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Article 370: खुले निवेश के नए द्वार, 80 हजार करोड़ से अधिक के आए प्रस्ताव,1700 औद्योगिक इकाइयों को मंजूरी
Sat, 05 Aug 2023 01:31 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमित कुमार, जम्मू
अमित कुमार, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Sat, 05 Aug 2023 01:31 PM IST
सार
औद्योगिक विकास के क्षेत्र में अब तक देश विदेश से 80122 करोड़ रुपये के 5973 निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं। सरकार की ओर से करीब 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश के लिए करीब 1770 औद्योगिक इकाइयों को मंजूरी दी गई है।
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के साथ बंदिशें हटने के बाद निवेश को बढ़ावा मिला है। औद्योगिक क्षेत्र में स्वदेश और विदेशी निवेश के नए द्वार खुले हैं। कई नामी विदेशी कंपनियों से जम्मू कश्मीर में विभिन्न क्षेत्रों में करार हुए हैं। खासतौर पर कृषि, फार्मा, जैसे क्षेत्रों में निवेशकों ने अधिक रुझान दिखाया है।
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औद्योगिक विकास के क्षेत्र में अब तक देश विदेश से 80122 करोड़ रुपये के 5973 निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं। सरकार की ओर से करीब 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश के लिए करीब 1770 औद्योगिक इकाइयों को मंजूरी दी गई है।
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आजादी के बाद से जम्मू-कश्मीर के औद्योगिक क्षेत्र में निजी क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा निवेश आया है। सरकार का दावा है कि जम्मू-कश्मीर में 130 औद्योगिक इकाइयों को शुरू कर दिया गया है, जिसमें जम्मू संभाग में 88 और कश्मीर संभाग में 42 इकाइयां हैं। अगले एक दो साल में दर्जनों और औद्योगिक इकाइयां उत्पादन करना शुरू कर देंगी।
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दुबई इमार समूह की ओर से 500 करोड़ रुपये की लागत से श्रीनगर में 10 लाख स्कवेयर फीट पर माॅल का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ 3000 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश जल्द होने वाला है। जम्मू-कश्मीर में 2021 को केंद्र सरकार की ओर से घोषित नई औद्योगिक नीति के बाद बाहरी निवेश को लाने के लिए उचित प्रयास किए गए हैं।
पिछले चार साल में 7.7 लाख उद्यमियों ने खुद को पंजीकृत कराया है, जिससे रोजाना 500 से अधिक युवा उद्यमी लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योग से जुड़ रहे हैं। हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर के औद्योगिक विकास की समीक्षा करते हुए इसे बढ़ावा देने पर जोर दिया था।
सरकार के पास कई निजी औद्योगिक संपदाओं को स्थापित करने के प्रस्ताव आए हैं। सरकार का दावा है कि वर्ष 2023-24 में 5500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्राप्त करने वाली औद्योगिक इकाइयों ने काम करना शुरू कर दिया है। ये उद्यम भविष्य में हजारों युवाओं को रोजगार देने में सक्षम बनेंगे। सरकार ने एकल खिड़की पोर्टल पर 18 विभागों की 167 सेवाएं उपलब्ध करवाने की पहल की है।
विशेष रूप से नई औद्योगिक नीति में अगले 15 वर्षों के लिए जम्मू कश्मीर के औद्योगिक विकास पर 28400 करोड़ रुपये (284 अरब रुपये) का व्यय परिव्यय है, जो अब तक का सबसे बड़ा प्रोत्साहन होगा। इससे पहले जम्मू कश्मीर में 1995, 1998, 2004, 2016 में औद्योगिक नीतियां लाई गईं।
प्रदेश में 19 नई औद्योगिक संपदाएं विकसित होंगी
जम्मू। जम्मू कश्मीर में 19 नई औद्योगिक संपदाओं की पहचान की गई है। इसमें 10 पर काम किया जा रहा है। इन संपदाओं के विकास की जिम्मेदारी सिकाप, एनबीसीसी और इरकाॅन को सौंपी गई है। जम्मू संभाग में औद्योगिक संपदा सहर लगेट (कठुआ) में सबसे अधिक 761 कनाल भूमि अलॉट की गई है।
इरकॉन द्वारा तैयार की जा रही इस संपदा में 1141 करोड़ रुपये का निवेश आएगा और इसमें 22 निवेशकों को भूमि अलाट की गई है। नई औद्योगिक संपदाओं में अधिकांश इकाइयों में 2024 और 2025 से उत्पादन शुरू हो जाएगा।