{"_id":"664bed283a78db702d0afef4","slug":"amarnath-yatra-jammu-news-c-10-jam1008-364412-2024-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: 15 लंगर संगठनों को माफीनामे पर अनुमति मिली\n\nएक को क्यूआर कोड लगाने पर बाहर किया गया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: 15 लंगर संगठनों को माफीनामे पर अनुमति मिली एक को क्यूआर कोड लगाने पर बाहर किया गया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरनाथ यात्रा :
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पिछले साल श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान पारंपरिक बालटाल और पहलगाम ट्रैक पर लगाए गए 16 लंगर संगठनों को इस बार दोबारा लंगर लगाने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था। जिसके बाद गिनाई गई खामियों पर माफीनामा लेकर 15 लंगर संगठनों को दोबारा लंगर लगाने के लिए अनुमति दे दी गई, जबकि हरियाणा के एक लंगर संगठन को पिछली बार क्यूआर कोड के माध्यम से दान लेने पर अनुमति नहीं दी गई। वहीं, लंगर संगठनों ने सेवादारों की पुलिस सत्यापन प्रक्रिया को खत्म करने की मांग की है।
अमरनाथ यात्रा की तैयारियां जोरों पर है। जून के मध्य प्रदेश में लंगर संगठनों का पहुंचना शुरू हो जाएगा। बालटाल और पहलगाम रूट के लिए 125 से 130 के बीच लंगर संगठनों को लंगर लगाने की अनुमति दी गई है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की तय शर्तों के आधार पर लंगर संगठनों को लंगर की अनुमति दी जाती है। आगामी 29 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा के लिए शीघ्र हेलिकाप्टर आनलाइन बुकिंग सेवा को शुरू किया जाएगा। अब तक करीब तीन लाख यात्री अग्रिम यात्री पंजीकरण करवा चुके हैं। इस साल रिकार्ड यात्रा को देखते हुए यात्री निवासों की क्षमता का विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए जम्मू, रामबन के चंद्रकोट और श्रीनगर में उचित व्यवस्थाएं की जा रही हैं। श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गनाइजेशन (साबलो) के प्रधान राजन गुप्ता ने कहा कि लंगर संगठनों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों से सेवादार (हलवाई, श्रमिक आदि) आते हैं। जिससे उनका संबंधित क्षेत्र में थोड़े समय में पुलिस सत्यापन करवाना मुश्किल रहता है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए। अगर कोई सेवादार आ रहा है तो उसके जरूरी दस्तावेजों के आधार पर पुलिस सत्यापन कर लिया जाए। श्राइन बोर्ड को सेवादारों की पुलिस सत्यापन प्रक्रिया को खत्म करना चाहिए।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पिछले साल श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान पारंपरिक बालटाल और पहलगाम ट्रैक पर लगाए गए 16 लंगर संगठनों को इस बार दोबारा लंगर लगाने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था। जिसके बाद गिनाई गई खामियों पर माफीनामा लेकर 15 लंगर संगठनों को दोबारा लंगर लगाने के लिए अनुमति दे दी गई, जबकि हरियाणा के एक लंगर संगठन को पिछली बार क्यूआर कोड के माध्यम से दान लेने पर अनुमति नहीं दी गई। वहीं, लंगर संगठनों ने सेवादारों की पुलिस सत्यापन प्रक्रिया को खत्म करने की मांग की है।
अमरनाथ यात्रा की तैयारियां जोरों पर है। जून के मध्य प्रदेश में लंगर संगठनों का पहुंचना शुरू हो जाएगा। बालटाल और पहलगाम रूट के लिए 125 से 130 के बीच लंगर संगठनों को लंगर लगाने की अनुमति दी गई है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की तय शर्तों के आधार पर लंगर संगठनों को लंगर की अनुमति दी जाती है। आगामी 29 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा के लिए शीघ्र हेलिकाप्टर आनलाइन बुकिंग सेवा को शुरू किया जाएगा। अब तक करीब तीन लाख यात्री अग्रिम यात्री पंजीकरण करवा चुके हैं। इस साल रिकार्ड यात्रा को देखते हुए यात्री निवासों की क्षमता का विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए जम्मू, रामबन के चंद्रकोट और श्रीनगर में उचित व्यवस्थाएं की जा रही हैं। श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गनाइजेशन (साबलो) के प्रधान राजन गुप्ता ने कहा कि लंगर संगठनों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों से सेवादार (हलवाई, श्रमिक आदि) आते हैं। जिससे उनका संबंधित क्षेत्र में थोड़े समय में पुलिस सत्यापन करवाना मुश्किल रहता है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए। अगर कोई सेवादार आ रहा है तो उसके जरूरी दस्तावेजों के आधार पर पुलिस सत्यापन कर लिया जाए। श्राइन बोर्ड को सेवादारों की पुलिस सत्यापन प्रक्रिया को खत्म करना चाहिए।
विज्ञापन