फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Amar Ujala Medhavi Chhatra Samman LG Manoj Sinha said practical knowledge is necessary for students

अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान: एलजी मनोज सिन्हा बोले- नंबरों की गणित में न पड़ें छात्र, प्रायोगिक ज्ञान जरूरी

Sun, 20 Aug 2023 08:20 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर
अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर Published by: आकाश दुबे Updated Sun, 20 Aug 2023 08:20 PM IST
सार

उप राज्यपाल ने कहा कि हीरा जमीन में दबा रहता है। उसे तराशना पड़ता है। ठीक इसी प्रकार बच्चों को भी तराशने की जिम्मेदारी शिक्षकों की है। इंसान जन्म से ही क्रिएटिव होता है। उसे निरंतर जारी रखना चाहिए। 

विज्ञापन
Amar Ujala Medhavi Chhatra Samman LG Manoj Sinha said practical knowledge is necessary for students
कार्यक्रम को संबोधित करते उप राज्यपाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि बच्चे जमीन में छिपे हीरे की तरह हैं। बस शिक्षकों की ओर से इन्हें तराशने की जरूरत है, फिर इनमें भी हीरे जैसी चमक होगी। जीवनयात्रा के ऐसे पड़ाव पर हैं कि पीछे मुड़कर नहीं देखना है। सफलता का मंत्र है कि जीतकर ही लौटना है। हारना नहीं है। नंबरों की गणित में नहीं पड़ना है। अब नंबरों के जरिये भविष्य नहीं बनाया जा सकता है, बल्कि प्रायोगिक ज्ञान जरूरी है। महात्मा गांधी ऐसी कोई बात नहीं करते थे जिसे उन्होंने अपने पहले जीवन में आजमाया न हो। 

विज्ञापन

उप राज्यपाल मनोज सिन्हा शेर ए कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में अमर उजाला की ओर से आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में कश्मीर संभाग के सभी 10 जिलों में मेधावियों को सम्मानित कर रहे थे। श्रीनगर में पहली बार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसके लिए न केवल विद्यार्थियों बल्कि अभिभावकों में भी भारी उत्साह रहा। उन्होंने कहा कि हीरा जमीन में दबा रहता है। उसे तराशना पड़ता है। ठीक इसी प्रकार बच्चों को भी तराशने की जिम्मेदारी शिक्षकों की है। इंसान जन्म से ही क्रिएटिव होता है। उसे निरंतर इसे जारी रखना चाहिए। 

विज्ञापन

दुनिया आज बड़ी तेजी के साथ बदल रही है। जीवनयात्रा में कई पड़ाव आएंगे। इनमें बाधाएं भी आएंगी। कुछ तो स्वाभाविक होंगी और कुछ पैदा की गई होंगी। हमें इन बाधाओं को पार करते हुए दुनिया के विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में आना है। यह सभी को संकल्प लेना होगा। स्वतंत्रता का जब हम शताब्दी वर्ष मनाएं तो देश विकसित राष्ट्र की श्रेणी में शामिल हो, यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का काम केवल सिलेबस पूरा करना नहीं है बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की प्रतिभा को पहचान कर उन्हें उसी के अनुरूप निखारना भी होगा। उन्हें हुनर सिखाना होगा। उन्हें सीखने के लिए प्रेरित करना होगा। 

कार्यक्रम में मेयर जुनैद अजीम मट्टू, उप राज्यपाल के सलाहकार आरआर भटनागर, जम्मू कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष डॉ. द्राक्षां अंद्राबी व प्रमुख सचिव शिक्षा आलोक कुमार ने भी मेधावियों का उत्साह वर्धन किया। इस अवसर पर मंडलायुक्त विजय कुमार विधूड़ी, एडीजीपी विजय कुमार, डीसी अतहर जमाल, एसएसपी राकेश भलवाल, स्कूल शिक्षा निदेशक , एसएसएफ निदेशक जोगिंदर सिंह व एसएसएफ के एसएसपी बृजेश शर्मा भी मौजूद रहे।

विज्ञान के साथ संस्कार भी जरूरी, जड़ों से जुड़े विद्यार्थी
उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल विज्ञान की ही जानकारी नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसके साथ साथ उनमें संस्कार की भावना भी आनी चाहिए। उन्हें अपने जड़ों से जुड़ना चाहिए। किसी ने कल्पना नहीं की होगी कि थ्री डी प्रिटिंग पोस्ट ऑफिस स्थापित हो सकता है। आने वाले दिनों में लगभग सभी मकान थ्री डी तकनीकी से बनेंगे। अगस्त के पहले 15 दिनों में 10 साफ्टवेयर विकसित किए गए हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जमाना है।

जरूरी नहीं कि कम पढ़े लिखे लोग अच्छा काम नहीं कर सकते
उप राज्यपाल ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि कम पढ़े लिखे लोग अच्छा काम नहीं कर सकते हैं। आइंस्टीन से लेकर न्यूटन तक सभी उदाहरण हैं। बच्चों में असंख्य संभावनाएं छिपी हुई हैं। इनमें से कोई न्यूटन तो कोई आइंस्टीन बन सकता है। 1910 में हेडफोन का आविष्कार किया गया। एसी तथा टेलीविजन का आविष्कार करने वाले भी उस क्षेत्र के महारती नहीं थे।

विज्ञापन

अभिभावकों को सलाह, बच्चों पर न डालें दबाव
उप राज्यपाल ने अभिभावकों को सलाह दी कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें। यह न कहें कि पड़ोसी के बच्चे ने अच्छा किया है। यदि बच्चा खेलने जा रहा हो तो टोकटाक न करें। बच्चों की रुचि पहचानें। हो सकता है कि बच्चा अपनी रुचि के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करे। बच्चों को भी सलाह दी कि मन में संतुष्टि का भाव कभी पनपने न दें। जिस दिन यह भाव पैदा होगा उसी दिन से विकास यात्रा ठप हो जाएगी। इसलिए और बेहतर करने के निरंतर प्रयास करें।

10वीं में 81.68 प्रतिशत बच्चियां हुईं सफल
उप राज्यपाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर में बच्चियां इनोवेशन तथा विकास का नेतृत्व कर रही हैं। बच्चियां आज हर क्षेत्र में आगे रह रही हैं। कक्षा 10 की परीक्षा के लिए 148701 विद्यार्थियों में से 118791 सफल हुए। इनमें बच्चियों की सफलता का प्रतिशत 81.68 व बच्चों का 78.23 प्रतिशत रहा। 12वीं में 127636 में से 82441 ने सफलता के झंडे गाड़े। इनमें 68 फीसदी बच्चियां व 61 फीसदी बच्चे सफल रहे। उन्होंने मुस्कराते हुए कहा कि दोनों ही परीक्षा में बच्चियों ने बाजी मारी।

बच्चों के हाथों में जम्मू कश्मीर का भविष्य सुरक्षित
उप राज्यपाल ने कहा कि बच्चों के हाथों में जम्मू कश्मीर का भविष्य सुरक्षित है। मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि जम्मू कश्मीर के बच्चों में अपार संभावनाएं हैं। वे प्रतिभा के धनी हैं। हमें उन्हें आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने अमर उजाला के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इसे आगे बढ़ाने की जरूरत है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed