सेना ने कहा: घाटी में अभी करीब 200 आतंकी, साल के अंत तक कम कर देंगे संख्या
कश्मीर घाटी में आतंकियों की संख्या और संघर्षविराम को लेकर सेना का बड़ा बयान आया है।
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घाटी में करीब 200 आतंकी हैं। उम्मीद है कि हम साल के अंत तक संख्या कम कर देंगे। संघर्षविराम केवल इसलिए हुआ है क्योंकि यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि नियंत्रण रेखा पर हमारे लोग शांतिपूर्ण रहें और उनकी देखभाल की जाए। हर बार संघर्ष विराम के उल्लंघन में निशाने पर हमारे लोग रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से संबंधित हिंसा में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। आपराधिक तत्व सीमा पार से नियंत्रित होते हैं। देश के भीतर दुश्मन निहत्थे लोगों को मारकर लोगों में डर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। श्रीनगर और घाटी में अन्य जगहों पर हाल में हुए हमले आपराधिक प्रकृति की हैं। ये बातें 15 कोर के जीओसी, लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा इलाके में सेना द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहीं।
लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने कहा कि इन दिनों सामने आ रही घटनाओं में कुछ आपराधिक तत्व निहत्थे सुरक्षा कर्मियों या नागरिकों को मार रहे हैं। इन कृत्यों को आतंकवादी घटनाएं नहीं कहा जा सकता है। आतंकवादियों द्वारा भय का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। इसी साजिश के तहत कश्मीर में शांति और विकास को बाधित करने के लिए निर्दोष लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई। आपराधिक तत्वों को सीमा पार से और कुछ को भीतर के दुश्मनों द्वारा नियंत्रित किया जाता है। दुश्मन शांति, स्थिरता और विकास से इतने निराश हैं कि वे दुकानदारों, राजनेताओं और निहत्थे पुलिसकर्मियों को मार रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां इन घटनाओं पर काम कर रही हैं, उम्मीद है कि उन्हें रोका जाएगा।
कहा कि करीब 20-25 साल पहले जब यहां एक चुनौती थी, तो सेना की आवश्यकता थी। लेकिन आज, विशेष रूप से पिछले दो-तीन वर्षों में, मैंने नागरिक प्रशासन से एक असाधारण पहुंच देखी है जिसमें उपायुक्त, पुलिस और हर कोई वैसा ही काम कर रहा है जैसा उन्हें करना चाहिए था। बता दें कि सेना ने हंदवाड़ा के बडकोट में आर्मी गुडविल स्कूल का नाम बदलकर कर्नल आशुतोष शर्मा के नाम पर रखने के लिए एक समारोह का आयोजन किया था।
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