Amarnath Yatra : बम बम भोले के जयघोष के साथ फिर शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, डेढ़ लाख से अधिक ने किए दर्शन
श्री अमरनाथ यात्रा रविवार को एक बार फिर शुरू हो गई है। रविवार तड़के आधार शिविर पहलगाम और बालटाल से पवित्र गुफा के लिए भोले के भक्तों का जत्था रवाना हुआ।
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मौसम अनुकूल होने के साथ ही रविवार को एक बार फिर श्री अमरनाथ यात्रा शुरू हो गई है। रविवार तड़के आधार शिविर पहलगाम और बालटाल से पवित्र गुफा के लिए भोले के भक्तों का जत्था रवाना हुआ। बम बम भोले, जय बाबा बर्फानी के जयघोष लगाते हुए तीर्थयात्रियों ने अपनी यात्रा शुरू की। वहीं, जम्मू से भी एक और जत्था घाटी के लिए रवाना हुआ।
जम्मू से 6,145 अमरनाथ यात्री घाटी के लिए रवाना
वार्षिक अमरनाथ यात्रा में शामिल होने के लिए जम्मू के आधार शिविर भगवती नगर से छह हजार से अधिक तीर्थयात्रियों का जत्था रविवार तड़के रवाना हुआ। 6,145 तीर्थयात्रियों का दसवां जत्था 238 वाहनों में सवार होकर दो अलग-अलग काफिलों में भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुआ।
2,697 तीर्थयात्रियों को लेकर 115 वाहनों का पहला काफिला सुबह करीब 3.10 बजे गांदरबल जिले के बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुआ, जबकि 3,448 तीर्थयात्रियों के साथ 123 वाहनों का दूसरा काफिला अनंतनाग जिले के पहलगाम आधार शिविर के लिए रवाना हुआ।
मध्य प्रदेश के इंदौर की तीर्थयात्री मोनिका ने कहा, 'हम बहुत उत्साहित हैं। हमने अचानक योजना बनाई। निश्चित रूप से, भगवान ने हमें बुलाया है। यहां व्यवस्थाएं बहुत अच्छी हैं। यहां कोई समस्या नहीं है। प्रशासन हमारा अच्छे से ख्याल रख रहा है।'
हैदराबाद के एक अन्य तीर्थयात्री विजय भास्कर ने अमरनाथ यात्रा पर अपना उत्साह व्यक्त किया और कहा कि वह भगवान शिव के एक रूप बाबा अमरनाथ की एक झलक पाने के लिए उत्सुक हैं।
भास्कर ने बताया, 'मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। मैं बाबा अमरनाथ की एक झलक पाने के लिए उत्सुक हूं। मैं तीर्थयात्रियों के लिए बेहतरीन व्यवस्था करने के लिए सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं।'
इस साल यात्रा 29 जून को शुरू हुई और 19 अगस्त को समाप्त होगी, जो 52 दिनों तक चलेगी। 52 दिनों की यह यात्रा 29 जून को शुरू हुई है। अब तक देशभर से 1.60 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुकी हैं।
अमरनाथ यात्रा के लिए 2475 भक्तों का पंजीकरण, 2850 टोकन दिए
जम्मू शहर में चारों तरफ हर-हर महादेव के जयकारे लग रहे हैं। भक्तजन पंजीकरण और टोकन लेने के लिए धूप व बारिश तक ही परवाह नहीं कर रहे। सरस्वती धाम में टोकन पाने के लिए श्रद्धालु रात में कतारों में बैठ जाते हैं जबकि पंजीकरण व टोकन प्रकिया सुबह छह बजे आरंभ होती है।
जम्मू के पांच पंजीकरण केंद्रों में शनिवार को 2475 भक्तों का पंजीकरण हुआ। वहीं 2850 टोकन वितरित किए गए। सात जुलाई के लिए केवल 350 टोकन दिए गए, जो बालटाल मार्ग से यात्रा के लिए हैं। आठ जुलाई के लिए 2500 टोकन दिए गए। पहलगाम मार्ग के लिए 1250 टोकन और बालटाल के लिए 1250 टोकन दिए गए हैं।
वैष्णवी धाम में कुल 766 पंजीकरण हुए। इसमें 538 पुरुष और 228 महिलाएं शामिल रहीं। महाजन हाल में कुल 849 टोकन दिए गए । इसमें 624 पुरुषों और 225 महिलाओं का पंजीकरण यात्रा के लिए किया गया। पंचायत भवन में 622 भक्तों का पंजीकरण हुआ। यहां 493 पुरुषों और 129 महिलाओं को पंजीकृत किया गया। वहीं गीता भवन में 26 साधुओं और 26 साध्वियों का पंजीकरण किया गया। श्रीराम मंदिर में 174 साधुओं और 12 साध्वियों का पंजीकरण हुआ।
अमरनाथ यात्रा तक ई-रिक्शा का किराया प्रति किलोमीटर दस रुपये तय
ई-रिक्शा चालकों द्वारा यात्री किराए को लेकर की जारी मनमानी को देखते हुए परिवहन विभाग ने ई-रिक्शा का किराया तय कर लिया है। अब हर किलोमीटर पर दस रुपये किराया होगा। यानी की अगर एक किमी तक का सफर करते है तो किराया दस रुपये होगा। परिवहन विभाग ने एक व्यवस्था श्री अमरनाथ यात्रा तक प्रभावी रखने का फैसला लिया है। इसको लेकर परिवहन आयुक्त ने आदेश जारी किया है।
जम्मू शहर में तीन हजार से अधिक ई-रिक्शा का परिचालन होता है। ई-रिक्शा का किराया तय न होने के कारण चालक मनमाना किराया वसूलते है। पांच किमी तक के सफर के लिए 150 से 200 रुपये वसूलते है। इन दिनाे अमरनाथ यात्रा चल रही है। शहर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे है।
जम्मू रेलवे स्टेशन से यात्री निवासी तक ई-रिक्शा 150 से 200 रुपये वसूल रहे है। वहीं एशिया चौक से भगवती नगर तक 100 रुपये किराया लिया जा रहा है। निगरानी न होने से ई-रिक्शा चालकों की मनमानी बढ़ती जा रही है जिसके देखते हुए अब परिवहन विभाग ने किराया तय करने का फैसला लिया है। साथ ही जम्मू और कश्मीर संभाग के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) को विस्तृत किराया सूची तय कर सार्वजनिक स्थानों पर प्रकाशित करने को है ताकि आम लोगों को तय किए किराए की जानकारी हो।