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आज होगा बसंत पंचमी पर मथवार में मेला, विद्यारंभ के साथ ही लक्ष्मी नारायण की भी होगी पूजा
Wed, 29 Jan 2020 02:08 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Wed, 29 Jan 2020 02:08 AM IST
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बसंत पंचमी 2020
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हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष वसंत पंचमी 30 जनवरी दिन गुरुवार को है।इस साल माघ मास शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 29 जनवरी सुबह 10 बजकर 46 मिनट पर शुरू होगी और 30 जनवरी दोपहर 1:20 बजे तक रहेगी। इस साल वीरवार 30 जनवरी पंचमी तिथि सूर्य उदय व्यापिनी होने के कारण वसंत पंचमी पर्व 30 जनवरी को ही मनाना शुभ होगा। इस दिन जम्मू के मथवार में बाबा बल्लो जी देव स्थान पर मेला लगता है।
महंत रोहित शास्त्री के अनुसार विद्यारंभ करने का शुभ दिन है वसंत पंचमी। इस दिन ऋ तुराज बसंत का आगमन हो जाता है। इस दिन देवी सरस्वती के साथ कामदेव और रति की पूजा का भी विधान है। उन्होंने बताया कि संत पंचमी को व्यापारी लोग श्री लक्ष्मीनारायण जी की पूजा करते हैं। विद्यार्थी इस दिन किताब-कॉपी और पाठ्य सामग्री की भी पूजा करते हैं।
कवि, लेखक, गायक, वादक, नाटककार हों या नृत्यकार सभी इस दिन का प्रारंभ अपने उपकरणों और यंत्रों की पूजा और मां सरस्वती की वंदना से करते हैं। इस दिन कई स्थानों पर शिशुओं को पहला अक्षर लिखना सिखाया जाता है। इसका कारण यह है कि इस दिन को विद्या आरंभ करने के लिए शुभ माना जाता है। वसंत पंचमी के दिन सिद्ध मुहूर्त माना गया है यानी इस दिन बिना मुहूर्त देखे कोई भी शुभ कार्य कर सकते हैं। जैसे यज्ञोपवीत संस्कार, मुंडन संस्कार, वाहन लेना, भूमि लेना, गृहप्रवेश आदि शुभ कार्य कर सकते हैं।
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महंत रोहित शास्त्री के अनुसार विद्यारंभ करने का शुभ दिन है वसंत पंचमी। इस दिन ऋ तुराज बसंत का आगमन हो जाता है। इस दिन देवी सरस्वती के साथ कामदेव और रति की पूजा का भी विधान है। उन्होंने बताया कि संत पंचमी को व्यापारी लोग श्री लक्ष्मीनारायण जी की पूजा करते हैं। विद्यार्थी इस दिन किताब-कॉपी और पाठ्य सामग्री की भी पूजा करते हैं।
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कवि, लेखक, गायक, वादक, नाटककार हों या नृत्यकार सभी इस दिन का प्रारंभ अपने उपकरणों और यंत्रों की पूजा और मां सरस्वती की वंदना से करते हैं। इस दिन कई स्थानों पर शिशुओं को पहला अक्षर लिखना सिखाया जाता है। इसका कारण यह है कि इस दिन को विद्या आरंभ करने के लिए शुभ माना जाता है। वसंत पंचमी के दिन सिद्ध मुहूर्त माना गया है यानी इस दिन बिना मुहूर्त देखे कोई भी शुभ कार्य कर सकते हैं। जैसे यज्ञोपवीत संस्कार, मुंडन संस्कार, वाहन लेना, भूमि लेना, गृहप्रवेश आदि शुभ कार्य कर सकते हैं।
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