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Amarnath Yatra: बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचने लगे साधु, सजने लगा जम्मू, 29 से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा
Sun, 09 Jun 2024 03:11 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Sun, 09 Jun 2024 03:11 PM IST
सार
इस बार वार्षिक अमरनाथ यात्रा 29 जून से शुरू होने जा रही है। एक दिन पहले 28 जून को तीर्थयात्रियों का पहला जत्था जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर और राम मंदिर से घाटी के लिए रवाना होगा।
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अमरनाथ यात्रा के लिए पहुंचने लगे साधु
- फोटो : संजय कुमार
विस्तार
बम-बम भोले, जय जय बाबा बर्फानी के जयघोष मंदिरों के शहर में जम्मू में गूंजना शुरू हो गए हैं। पुराने शहर के प्रसिद्ध राम मंदिर में श्री अमरनाथ यात्रा को जाने वाले साधु की टोलियां पहुंचना शुरू हो गई हैं। मंदिर में भगवान भोले का गुणगान शुरू हो गया है। वहीं, भोले के भक्तों के स्वागत के लिए प्रशासन की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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इस बार वार्षिक अमरनाथ यात्रा 29 जून से शुरू होने जा रही है। एक दिन पहले 28 जून को तीर्थयात्रियों का पहला जत्था जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर और राम मंदिर से घाटी के लिए रवाना होगा। 52 दिवसीय तीर्थयात्रा दो रास्तों से पवित्र गुफा तक पूरी की जाएगी। इसमें अनंतनाग में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम मार्ग शामिल है। दूसरा, गांदरबल में 14 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई वाला बालटाल मार्ग शामिल है। पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से बाबा बर्फानी विराजमान हो गए हैं, जिनके दर्शन के लिए श्रद्धालु आतुर हैं। पिछले साल 4.5 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने 3,880 मीटर ऊंचाई पर स्थित बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे।
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मंदिरों के शहर जम्मू के पुरानी मंडी में स्थित राम मंदिर अपने विशाल परिसर में साधुओं और साध्वियों की मेजबानी करता है। इसमें प्रशासन की तरफ से तीर्थयात्रियों के लिए मौके पर ही पंजीकरण सहित विभिन्न सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए सहयोग दिया जाता है। भक्तों के खानपान और रहने की व्यवस्था मंदिर प्रबंधक समिति की तरफ से की जाती है।
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मंदिर के प्रमुख महंत रामेश्वर दास ने कहा कि साधुओं के लिए चौबीसों घंटे मुफ्त सामुदायिक रसोई सेवा और चिकित्सा सुविधाओं सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर पीढ़ियों से भोले के भक्तों की सेवा कर रहा है। साधुजन भगवान शिव का आशीर्वाद लेने और देश व जनता के कल्याण के लिए प्रार्थना करने के लिए अमरनाथ धाम आते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार तीर्थयात्रियों का स्वागत करने के लिए तैयार हैं, ताकि उन्हें किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने सकारात्मक बदलाव के लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका की सराहना की।
रामेश्वर दास ने कहा कि घाटी में बेहतर सुरक्षा स्थिति को देखते हुए हमें इस साल अमरनाथ तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी इजाफा देखने को मिल सकता है। बम बम भोले और जय जय बाबा बर्फानी के नारों के बीच साधु और साध्वियां यात्रा शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से आए राम बाबा ने कहा कि यह अमरनाथ धाम की उनकी पहली तीर्थयात्रा है और भगवान का आशीर्वाद पाने के लिए उत्साहित हैं।
साध्वी गुरवी गिरी ने कहा कि वह पिछले पांच सालों से अमरनाथ धाम में आती रही हैं और यहां आकर उनकी आत्मा को शांति मिलती है। एक अन्य शिव भक्त ने कहा कि वह पांच दिनों में हिमाचल प्रदेश से पैदल आए हैं। उन्होंने कहा कि यह बिना किसी ब्रेक के उनकी 25वीं यात्रा है और वह एक बार फिर यहां आकर खुद को धन्य महसूस कर रहा हैं।
पश्चिम बंगाल से जम्मू पहुंचे एक साधु ने अपनी पीठ पर दर्द से उबरने के लिए एक बेल्ट बांध रखी है। इस अवस्था में भी वह बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए व्याकुल हैं। उन्होंने कहा, "मैंने देशभर में कई तीर्थयात्राएं की हैं, जिनमें केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री की यात्राएं शामिल हैं। इस बार मेरे मन में आया कि क्यों न मैं अमरनाथ यात्रा करूं।" उन्होंने कहा कि रास्ते में उन्हें राम मंदिर के बारे में पता चला और वे यहां अन्य यात्रियों के संग शामिल हो गए हैं।
रामेश्वर दास ने कहा कि घाटी में बेहतर सुरक्षा स्थिति को देखते हुए हमें इस साल अमरनाथ तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी इजाफा देखने को मिल सकता है। बम बम भोले और जय जय बाबा बर्फानी के नारों के बीच साधु और साध्वियां यात्रा शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से आए राम बाबा ने कहा कि यह अमरनाथ धाम की उनकी पहली तीर्थयात्रा है और भगवान का आशीर्वाद पाने के लिए उत्साहित हैं।
साध्वी गुरवी गिरी ने कहा कि वह पिछले पांच सालों से अमरनाथ धाम में आती रही हैं और यहां आकर उनकी आत्मा को शांति मिलती है। एक अन्य शिव भक्त ने कहा कि वह पांच दिनों में हिमाचल प्रदेश से पैदल आए हैं। उन्होंने कहा कि यह बिना किसी ब्रेक के उनकी 25वीं यात्रा है और वह एक बार फिर यहां आकर खुद को धन्य महसूस कर रहा हैं।
पश्चिम बंगाल से जम्मू पहुंचे एक साधु ने अपनी पीठ पर दर्द से उबरने के लिए एक बेल्ट बांध रखी है। इस अवस्था में भी वह बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए व्याकुल हैं। उन्होंने कहा, "मैंने देशभर में कई तीर्थयात्राएं की हैं, जिनमें केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री की यात्राएं शामिल हैं। इस बार मेरे मन में आया कि क्यों न मैं अमरनाथ यात्रा करूं।" उन्होंने कहा कि रास्ते में उन्हें राम मंदिर के बारे में पता चला और वे यहां अन्य यात्रियों के संग शामिल हो गए हैं।