फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Akhnoor Encounter hostage student said terrorists talking in Punjabi shoes revealed that they not army men

Akhnoor Encounter : आकाश की आंखों देखी, पंजाबी में बात कर रहे थे आतंकी; जूता देख पता चला... ये नहीं आर्मी वाले

Wed, 30 Oct 2024 01:14 AM IST
Vikas Kumar कुलवीर चौधरी, अमर उजाला, ज्यौड़ियां
कुलवीर चौधरी, अमर उजाला, ज्यौड़ियां Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 30 Oct 2024 01:14 AM IST
सार

'वे लोग पूरी तरह से आर्मी की वर्दी में थे। कंधों पर बैग टंगे हुए थे। पूरे शरीर पर सामान बांध रखा था। पहले तो लगा कि आर्मी वाले हैं। लेकिन उनके जूते काले रंग के नहीं थे। जूतों का रंग बुरा था। जूते वैसे भी नहीं लग रहे थे।'

विज्ञापन
Akhnoor Encounter hostage student said terrorists talking in Punjabi shoes revealed that they not army men
छात्र आकाश - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आतंकियों द्वारा बंधक बनाए गए तीन छात्रों में से एक आकाश ने आंखों देखी बताई। आकाश का कहना है कि हम तीन थे। साथ में ही ट्यूशन पढ़ने जा रहे थे। मैं पानी पीने के लिए रुक गया। बाकी दो मंदिर परिसर में चले गए। कुछ देर बाद मैं भी मंदिर पहुंचा। अभी गेट से प्रवेश ही किया। सामने देखा कि आर्मी वर्दी में तीन लोग खड़े हैं। इनके पास मेरे साथ आए दोनों साथी भी थे। वे आपस में पंजाबी में बात कर रहे थे। मेरे साथियों से मोबाइल फोन मांग रहे थे। इतने में मैं और वे लोग आमने-सामने आ गए। मैं कुछ देर खड़ा रहा। वे मेरी तरफ देखकर मेरे साथियों से बात करते रहे। कुछ देर बाद मुझसे भी उन्होंने पंजाबी में बात की। मोबाइल फोन मांगा। मैंने भी मना कर दिया। उसी वक्त उन लोगों ने मेरे दोनों साथियों को भगा दिया और मुझे भी वहां से चले जाने को कहा। हम तीनों वहां से आ गए।

विज्ञापन

वे लोग पूरी तरह से आर्मी की वर्दी में थे। कंधों पर बैग टंगे हुए थे। पूरे शरीर पर सामान बांध रखा था। पहले तो लगा कि आर्मी वाले हैं। लेकिन उनके जूते काले रंग के नहीं थे। जूतों का रंग बुरा था। जूते वैसे भी नहीं लग रहे थे। जैसे आर्मी वाले पहनते हैं। बस यहीं से लग गया कि ये लोग आर्मी वाले नहीं। बल्कि आतंकी हैं। इसके बाद हमने इसकी जानकारी अपने घर में दी। घर वालों ने पास में मौजूद सेना को दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

20 से 22 बच्चे पढ़ने जाते हैं ट्यूशन
इन बच्चों को शिक्षक मनोज कुमार मंदिर परिसर में ट्यूशन पढ़ाते हैं। 20 से 22 बच्चे आते हैं। शिक्षक का भी कहना है कि वह जब मंदिर परिसर की तरफ जा रहे थे। बाहर से देख लिया था कि कुछ लोग अंदर सेना की वर्दी में हैं। उनका हाव-भाव देखकर समझ आ गया कि वे आतंकी हो सकते हें। यह देखकर वापस आ गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed