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अमरनाथ यात्रा : भक्तों को हेलिकाॅप्टर बुकिंग का बेसब्री से इंतजार
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- पहलगाम रूट के लिए नई एजेंसी की तलाश
- अब तक 3.20 लाख श्रद्धालु अग्रिम पंजीकरण करवा चुके
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। 29 जून से शुरू हो रही श्री अमरनाथ यात्रा 2024 के लिए शिवभक्तों को बेसब्री से ऑनलाइन हेलिकाॅप्टर टिकट बुकिंग शुरू होने का इंतजार है। अभी तक श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से यह सुविधा शुरू नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, पहलगाम रूट से एम/एस हेरिटेज एविएशन प्राइवेट लिमिटेड से बोर्ड की बात न बनने से आनलाइन हेलिकाॅप्टर टिकट बुकिंग सेवा को शुरू करने में देरी हो रही है। इस रूट के लिए किसी दूसरी एजेंसी को भी लेने के प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक पारंपरिक बालटाल और पहलगाम रूट के लिए करीब 3.20 लाख श्रद्धालुओं ने अग्रिम यात्री पंजीकरण करवा लिया है।
अमरनाथ यात्रा में पैदल यात्रा के साथ हेलिकाॅप्टर से यात्रा करना श्रद्धालुओं के लिए सुगम रहता है। इसमें एक ही दिन पर यात्री बाबा बर्फानी के दर्शन करके लौट सकते हैं। जिससे वे यात्रा का अन्य समय कश्मीर के पर्यटन व धार्मिक स्थलों पर बिताते हैं। हेलिकाॅप्टर से यात्रा के लिए बालटाल रूट पर नीलग्रथ-पंजतरणी-नीलग्रथ का ट्रैक रहता है। इसमें एक ही दिन में यात्री पवित्र गुफा में दर्शन करके लौट आते हैं। इसी तरह पहलगाम के लिए पहलगाम-पंजतरणी-पहलगाम रूट रहता है। इसके अलावा श्रीनगर के लिए श्रीनगर-पहलगाम-श्रीनगर और श्रीनगर-नीलग्रथ-श्रीनगर रूट रहता है। हेलिकाॅप्टर टिकट बुकिंग की सुविधा श्राइन बोर्ड की आधिकारिक पोर्टल पर ही होती है। हेलिकाॅप्टर टिकट ही यात्री का पंजीकरण माना जाता है। हालांकि इसके लिए स्वास्थ्य अनिवार्य प्रमाणपत्र जरूरी है। देशभर की 540 बैंक शाखाओं में अग्रिम यात्री पंजीकरण प्रक्रिया जारी है, जिसमें जम्मू-कश्मीर में 21 शाखाओं में पंजीकरण किए जा रहे हैं। पारंपरिक पहलगाम और बालटाल रूट से रोजाना 10-10 हजार श्रद्धालुओं को पवित्र गुफा की ओर भेजने की अनुमति दी जाएगी। जम्मू-कश्मीर के बीस जिलों में अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र के लिए 238 डाक्टर अधिकृत किए गए हैं। इस बार 52 दिन की अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को जम्मू, रामबन और श्रीनगर में आपात स्थिति में ठहराने के लिए उचित व्यवस्थाएं की गई हैं।
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- अब तक 3.20 लाख श्रद्धालु अग्रिम पंजीकरण करवा चुके
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। 29 जून से शुरू हो रही श्री अमरनाथ यात्रा 2024 के लिए शिवभक्तों को बेसब्री से ऑनलाइन हेलिकाॅप्टर टिकट बुकिंग शुरू होने का इंतजार है। अभी तक श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से यह सुविधा शुरू नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, पहलगाम रूट से एम/एस हेरिटेज एविएशन प्राइवेट लिमिटेड से बोर्ड की बात न बनने से आनलाइन हेलिकाॅप्टर टिकट बुकिंग सेवा को शुरू करने में देरी हो रही है। इस रूट के लिए किसी दूसरी एजेंसी को भी लेने के प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक पारंपरिक बालटाल और पहलगाम रूट के लिए करीब 3.20 लाख श्रद्धालुओं ने अग्रिम यात्री पंजीकरण करवा लिया है।
अमरनाथ यात्रा में पैदल यात्रा के साथ हेलिकाॅप्टर से यात्रा करना श्रद्धालुओं के लिए सुगम रहता है। इसमें एक ही दिन पर यात्री बाबा बर्फानी के दर्शन करके लौट सकते हैं। जिससे वे यात्रा का अन्य समय कश्मीर के पर्यटन व धार्मिक स्थलों पर बिताते हैं। हेलिकाॅप्टर से यात्रा के लिए बालटाल रूट पर नीलग्रथ-पंजतरणी-नीलग्रथ का ट्रैक रहता है। इसमें एक ही दिन में यात्री पवित्र गुफा में दर्शन करके लौट आते हैं। इसी तरह पहलगाम के लिए पहलगाम-पंजतरणी-पहलगाम रूट रहता है। इसके अलावा श्रीनगर के लिए श्रीनगर-पहलगाम-श्रीनगर और श्रीनगर-नीलग्रथ-श्रीनगर रूट रहता है। हेलिकाॅप्टर टिकट बुकिंग की सुविधा श्राइन बोर्ड की आधिकारिक पोर्टल पर ही होती है। हेलिकाॅप्टर टिकट ही यात्री का पंजीकरण माना जाता है। हालांकि इसके लिए स्वास्थ्य अनिवार्य प्रमाणपत्र जरूरी है। देशभर की 540 बैंक शाखाओं में अग्रिम यात्री पंजीकरण प्रक्रिया जारी है, जिसमें जम्मू-कश्मीर में 21 शाखाओं में पंजीकरण किए जा रहे हैं। पारंपरिक पहलगाम और बालटाल रूट से रोजाना 10-10 हजार श्रद्धालुओं को पवित्र गुफा की ओर भेजने की अनुमति दी जाएगी। जम्मू-कश्मीर के बीस जिलों में अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र के लिए 238 डाक्टर अधिकृत किए गए हैं। इस बार 52 दिन की अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को जम्मू, रामबन और श्रीनगर में आपात स्थिति में ठहराने के लिए उचित व्यवस्थाएं की गई हैं।
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