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आतंक पर प्रहार : पुंछ के सावजियां में 12 से अधिक घरों पर ताबड़तोड़ छापे
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- सुरक्षाबलों ने पाकिस्तान और पीओके में छिपे आतंकियों और उनके मददगारों के ठिकानों को खंगाला
- तलाशी में कोई संदिग्ध या आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली
संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकियों और उनके मददगारों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियां लगातार शिंकजा कस रही हैं। इस कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने रविवार को पुंछ जिले में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में छिपे बैठे आतंकियों और उनके मददगारों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे। जिले की मंडी तहसील में नियंत्रण रेखा से सटे सावजियां सेक्टर में 12 से अधिक घरों को खंगाला गया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और अन्य सुरक्षाबलों के जवानों ने यह संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, कहीं से भी किसी प्रकार की कोई संदिग्ध या आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रविवार सुबह एसएसपी पुंछ शफकत हुसैन, एएसपी मोहन शर्मा और डीएसपी ऑपरेशन सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में सुरक्षाबलों की टीमों ने सावजियां में घरों की तलाशी ली। यह कार्रवाई आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। दिन भर चले अभियान में पीओके और पाकिस्तान में डेरा डाले पुंछ के आतंकियों के ठिकानों को खंगाला गया। जिले का सावजियां इलाका एलओसी से सटा है। आतंकवाद के दाैर में यहां से कई आतंकी मददगार सुरक्षाबलों की कार्रवाई से बचने के लिए पीओके और पाकिस्तान में भाग गए थे। अब ये लोग उस पार से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने में लगे हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियां इनके खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहीं हैं।
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मई से अभियान किया गया तेज
- बीते माह भी सुरक्षाबलों ने जिले के सावजियां, गगड़ियां और उढीपुरा में तीन आतंकी मददगारों के घरों की तलाशी ली थी। इसमें तीन मोबाइल फोन और कुछ दस्तावेज जब्त किए गए थे।
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-11 मई को अनंतनाग, पुलवामा, कुलगाम और शोपियां समेत 20 स्थानों पर छापे मारे गए थे। इस कार्रवाई में लश्कर-ए ताइबा और जैश-ए मोहम्मद के कमांडरों के इशारे पर काम कर रहे लोगों के घर खंगाले गए थे। कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी।
- 24 मई को राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने भी सावजियां क्षेत्र में नारको टेरर के मामले में दो घरों में दबिश दी थी। इस कार्रवाई में जम्मू संभाग में आतंकियों और उनके मददगारों के 18 ठिकानों को खंगाला गया था। एसआईए ने कई डिवाइस और दस्तावेज जब्त किए थे।
- 17 मई को एसआईए ने मध्य और उत्तरी कश्मीर में स्लीपर सेल माॅड्यूल से जुड़े 11 ठिकानों पर छापे मारे थे। कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था।
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आतंकवाद को जिंदा रखने के लिए नारको आतंकवाद का सहारा
सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को जिंदा रखने के लिए पाकिस्तान नारको आतंकवाद का सहारा ले रहा है। सीमा पार से आतंकी घुसपैठ कराने के साथ नशीले पदार्थ भेजे जा रहे हैं। नशे से अर्जित पैसे का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में किया जा रहा है। इस मामले में सुरक्षा एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
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- तलाशी में कोई संदिग्ध या आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली
संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकियों और उनके मददगारों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियां लगातार शिंकजा कस रही हैं। इस कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने रविवार को पुंछ जिले में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में छिपे बैठे आतंकियों और उनके मददगारों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे। जिले की मंडी तहसील में नियंत्रण रेखा से सटे सावजियां सेक्टर में 12 से अधिक घरों को खंगाला गया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और अन्य सुरक्षाबलों के जवानों ने यह संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, कहीं से भी किसी प्रकार की कोई संदिग्ध या आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रविवार सुबह एसएसपी पुंछ शफकत हुसैन, एएसपी मोहन शर्मा और डीएसपी ऑपरेशन सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में सुरक्षाबलों की टीमों ने सावजियां में घरों की तलाशी ली। यह कार्रवाई आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। दिन भर चले अभियान में पीओके और पाकिस्तान में डेरा डाले पुंछ के आतंकियों के ठिकानों को खंगाला गया। जिले का सावजियां इलाका एलओसी से सटा है। आतंकवाद के दाैर में यहां से कई आतंकी मददगार सुरक्षाबलों की कार्रवाई से बचने के लिए पीओके और पाकिस्तान में भाग गए थे। अब ये लोग उस पार से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने में लगे हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियां इनके खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहीं हैं।
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मई से अभियान किया गया तेज
- बीते माह भी सुरक्षाबलों ने जिले के सावजियां, गगड़ियां और उढीपुरा में तीन आतंकी मददगारों के घरों की तलाशी ली थी। इसमें तीन मोबाइल फोन और कुछ दस्तावेज जब्त किए गए थे।
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-11 मई को अनंतनाग, पुलवामा, कुलगाम और शोपियां समेत 20 स्थानों पर छापे मारे गए थे। इस कार्रवाई में लश्कर-ए ताइबा और जैश-ए मोहम्मद के कमांडरों के इशारे पर काम कर रहे लोगों के घर खंगाले गए थे। कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी।
- 24 मई को राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने भी सावजियां क्षेत्र में नारको टेरर के मामले में दो घरों में दबिश दी थी। इस कार्रवाई में जम्मू संभाग में आतंकियों और उनके मददगारों के 18 ठिकानों को खंगाला गया था। एसआईए ने कई डिवाइस और दस्तावेज जब्त किए थे।
- 17 मई को एसआईए ने मध्य और उत्तरी कश्मीर में स्लीपर सेल माॅड्यूल से जुड़े 11 ठिकानों पर छापे मारे थे। कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था।
आतंकवाद को जिंदा रखने के लिए नारको आतंकवाद का सहारा
सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को जिंदा रखने के लिए पाकिस्तान नारको आतंकवाद का सहारा ले रहा है। सीमा पार से आतंकी घुसपैठ कराने के साथ नशीले पदार्थ भेजे जा रहे हैं। नशे से अर्जित पैसे का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में किया जा रहा है। इस मामले में सुरक्षा एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं।