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भूकंप से निपटने के इंतजाम बताए सरकार: हाईकोर्ट
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Tue, 07 Jun 2016 07:39 PM IST
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जनहित याचिका पर संज्ञान लेकर कोर्ट ने जारी किया नोटिस
- फोटो : Demo Pic.
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रियासत में बड़े भूकंप की आशंका जताने वाली रिपोर्ट का हवाला देकर दायर की गई जनहित याचिका का कोर्ट ने संज्ञान लिया है।
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने केंद्रीय गृह सचिव, नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट कमेटी के वाइस चेयरमैन, जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव और वित्त आयुक्त राजस्व को नोटिस जारी किया है।
जस्टिस रामालिंगम सुधाकर और जस्टिस बीएस वालिया की खंडपीठ ने आदेश के माध्यम से अधिकारियों को 27 जून से शुरू हो रहे सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। कृपाल चंद द्वारा दायर की गई जनहित याचिका का पक्ष रखते हुए एडवोकेट मुनीश शर्मा ने कहा कुछ दिन पहले ही एक रिपोर्ट के हवाले से समाचार पत्रों में भूकंप की आशंका जताई गई।
रिपोर्ट के अनुसार जम्मू कश्मीर में बड़े पैमाने पर भूकंप आ सकता है, जिससे व्यापक नुकसान हो सकता है। एडवोकेट मुनीश शर्मा ने कहा जम्मू कश्मीर के इकोलॉजी, इनवायरनमेंट एंड रिमोट सेंसिंग विभाग द्वारा तैयार की गई डिजास्टर एंड हैजर्ड प्रोफाइल के तहत जम्मू कश्मीर को भूकंप संवेदनशीलता की चौथी और पांचवीं श्रेणी में रखा गया है।
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पूरे देश में कश्मीर और लद्दाख इलाका सबसे ज्यादा संवेदनशील है जो श्रेणी पांच में आता है। वहीं जम्मू संभाग चौथी श्रेणी में आता है। ऐसे में सरकार को भूगर्भीय हलचल से उपजने वाली आपदा के संकट को देखते हुए जरूरी इंतजाम करने चाहिएं। जेएनएफ
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हाईकोर्ट की खंडपीठ ने केंद्रीय गृह सचिव, नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट कमेटी के वाइस चेयरमैन, जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव और वित्त आयुक्त राजस्व को नोटिस जारी किया है।
जस्टिस रामालिंगम सुधाकर और जस्टिस बीएस वालिया की खंडपीठ ने आदेश के माध्यम से अधिकारियों को 27 जून से शुरू हो रहे सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। कृपाल चंद द्वारा दायर की गई जनहित याचिका का पक्ष रखते हुए एडवोकेट मुनीश शर्मा ने कहा कुछ दिन पहले ही एक रिपोर्ट के हवाले से समाचार पत्रों में भूकंप की आशंका जताई गई।
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रिपोर्ट के अनुसार जम्मू कश्मीर में बड़े पैमाने पर भूकंप आ सकता है, जिससे व्यापक नुकसान हो सकता है। एडवोकेट मुनीश शर्मा ने कहा जम्मू कश्मीर के इकोलॉजी, इनवायरनमेंट एंड रिमोट सेंसिंग विभाग द्वारा तैयार की गई डिजास्टर एंड हैजर्ड प्रोफाइल के तहत जम्मू कश्मीर को भूकंप संवेदनशीलता की चौथी और पांचवीं श्रेणी में रखा गया है।
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पूरे देश में कश्मीर और लद्दाख इलाका सबसे ज्यादा संवेदनशील है जो श्रेणी पांच में आता है। वहीं जम्मू संभाग चौथी श्रेणी में आता है। ऐसे में सरकार को भूगर्भीय हलचल से उपजने वाली आपदा के संकट को देखते हुए जरूरी इंतजाम करने चाहिएं। जेएनएफ