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प्रधानमंत्री का दौरा : 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर की बदली तस्वीर दुनिया को दिखाएंगे पीएम मोदी
Sun, 24 Apr 2022 05:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा
बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 24 Apr 2022 05:01 AM IST
सार
पल्ली में उद्योगों, आधारभूत ढांचे, बिजली और स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए कार्यों का भी रखेंगे लेखा-जोखा। पंचायती राज व्यवस्था, रिफ्यूजियों और कश्मीरी पंडितों के लिए उठाए गए कदमों का दे सकते हैं हवाला।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अनुच्छेद 370 हटने के ढाई साल से अधिक समय बीत जाने के बाद राष्ट्रीय पंचायत दिवस पर जम्मू आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण है। रैली के जरिये मोदी कई संदेश दे सकते हैं। वे जम्मू-कश्मीर की बदली तस्वीर का आइना देश-दुनिया को दिखाएंगे। पूरे देश के साथ ही विश्व को यहां हुए बदलावों व विकास कार्यों से रूबरू कराते हुए यह बताने की कोशिश कर सकते हैं कि अब जम्मू-कश्मीर मुख्यधारा में जुड़कर अन्य राज्यों की बराबरी ही नहीं कर रहा, बल्कि कई क्षेत्रों में दूसरे प्रदेशों से आगे निकल रहा है। यहां रोजगार के अवसर खुले हैं। अब युवाओं का ध्यान अपने कॅरिअर पर है।
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जानकारों का कहना हैं कि प्रधानमंत्री मोदी का फोकस पंचायती राज व्यवस्था पर होगा। 370 हटने के बाद यहां ग्राम स्वराज का सपना साकार हो रहा है। त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था लागू हुई है। प्रदेश में गांव स्तर पर लोकतंत्र मजबूत हुआ है। डीडीसी-बीडीसी चुनाव के साथ ही देश के अन्य राज्यों की बराबरी जम्मू-कश्मीर करने लगा। पंचायतों को सीधे पैसा मिलने लगा है। वे यहां 70 साल से अधिक समय से बिना नागरिकता के रह रहे पश्चिम पाकिस्तानी रिफ्यूजियों, गोरखा व वाल्मीकि समाज को मिले अधिकारों का हवाला देकर इसे बदलावों के साथ जोड़ सकते हैं।
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पल्ली की रैली के जरिए पिछले ढाई साल में जम्मू-कश्मीर में हुए विकास कार्यों का हवाला देकर लोगों को साथ जोड़ने की कोशिश होगी। सरकार गांव-गांव में खेल मैदान, भूमि पासबुक, ई-गवर्नेंस, भ्रष्टाचार पर नकेल, पारदर्शी प्रशासन, डल के गौरव को लौटाने व फिल्म जगत को आकर्षित करने की पहल को भी इस बड़े आयोजन के जरिये प्रचारित कर रही है।
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रोजगार के मोर्चे पर पारदर्शी तरीके से हो रही भर्तियों, पुलिस में महिलाओं को आरक्षण, आयुष्मान योजना पर लोगों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास है। इसके साथ ही औद्योगिक विकास, सड़कों का सुदृढ़ीकरण, हाईवे और कृषि क्षेत्र में हो रहे विकास को सामने रख देश-दुनिया को यह बताने की कोशिश है कि 370 की बेड़ियां हटने के बाद जम्मू-कश्मीर प्रगति के पथ पर बढ़ा है।
विश्लेषक व केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के डॉ. बच्चा बाबू का कहना है कि 370 हटने के बाद मोदी की पहली सभा पर सभी की नजरें होंगी। देश के साथ ही दुनियाभर के लोगों की भी निगाह होगी कि वह जम्मू-कश्मीर में आकर 370 हटाने के अपने फैसले को किस प्रकार सही ठहराते हैं। किन-किन बातों को आधार बनाकर वह अवाम को प्रदेश के पिछड़ेपन की वजह और उससे छुटकारे के अपने वायदे को रखेंगे। वास्तव में उनका यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण होगा।
लोगों को उम्मीदें, झोली खाली नहीं रहेगी
प्रधानमंत्री के दौरे से लोगों को ढेर सारी उम्मीदें भी हैं। पहाड़ियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिलने के साथ ही रोजगार और स्वास्थ्य क्षेत्र में घोषणाओं की उम्मीद है। कश्मीरी पंडितों को घाटी में सम्मानजनक वापसी व उनके मासिक भत्ते में बढ़ोतरी की आस है। लोगों का कहना है कि 370 हटने के बाद जब मोदी की पहली सभा हो रही है तो उन्हें कुछ न कुछ सौगात भी मिलनी चाहिए। उम्मीद है कि उनकी झोली खाली नहीं रहेगी। परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के अंतिम रूप आने की स्थिति में राजनीतिक घोषणाएं किए जाने की भी लोगों को आस है।
घाटी के हालात से भी रूबरू करा सकते हैं पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पल्ली से पूरी देश-दुनिया को घाटी के सच से सामना करा सकते हैं। इसमें अलगाववाद की हवा निकलने के साथ ही पत्थरबाजों के गायब होने और आतंकी तंजीमों को दहशतगर्दों के लाले पड़ने पर वे ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। पाकिस्तान को सीमा पर दिए गए करारा जवाब भी उनके भाषण में शामिल हो सकता है। घाटी में विकास की बह रही बयार ओर वहां के युवक-युवतियों की विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां के जरिये यह बता सकते हैं कि अब वहां हाथों में हथियार नहीं बल्कि कलम उठाए जा रहे हैं।