जज ने पूछा आतंकी से, कैसा है तुम्हारा स्वास्थ?
उधमपुर आतंकी हमले में जिंदा पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद नावेद ने एनआईए के विशेष जज के सामने फिर परिवार वालों से बातचीत की गुहार लगाई। उसके आग्रह पर अदालत में उपस्थित एनआईए के पीपी ने कहा कि नावेद ने अब तक जो नंबर उपलब्ध करवाए हैं, उस पर संपर्क नहीं हो रहा।
वह सभी नंबर गलत हैं। मंगलवार को एनआईए की विशेष अदालत में पेशी के दौरान जज के सवाल करने पर नावेद ने कहा, ’सर मैं झूठ नहीं बोल रहा, मैंने सही नंबर दिया।
कोई अन्य नंबर के बारे में जज द्वारा पूछे जाने पर नावेद का कहना था कि जो नंबर याद थे, वह दे दिए हैं। इस दौरान जज ने उसकी सेहत के बारे पूछा। नावेद ने कहा कि वह स्वस्थ है।
नावेद का मददगार बोला, 'एक साथ रखों हम दोनों को'
पेशी के दौरान अदालत में मौजूद नावेद के मददगार और लश्कर के कार्यकर्ता खुर्शीद अहमद भट ने कहा कि उन्हें भी नावेद के साथ एक ही सेल में रखा जाए, क्योंकि उन्हें बंद कोठरी में रखा गया है। कोठरी से कम ही बाहर निकाला जाता है, लेकिन अदालत ने उनके आग्रह को अस्वीकार कर दिया।
खास बात यह रही कि एनआईए एसपी अतुल गोयल मंगलवार को भी तीनों की पेशी के दौरान मौजूद नहीं हो पाए। बताया जाता है कि वह इस समय कश्मीर घाटी में अन्य तीन इनामी संदिग्धों को पकड़ने के लिए प्रयासरत हैं।
ट्रक छोड़ने का आवेदन खारिज
उधमपुर आतंकी हमले में लश्कर के वर्करों की ओर से उपयोग किए गए ट्रक को रिलीज करने का आवेदन अदालत ने खारिज कर दिया। इसके लिए अब ट्रक मालिक को अब दिल्ली स्थित
एनआईए के नामित प्राधिकारी के पास आवेदन करना होगा। ट्रक के मालिकों ने रिलीज के लिए एनआईए कोर्ट में आवेदन किया था। कंट्रोल से जम्मू-कश्मीर में प्रवेश के बाद शौकत ने इसी ट्रक में पाक
आतंकी नावेद, मोमिन (अब मृत), अबु अकाशा और मोहम्मद भाई को बारामुला के बाबा रेशी से दक्षिण कश्मीर तक पहुंचाया था।