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जम्मू: प्राकृतिक आपदा से बचती है, तो जंगली जानवरों से लुटती है फसल
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुरमंडल। पुरमंडल ब्लॉक में किसानों की फसलों को जंगली जानवर हर साल बर्बाद कर देते हैं। रात को सुअर और दिन में बंदर खेतों में घुस कर तबाही मचाते हैं। क्षेत्र के किसानों ने बताया कि क्षेत्र में कई सालों से पुरमंडल के ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवर उनकी मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। प्रशासन को इसका समाधान निकालना चाहिए।
किसानों का कहना है कि एक तो कंडी क्षेत्र होने के कारण यहां फसल को पानी की बहुत किल्लत होती है। सारी फसलें बारिश के पानी पर निर्भर होती है। अगर समय पर बारिश हुई तो ठीक, अन्यथा फसल कमजोर हो चुकी होती है, जिसके उपरांत बची खुची फसल बंदर, मोर और कई प्रकार के जंगली जानवर खा जाते हैं। रात को सुअर आदि इन फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।इसका नतीजा आज कंडी क्षेत्र में 30 प्रतिशत भूमि पर ही लोग फसल लगाते हैं। जो खेत लोगों के घरों के पास हैं, उन्हीं में लोग खेती करते हैं। किसानों का कहना है कि यह समस्या वह हर ब्लाॅक दिवस में अधिकारियों के समक्ष रख चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल रहा है।
किसान केवल कृष्ण, ध्यान सिंह, हेमराज, जोगिंदर शर्मा, दलीप सिंह, सोभा सिंह, बाग अली, कुलदीप सिंह, स्वर्ण सिंह ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि इन जंगली जानवरों को पकड़ने की कोई योजना बनाई जाए।
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पुरमंडल। पुरमंडल ब्लॉक में किसानों की फसलों को जंगली जानवर हर साल बर्बाद कर देते हैं। रात को सुअर और दिन में बंदर खेतों में घुस कर तबाही मचाते हैं। क्षेत्र के किसानों ने बताया कि क्षेत्र में कई सालों से पुरमंडल के ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवर उनकी मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। प्रशासन को इसका समाधान निकालना चाहिए।
किसानों का कहना है कि एक तो कंडी क्षेत्र होने के कारण यहां फसल को पानी की बहुत किल्लत होती है। सारी फसलें बारिश के पानी पर निर्भर होती है। अगर समय पर बारिश हुई तो ठीक, अन्यथा फसल कमजोर हो चुकी होती है, जिसके उपरांत बची खुची फसल बंदर, मोर और कई प्रकार के जंगली जानवर खा जाते हैं। रात को सुअर आदि इन फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।इसका नतीजा आज कंडी क्षेत्र में 30 प्रतिशत भूमि पर ही लोग फसल लगाते हैं। जो खेत लोगों के घरों के पास हैं, उन्हीं में लोग खेती करते हैं। किसानों का कहना है कि यह समस्या वह हर ब्लाॅक दिवस में अधिकारियों के समक्ष रख चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल रहा है।
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किसान केवल कृष्ण, ध्यान सिंह, हेमराज, जोगिंदर शर्मा, दलीप सिंह, सोभा सिंह, बाग अली, कुलदीप सिंह, स्वर्ण सिंह ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि इन जंगली जानवरों को पकड़ने की कोई योजना बनाई जाए।
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