दुर्गम इलाकों में बहादुरी से लड़ाई लड़ी और दुश्मनों पर विजय प्राप्त की। उनकी बहादुरी हमेशा हमारे दिलों में रहेगी और हमें प्रेरित करेगी।"
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बदलाव लाने वालों की प्रेरणादायक कहानियों को साझा करते हुए, उपराज्यपाल ने गांदरबल के बिलाल भट्ट की निस्वार्थ सेवा और नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण मुद्दों पर जागरूकता अभियान के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि बिलाल भट्ट को समुदाय के सदस्य उम्मीद की किरण और बदलाव के वाहक के रूप में देखते हैं।
उपराज्यपाल ने स्वच्छ अभियान को जन अभियान में बदलने के लिए शोपियां के 180 युवाओं की पहल कीगाम यूथ ट्रस्ट की सराहना की। उन्होंने कहा कि दृढ़ निश्चय और दृढ़ संकल्प के साथ, इन युवाओं ने समुदाय से अभूतपूर्व समर्थन हासिल करने में कामयाबी हासिल की है।
रामबन के संदीप सिंह चिब का विशेष उल्लेख किया, जो होनहार मुक्केबाजों को तैयार करने, युवाओं को अपने सपनों को हासिल करने और चैंपियन बनने के लिए प्रेरित करने के मिशन पर हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के खेल जगत के सबसे युवा चमकते सितारों में से एक कुलगाम के शारिक यासिर को शानदार खेल करियर के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस महीने के कार्यक्रम के दौरान, उपराज्यपाल ने श्रीनगर की पहली महिला ई-रिक्शा चालक कौसर जान, राजोरी की अनीता देवी, पुलवामा की रुबीना बानो और कुपवाड़ा की शाहिदा खालिक की प्रेरक यात्रा को भी साझा किया।
श्रीनगर की पहली महिला ई-रिक्शा चालक कौसर जान सामजिक नियमों को फिर से लिख रही हैं। उपराज्यपाल ने कहा कि उनकी अभूतपूर्व उपलब्धि दूसरों को बाधाओं को तोड़ने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए बाधाओं पर काबू पाने के लिए प्रेरित करती है।
उन्होंने अनीता देवी और उनके सभी महिला स्वयं सहायता समूह के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने महिलाओं से संबंधित उद्यमों को प्रोत्साहित किया है और राजोरी में बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाया है।
उपराज्यपाल ने जिले में उद्यमशीलता के परिदृश्य को नया रूप देने में पुलवामा की रुबीना बानो के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र में रुबीना बानो के कदम उद्यमियों के बीच चर्चा का विषय बन रहे हैं।
युवा लाइब्रेरियन शाहिदा खालिक कुपवाड़ा और हंदवाड़ा के युवाओं पर अमिट छाप छोड़ रही हैं। उपराज्यपाल ने कहा कि उनका समर्पण हर नागरिक, खासकर युवाओं को शिक्षा के वास्तविक फल का आनंद लेने के लिए सशक्त बनाएगा।
रियासी के सेवानिवृत्त हवलदार राज कुमार के पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों और कश्मीर के सबजार अहमद और सैयद नदीम के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को उद्यमिता के लिए आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने और उन्हें यूटी की अर्थव्यवस्था में समान हितधारकों के रूप में सशक्त बनाने के प्रयासों को उपराज्यपाल ने विशेष उल्लेख प्राप्त हुआ।
उपराज्यपाल ने जम्मू के इश्तियाक अहमद और कुलगाम के इदरीस अहमद, कठुआ की शबनम सिंह, अनंतनाग के रईस अहमद भट और कठुआ की राधिका महाजन से प्राप्त बहुमूल्य सुझावों पर प्रकाश डाला। जिन्होंने कचरा संग्रहण और प्रबंधन में पृथक्करण, कचरा प्रबंधन के प्रति व्यवहार परिवर्तन लाने, गांवों और शहरी वार्डों में नशा विरोधी समिति बनाने और डिजिटल सक्रियता और महिला सशक्तिकरण पर अपने सुझाव दिए।
उन्होंने युद्ध नायकों पर साहित्य को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न रणनीतियों पर जम्मू से कर्नल बीडी शर्मा और उधमपुर से इंस्पेक्टर सोहन सिंह से प्राप्त सुझावों पर आवश्यक हस्तक्षेप का आश्वासन भी दिया।