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जम्मू-कश्मीरः पंजाब में पाकिस्तानी ड्रोन से हथियार पहुंचाने के बाद सरहद पर बढ़ाई हवाई निगरानी
Thu, 26 Sep 2019 01:18 AM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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Published by: Trainee Trainee
Updated Thu, 26 Sep 2019 01:18 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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पाकिस्तान के जीपीएस युक्त ड्रोन से पंजाब के तरनतारन में हथियार उतारे जाने के खुलासे के बाद जम्मू-कश्मीर में आईबी और एलओसी पर हवाई निगरानी बढ़ाई गई है। पंजाब में ड्रोन से हथियार सप्लाई की पहली घटना सामने आई है। इससे आतंकवाद ग्रस्त जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों को सकते में डाल दिया है।
हालांकि जेएंडके में पहले से ही हवाई निगरानी के अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। लेकिन ड्रोन से हथियारों की एयर ड्रॉपिंग अपनी तरह का नया तरीका है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को सबसे संवेदनशील स्थान चिह्नित कर सुरक्षा इंतजाम और कड़े करने के निर्देश दिए गए हैं।
जम्मू-कश्मीर में भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा कठुआ जिले से शुरू होती है। सांबा और जम्मू तक फैले इंटरनेशनल बॉर्डर के बाद नियंत्रण रेखा शुरू हो जाती है। पूरी सरहद पर कई जगह पाकिस्तान के लिए काम करने वाले ओवर ग्राउंड वर्कर भी सक्रिय हैं।
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वर्तमान में पाबंदियों के चलते कश्मीर में आतंकियों के पास हथियार नहीं पहुंच पा रहे हैं। पिछले दिनों ही पंजाब से जम्मू में दाखिल होते एक ट्रक को जब्त कर पुलिस ने तीन आतंकियों को हथियारों के साथ पकड़ा था। अब पंजाब में आईबी पर ड्रोन से हथियार पहुंचाने की घटना ने हथियारों की सप्लाई के नए हथकंडे को उजागर किया है।
पंजाब में आईबी पर ड्रोन का ज्यादा होता है इस्तेमाल
सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि पंजाब में आईबी के आसपास ड्रोन का ज्यादा इस्तेमाल होता रहा है। अमूमन इसका इस्तेमाल भारतीय लोकेशन की हलचल का पता लगाने के लिए किया जाता रहा है। वहीं, यह इलाके ड्रग्स तस्करी के लिए भी कुख्यात रहे हैं।
राज्य में एलओसी पर अत्याधुनिक रडार
जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा से लेकर एलओसी पर अत्याधुनिक रडार लगे हैं, जो हवाई निगरानी करते हैं। इसके अलावा घुसपैठ की आशंका के चलते सीमा सुरक्षा बल, सेना व अन्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहती हैं। स्थानीय लोग भी संदिग्ध आहट पर तत्काल सूचित करते हैं।
इस सब के बावजूद ड्रोन से हथियारों की सप्लाई की संभावना को चूंकि पूरी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता। लिहाजा सुरक्षा एजेंसियों को हवाई निगरानी के लिए खास तौर पर अलर्ट रहने को कहा गया है।
कठुआ सीमा से घुसपैठ की फिराक में आतंकी
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पिछले कुछ दिनों से सीजफायर उल्लंघन के पीछे पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ कराने की मंशा है। कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर के ठीक सामने पाकिस्तान के तीन लॉंचिंग पैड में संदिग्ध मूवमेंट देखी गई है। पाकिस्तान के सुखमल, अभ्याल डोगरा और मंसूर बड़ा भाई के लॉंचिंग पैड में सुरक्षा एजेंसियों ने करीब दस आंतकियों को घुसपैठ की तैयारी करते देखा है।
इनमें से सुखमल में पांच से छह जबकि अभ्याल डोगरा लॉंचिंग पैड पर तीन से चार आतंकियों की मूवमेंट देखी गई है। मंसूर बड़ा भाई लॉंचिंग पैड के पास पाकिस्तानी का एक रेलवे स्टेशन भी है, जिस पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर बनी हुई है।
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हालांकि जेएंडके में पहले से ही हवाई निगरानी के अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। लेकिन ड्रोन से हथियारों की एयर ड्रॉपिंग अपनी तरह का नया तरीका है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को सबसे संवेदनशील स्थान चिह्नित कर सुरक्षा इंतजाम और कड़े करने के निर्देश दिए गए हैं।
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जम्मू-कश्मीर में भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा कठुआ जिले से शुरू होती है। सांबा और जम्मू तक फैले इंटरनेशनल बॉर्डर के बाद नियंत्रण रेखा शुरू हो जाती है। पूरी सरहद पर कई जगह पाकिस्तान के लिए काम करने वाले ओवर ग्राउंड वर्कर भी सक्रिय हैं।
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वर्तमान में पाबंदियों के चलते कश्मीर में आतंकियों के पास हथियार नहीं पहुंच पा रहे हैं। पिछले दिनों ही पंजाब से जम्मू में दाखिल होते एक ट्रक को जब्त कर पुलिस ने तीन आतंकियों को हथियारों के साथ पकड़ा था। अब पंजाब में आईबी पर ड्रोन से हथियार पहुंचाने की घटना ने हथियारों की सप्लाई के नए हथकंडे को उजागर किया है।
पंजाब में आईबी पर ड्रोन का ज्यादा होता है इस्तेमाल
सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि पंजाब में आईबी के आसपास ड्रोन का ज्यादा इस्तेमाल होता रहा है। अमूमन इसका इस्तेमाल भारतीय लोकेशन की हलचल का पता लगाने के लिए किया जाता रहा है। वहीं, यह इलाके ड्रग्स तस्करी के लिए भी कुख्यात रहे हैं।
राज्य में एलओसी पर अत्याधुनिक रडार
जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा से लेकर एलओसी पर अत्याधुनिक रडार लगे हैं, जो हवाई निगरानी करते हैं। इसके अलावा घुसपैठ की आशंका के चलते सीमा सुरक्षा बल, सेना व अन्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहती हैं। स्थानीय लोग भी संदिग्ध आहट पर तत्काल सूचित करते हैं।
इस सब के बावजूद ड्रोन से हथियारों की सप्लाई की संभावना को चूंकि पूरी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता। लिहाजा सुरक्षा एजेंसियों को हवाई निगरानी के लिए खास तौर पर अलर्ट रहने को कहा गया है।
कठुआ सीमा से घुसपैठ की फिराक में आतंकी
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पिछले कुछ दिनों से सीजफायर उल्लंघन के पीछे पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ कराने की मंशा है। कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर के ठीक सामने पाकिस्तान के तीन लॉंचिंग पैड में संदिग्ध मूवमेंट देखी गई है। पाकिस्तान के सुखमल, अभ्याल डोगरा और मंसूर बड़ा भाई के लॉंचिंग पैड में सुरक्षा एजेंसियों ने करीब दस आंतकियों को घुसपैठ की तैयारी करते देखा है।
इनमें से सुखमल में पांच से छह जबकि अभ्याल डोगरा लॉंचिंग पैड पर तीन से चार आतंकियों की मूवमेंट देखी गई है। मंसूर बड़ा भाई लॉंचिंग पैड के पास पाकिस्तानी का एक रेलवे स्टेशन भी है, जिस पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर बनी हुई है।