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कृषि मेले में खरीदारी के लिए उमड़ रही भीड़
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मीरां साहिब। शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय चठ्ठा में आयोजित मेले में विभिन्न स्टाल लगाए गए हैं। यहां खरीदारी के लि बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। मेले में आरएस पुरा का प्रसिद्ध बासमती चावल और भद्रवाह व किश्तवाड़ का राजमा भी है।
वीरवार को मेले में पूर्व मंत्री शाम लाल शर्मा व जिला उपायुुक्त अनुराधा गुप्ता सहित कई नेता व लोग पहुंचे। मेले में खाने पीने के स्टाल पर भीड़ ज्यादा दिखाई दे रही है। मिल्क केक, साग टोडा, राजमा चावल, लस्सी आदि का लोग जमकर स्वाद ले रहे हैं। कपड़ों, कास्मेटिक सहित सब्जियां, अनाज आदि उपलब्ध हैं।
किश्तवाड़ से राजमा का स्टाल लगाने वाले रौशनीदीन ने कहा कि वह देसी खाद के जरिये राजमा उगाते हैं। आरएस पुरा के सीमावर्ती गांव सुचेतगढ़ के सर्वण लाल भगत ने कहा कि बाजार में बिक रहे बासमती चावल से कम कीमत के जैविक खेती की पैदावार है। इसके लिए स्कास्ट की ओर किसानों को प्रशिक्षण दिया जाता है। मेले में फलों व अनेक प्रकार के फूलों के स्टाल भी हैं। हार्टीकल्चर विभाग की ओर से बागवानी से संबंधित स्टाल भी हैं।
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डॉग शो, सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र
मेले में रस्साकाशी का आयोजन करने के साथ डॉग शो और शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। मेले में हैंडमेड साबुन भी हैं। शगुन गुप्ता ने कहा कि मेले में काफी लोगों ने साबुन की खरीदारी की। आत्मनिर्भर बनने के लिए अपनी ओर से पहल करनी चाहिए। इससे अन्य को रोजगार भी मिलता है। शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी शर्मा ने कहा कि पहले की तरह यह मेला भी बेहतर रहा है।
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वीरवार को मेले में पूर्व मंत्री शाम लाल शर्मा व जिला उपायुुक्त अनुराधा गुप्ता सहित कई नेता व लोग पहुंचे। मेले में खाने पीने के स्टाल पर भीड़ ज्यादा दिखाई दे रही है। मिल्क केक, साग टोडा, राजमा चावल, लस्सी आदि का लोग जमकर स्वाद ले रहे हैं। कपड़ों, कास्मेटिक सहित सब्जियां, अनाज आदि उपलब्ध हैं।
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किश्तवाड़ से राजमा का स्टाल लगाने वाले रौशनीदीन ने कहा कि वह देसी खाद के जरिये राजमा उगाते हैं। आरएस पुरा के सीमावर्ती गांव सुचेतगढ़ के सर्वण लाल भगत ने कहा कि बाजार में बिक रहे बासमती चावल से कम कीमत के जैविक खेती की पैदावार है। इसके लिए स्कास्ट की ओर किसानों को प्रशिक्षण दिया जाता है। मेले में फलों व अनेक प्रकार के फूलों के स्टाल भी हैं। हार्टीकल्चर विभाग की ओर से बागवानी से संबंधित स्टाल भी हैं।
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डॉग शो, सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र
मेले में रस्साकाशी का आयोजन करने के साथ डॉग शो और शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। मेले में हैंडमेड साबुन भी हैं। शगुन गुप्ता ने कहा कि मेले में काफी लोगों ने साबुन की खरीदारी की। आत्मनिर्भर बनने के लिए अपनी ओर से पहल करनी चाहिए। इससे अन्य को रोजगार भी मिलता है। शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी शर्मा ने कहा कि पहले की तरह यह मेला भी बेहतर रहा है।