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Amarnath Yatra: फिर गूंजा 'बम-बम भोले', छह दिन तक रुकी रही अमरनाथ यात्रा, इसलिए बंद थे बाबा बर्फानी के रास्ते
Sat, 25 Jul 2026 09:15 AM IST
Sharukh Khan
एएनआई, जम्मू
एएनआई, जम्मू
Published by: Sharukh Khan
Updated Sat, 25 Jul 2026 09:15 AM IST
सार
लगातार भारी बारिश के कारण छह दिन के निलंबन के बाद वार्षिक श्रीअमरनाथ यात्रा शनिवार को फिर से शुरू हो गई। यात्रा फिर से शुरू होने पर श्रद्धालुओं ने खुशी व्यक्त की। उन्होंने अपनी सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की।
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Amarnath Yatra
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
भारी बारिश और खराब मौसम के कारण छह दिन तक रुकी रही अमरनाथ यात्रा शनिवार को फिर से शुरू हो गई। तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से बम-बम भोले के नारे लगाते हुए कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुआ। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा भारी बारिश की चेतावनी जारी करने के बाद, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 19 जुलाई को यात्रा रोक दी थी। यह रोक तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगाई गई थी।
तीर्थयात्रियों का काफिला सुबह-सुबह जम्मू बेस कैंप से निकला। वे कश्मीर घाटी की ओर बढ़ते हुए सफलतापूर्वक उधमपुर से आगे निकल गए। अधिकारियों ने जम्मू बेस कैंप से निकलने वाले तीर्थयात्रियों को केवल बालटाल मार्ग से यात्रा करने की अनुमति दी है। वैकल्पिक पहलगाम मार्ग आवाजाही के लिए बंद है। खराब मौसम उस इलाके में रास्ते की स्थिति को प्रभावित कर रहा है।
छह दिन के निलंबन के बाद मौसम और ज़मीनी हालात की समीक्षा की गई। इसके बाद यात्रा फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया। 57 दिनों की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई थी। यह यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के मौके पर समाप्त होगी। सालाना अमरनाथ यात्रा में देश भर से हजारों श्रद्धालु दक्षिण कश्मीर में पवित्र गुफा मंदिर की यात्रा करते हैं।
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तीर्थयात्रियों का काफिला सुबह-सुबह जम्मू बेस कैंप से निकला। वे कश्मीर घाटी की ओर बढ़ते हुए सफलतापूर्वक उधमपुर से आगे निकल गए। अधिकारियों ने जम्मू बेस कैंप से निकलने वाले तीर्थयात्रियों को केवल बालटाल मार्ग से यात्रा करने की अनुमति दी है। वैकल्पिक पहलगाम मार्ग आवाजाही के लिए बंद है। खराब मौसम उस इलाके में रास्ते की स्थिति को प्रभावित कर रहा है।
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छह दिन के निलंबन के बाद मौसम और ज़मीनी हालात की समीक्षा की गई। इसके बाद यात्रा फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया। 57 दिनों की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई थी। यह यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के मौके पर समाप्त होगी। सालाना अमरनाथ यात्रा में देश भर से हजारों श्रद्धालु दक्षिण कश्मीर में पवित्र गुफा मंदिर की यात्रा करते हैं।
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डोडा ज़िले में भारी बारिश का असर
इस बीच, डोडा ज़िले में लगातार भारी बारिश जारी है। इसके कारण डोडा-पुल डोडा रोड और पुल डोडा-घाट GMC रोड को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। कई संपर्क मार्ग भी बंद हो गए हैं। डोडा के उपायुक्त कृष्ण लाल ने बताया कि स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है। ज़िले में नदियां और नाले उफान पर हैं। जलस्तर बढ़ने के बाद नदी के पास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
इस बीच, डोडा ज़िले में लगातार भारी बारिश जारी है। इसके कारण डोडा-पुल डोडा रोड और पुल डोडा-घाट GMC रोड को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। कई संपर्क मार्ग भी बंद हो गए हैं। डोडा के उपायुक्त कृष्ण लाल ने बताया कि स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है। ज़िले में नदियां और नाले उफान पर हैं। जलस्तर बढ़ने के बाद नदी के पास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
बंद सड़कें और बहाली का काम
कृष्ण लाल ने जानकारी दी कि लगातार बारिश के कारण डोडा ज़िले में 56 अंदरूनी सड़कें बंद हैं। इन सड़कों को खोलने के लिए बहाली का काम चल रहा है। प्रशासन जल्द से जल्द इन मार्गों को बहाल करने का प्रयास कर रहा है। खराब मौसम के कारण बहाली के काम में चुनौतियां आ रही हैं। स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कृष्ण लाल ने जानकारी दी कि लगातार बारिश के कारण डोडा ज़िले में 56 अंदरूनी सड़कें बंद हैं। इन सड़कों को खोलने के लिए बहाली का काम चल रहा है। प्रशासन जल्द से जल्द इन मार्गों को बहाल करने का प्रयास कर रहा है। खराब मौसम के कारण बहाली के काम में चुनौतियां आ रही हैं। स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
झेलम नदी का जलस्तर और बांध प्रबंधन
इसके अलावा, झेलम नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। भारी बारिश के बाद पानी के बढ़े हुए बहाव को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए गए हैं। जम्मू-कश्मीर के रामबन ज़िले में बगलीहार जलविद्युत परियोजना बांध के कई गेट खोल दिए गए हैं। यह कदम जलस्तर को सामान्य बनाए रखने के लिए उठाया गया है। इससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा कम होगा।
इसके अलावा, झेलम नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। भारी बारिश के बाद पानी के बढ़े हुए बहाव को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए गए हैं। जम्मू-कश्मीर के रामबन ज़िले में बगलीहार जलविद्युत परियोजना बांध के कई गेट खोल दिए गए हैं। यह कदम जलस्तर को सामान्य बनाए रखने के लिए उठाया गया है। इससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा कम होगा।