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Jammu News: जम्मू में हवा की गुणवत्ता अन्य राज्यों से बेहतर, पर प्रदूषण रहित नहीं
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कच्ची छावनी में प्लास्टिक के कचरे को लगाई गई आग।संवाद
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- एक्यूआई 130 से 150 के बीच, फैक्ट्रियों से निकलता धुआं बढ़ा रहा प्रदूषण
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। जम्मू की आबोहवा का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) पड़ोसी राज्यों के मुकाबले बेहतर जरूर है लेकिन पूरी तरह प्रदूषण मुक्त नहीं है। हाल में जम्मू में एक्यूआई 130 से 150 के बीच दर्ज किया गया जो मॉडरेट श्रेणी में आता है। इस श्रेणी में पहुंचने के पीछे बढ़ते वाहन, प्लास्टिक का जलना, फैक्ट्रियों से निकलता धुआं जिम्मेदार हैं। यह स्थिति मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और कई बीमारियों का कारण बन सकती है।
नहरों में प्लास्टिक कचरा फेंके जाने से जल प्रदूषण बढ़ रहा है। कई जगह नहरों में प्लास्टिक की बोतलें और थैलियां महीनों तक जमा रहती हैं। ध्वनि प्रदूषण भी जम्मू में एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। वाहनों में लगाए जाने वाले प्रेशर हॉर्न इसका मुख्य कारण हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) के चेयरमैन वासु यादव के अनुसार बोर्ड की ओर से जागरूकता अभियानों, औचक निरीक्षणों और नियमों को सख्ती से लागू करने के प्रयास लगातार जारी हैं। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे प्लास्टिक का उपयोग कम करें, कचरा न जलाएं और वाहन चलाते समय अनावश्यक हॉर्न का इस्तेमाल न करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। जम्मू की आबोहवा का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) पड़ोसी राज्यों के मुकाबले बेहतर जरूर है लेकिन पूरी तरह प्रदूषण मुक्त नहीं है। हाल में जम्मू में एक्यूआई 130 से 150 के बीच दर्ज किया गया जो मॉडरेट श्रेणी में आता है। इस श्रेणी में पहुंचने के पीछे बढ़ते वाहन, प्लास्टिक का जलना, फैक्ट्रियों से निकलता धुआं जिम्मेदार हैं। यह स्थिति मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और कई बीमारियों का कारण बन सकती है।
नहरों में प्लास्टिक कचरा फेंके जाने से जल प्रदूषण बढ़ रहा है। कई जगह नहरों में प्लास्टिक की बोतलें और थैलियां महीनों तक जमा रहती हैं। ध्वनि प्रदूषण भी जम्मू में एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। वाहनों में लगाए जाने वाले प्रेशर हॉर्न इसका मुख्य कारण हैं।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) के चेयरमैन वासु यादव के अनुसार बोर्ड की ओर से जागरूकता अभियानों, औचक निरीक्षणों और नियमों को सख्ती से लागू करने के प्रयास लगातार जारी हैं। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे प्लास्टिक का उपयोग कम करें, कचरा न जलाएं और वाहन चलाते समय अनावश्यक हॉर्न का इस्तेमाल न करें।
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