{"_id":"64a18c5b0efd91a6d7013279","slug":"amarnath-yatra-quadcopters-night-vision-devices-used-for-24-hour-surveillance-on-both-routes-2023-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमरनाथ यात्रा: दोनों मार्गों पर 24 घंटे निगरानी के लिए क्वाडकॉप्टर, नाइट विजन उपकरणों का उपयोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमरनाथ यात्रा: दोनों मार्गों पर 24 घंटे निगरानी के लिए क्वाडकॉप्टर, नाइट विजन उपकरणों का उपयोग
Sun, 02 Jul 2023 08:10 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाल नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाल नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Sun, 02 Jul 2023 08:10 PM IST
सार
अमरनाथ जी यात्रा के दोनों मार्गों पर चौबीसों घंटे निगरानी के लिए क्वाडकॉप्टर और नाइट विजन उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही ट्रैक्स की सर्विलांस के लिए भारतीय सेना की स्पेशल फोर्सेज और स्नाइपर भी तैनात किए गए हैं।
विज्ञापन
बालटाल से अमरनाथ गुफा की तरफ रवान होते श्रद्धालु
- फोटो : बासित जरगर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सेना ने कहा कि इस साल किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया पर विशेष ध्यान देने के साथ अतिरिक्त सुरक्षा सुविधाओं को सुनिश्चित किया गया है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अमरनाथ जी यात्रा के दोनों मार्गों पर चौबीसों घंटे निगरानी के लिए क्वाडकॉप्टर और नाइट विजन उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही ट्रैक्स की सर्विलांस के लिए भारतीय सेना की स्पेशल फोर्सेज और स्नाइपर भी तैनात किए गए हैं।
विज्ञापन
बालटाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सेना की 3 सेक्टर आरआर के कमांडर ब्रिगेडियर अतुल राजपूत ने कहा, इस वर्ष भी सेना ने यात्रा के लिए मज़बूत और गतिशील सुरक्षा ग्रिड स्थापित करने के लिए काफी कदम उठाए हैं। हमने सुनिश्चित किया है कि मल्टी लेवल सुरक्षा ग्रिड स्थापित किया जाए। पहाड़ों पर नियंत्रण, यात्रा मार्गों की सुरक्षा और हमारे नए जो नाइट विज़न डिवाइसिस हैं उनको चौबीसों घंटे हम इस्तेमाल में लाएं और एक सुरक्षित वातावरण दें।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि सेना की स्पेशल फोर्सेज पूरी यात्रा पर नज़र रखे हुए हैं और पूरी तरह सर्विलांस कर रहे हैं। ब्रिगेडियर अतुल राजपूत ने कहा, हमने इस पार अपने स्नाइपर, एंटी-ड्रोन टीम, बोम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वाड को भी तैनात किया है।
यात्रा के दौरान किसी तरह किसी को दिक्कत न आए इसलिए हमने पहले ही टेंट सिटीज तैयार की है, ताकि अगर यात्रियों की संख्या कभी बढ़ती है या किसी आपातकालीन स्थिति के दौरान यात्रियों को वहां रखा जा सके। हमने आपात चिकित्सा स्थिति के लिए भी यात्रा मार्ग के साथ हर जगह हेलीपैड बनाए हैं।
ब्रिगेडियर अतुल ने बताया कि सभी एजेंसियों ने मिलकर माउंटेन ट्रेनिंग और एवलांच रेस्क्यू ट्रेनिंग की है। पिछले वर्ष बादल फटने के कारण पैदा हुई स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए मॉक ड्रिल भी अंजाम दी गई हैं। पहले से ही बुलडोज़र और अन्य मशीनों को आगे तैनात किया गया है।
बाहर के लोगों को स्थानीय संस्कृति कश्मीरियत दिखाने का बड़ा अवसर
ब्रिगेडियर अतुल ने कहा कि यह बाहर के लोगों को स्थानीय संस्कृति और कश्मीरियत दिखाने का बहुत बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना सभी यात्रियों के लिए सुरक्षित, संरक्षित और आध्यात्मिक रूप से सम्पूर्ण यात्रा की कामना करते हैं। ब्रिगेडियर ने कहा कि हम सबको आश्वस्त करते हैं कि जबतक अंतिम यात्री अमरनाथ जी की यात्रा से सुरक्षित वापसी नहीं लौटता तब तक हम उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए तत्पर हैं।
वहीं पहलगाम में टेक हेडक्वार्टर में सेना की 1 सेक्टर आरआर के कमांडर ब्रिगेडियर अमनदीप मलहि ने कहा, पहलगाम अमरनाथ यात्रा का पारंपरिक मार्ग है जो चंदनवाड़ी से लेकर पवित्र गुफा तक 32 किलोमीटर लंबा मार्ग है। हमारी ओर से पहाड़ी इलाकों, अंदरूनी इलाकों और बनिहाल से पवित्र गुफा तक के रास्ते पर फूलप्रूफ सुरक्षा के प्रबंध किए गए हैं।
ब्रिगेडियर अमनदीप मलहि ने कहा कि हमारी माउंटेन और एवलांच रेस्क्यू टीमें स्लाइड प्रवण क्षेत्रों में पहले से तैनात की गई हैं और वह हर स्थिति से निपटने के लिए सक्षम हैं। सेना ने पंचतरणी और नुनवान में टेंट लगाए हैं, ताकि यात्रियों को सुविधा मिल पाएगी।