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Jammu News: एम्स अपनाएगा जलरहित प्रयोगशाला स्वचालन प्रणाली
Sat, 08 Feb 2025 02:02 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sat, 08 Feb 2025 02:02 AM IST
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विजयपुर एम्म में मौजूद चिकित्सा अधिकारी। स्रोत : स्वास्थ्य विभाग
- फोटो : vijaypur
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जम्मू ने ऑर्थो क्लीनिकल डायग्नोस्टिक्स के साथ की साझेदारी
विजयपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), जम्मू ने ऑर्थो क्लीनिकल डायग्नोस्टिक्स के साथ साझेदारी करते हुए जलरहित प्रयोगशाला स्वचालन प्रणाली को अपनाने की घोषणा की है। इस अत्याधुनिक तकनीक के तहत क्लीनिकल केमिस्ट्री सिस्टम का उपयोग किया जाएगा, जिससे नैदानिक परीक्षणों की सटीकता, दक्षता और स्थिरता में सुधार होगा। इस पहल का नेतृत्व एम्स जम्मू के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रोफेसर (डॉ.) शक्ति कुमार गुप्ता ने किया।
नवीनतम जलरहित प्रयोगशाला प्रणाली के फायदे
1. बाहरी जल आपूर्ति की आवश्यकता समाप्त: पारंपरिक प्रयोगशालाओं की तुलना में जल की खपत को कम करते हुए पर्यावरण संरक्षण में योगदान।
2. ड्राई-स्लाइड तकनीक: यह उन्नत तकनीक सटीक और तेज़ डायग्नोस्टिक्स परीक्षण सुनिश्चित करती है, जिससे रोगियों को शीघ्र और प्रभावी उपचार मिल सके।
3. ग्रीन स्मार्ट लैब की ओर कदम: यह प्रणाली नैदानिक दक्षता में सुधार करने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल और लागत प्रभावी समाधान प्रदान करती है।
एम्स जम्मू में 24x7 उन्नत नैदानिक सेवाएं
एम्स जम्मू का बायोकेमिस्ट्री विभाग, संस्थान के डायग्नोस्टिक ब्लॉक में 24x7 क्लिनिकल केमिस्ट्री और इम्यूनोएसे परीक्षणों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस नई तकनीक का उद्देश्य स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को अधिक उन्नत, कुशल और रोगी-केंद्रित बनाना है।
स्थायी स्वास्थ्य सेवा की ओर एम्स जम्मू की प्रतिबद्धता
प्रोफेसर (डॉ.) शक्ति कुमार गुप्ता ने कहा कि जलरहित तकनीक को अपनाना एम्स जम्मू के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह न केवल रोगियों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली नैदानिक सेवाओं को सुनिश्चित करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत स्वास्थ्य देखभाल की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। यह पहल एम्स जम्मू को उन्नत चिकित्सा तकनीकों के उपयोग और स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में नवाचार को बढ़ावा देने में अग्रणी बनाएगी।
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विजयपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), जम्मू ने ऑर्थो क्लीनिकल डायग्नोस्टिक्स के साथ साझेदारी करते हुए जलरहित प्रयोगशाला स्वचालन प्रणाली को अपनाने की घोषणा की है। इस अत्याधुनिक तकनीक के तहत क्लीनिकल केमिस्ट्री सिस्टम का उपयोग किया जाएगा, जिससे नैदानिक परीक्षणों की सटीकता, दक्षता और स्थिरता में सुधार होगा। इस पहल का नेतृत्व एम्स जम्मू के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रोफेसर (डॉ.) शक्ति कुमार गुप्ता ने किया।
नवीनतम जलरहित प्रयोगशाला प्रणाली के फायदे
1. बाहरी जल आपूर्ति की आवश्यकता समाप्त: पारंपरिक प्रयोगशालाओं की तुलना में जल की खपत को कम करते हुए पर्यावरण संरक्षण में योगदान।
2. ड्राई-स्लाइड तकनीक: यह उन्नत तकनीक सटीक और तेज़ डायग्नोस्टिक्स परीक्षण सुनिश्चित करती है, जिससे रोगियों को शीघ्र और प्रभावी उपचार मिल सके।
3. ग्रीन स्मार्ट लैब की ओर कदम: यह प्रणाली नैदानिक दक्षता में सुधार करने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल और लागत प्रभावी समाधान प्रदान करती है।
एम्स जम्मू में 24x7 उन्नत नैदानिक सेवाएं
एम्स जम्मू का बायोकेमिस्ट्री विभाग, संस्थान के डायग्नोस्टिक ब्लॉक में 24x7 क्लिनिकल केमिस्ट्री और इम्यूनोएसे परीक्षणों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस नई तकनीक का उद्देश्य स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को अधिक उन्नत, कुशल और रोगी-केंद्रित बनाना है।
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स्थायी स्वास्थ्य सेवा की ओर एम्स जम्मू की प्रतिबद्धता
प्रोफेसर (डॉ.) शक्ति कुमार गुप्ता ने कहा कि जलरहित तकनीक को अपनाना एम्स जम्मू के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह न केवल रोगियों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली नैदानिक सेवाओं को सुनिश्चित करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत स्वास्थ्य देखभाल की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। यह पहल एम्स जम्मू को उन्नत चिकित्सा तकनीकों के उपयोग और स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में नवाचार को बढ़ावा देने में अग्रणी बनाएगी।
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