सोज और महबूबा के बाद राजनयिकों की कश्मीर यात्रा पर उमर का तंज, बोले- असली पर्यटकों को भेजें
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विदेशी राजनयिकों की कश्मीर यात्रा पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तंज कसा है। उमर ने कहा कि वे अपने देशों के असली पर्यटकों को जम्मू-कश्मीर भेजें। उमर ने ट्वीट में लिखा कि कश्मीर आने का शुक्रिया। अब कृपया अपने देशों से कुछ असली पर्यटकों को जम्मू-कश्मीर भेजिए।
इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैफुद्दीन सोज और पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती ने भी राजनयिकों की यात्रा पर कटाक्ष किए थे। सोज ने कहा कि राजनयिकों का दौरा लगभग हर साल होता है। यह बेकार की कवायद।
वहीं महबूबा ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल आएंगे और जाएंगे, लेकिन सच्चाई यह है कि जम्मू-कश्मीर में हालात अच्छे नहीं हैं। महबूबा उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा इलाके में एक सभा को संबोधित कर रही थीं।
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पत्रकारों से बातचीत में केंद्र सरकार के दृष्टिकोण और जम्मू-कश्मीर में विदेशी राजनियकों के दौरे के बारे में पूछे सवाल के जवाब में कहा कि जिस दृष्टिकोण ने जम्मू और कश्मीर के नेतृत्व की मूवमेंट को सीमित कर दिया है, वह बिल्कुल अच्छा नहीं है। हमें अपने घरों में बंद रखा जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर के दौरे के दूसरे दिन विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान घाटी में सुरक्षा व्यव्स्था के साथ ही कई अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई है। एसएसपी अनंतनाग संदीप चौधरी ने राजनयिकों को जनभागीदारी, रोजगार मुहैया कराने के प्रयासों के साथ ही विभिन्न मामलों की जानकारी दी। श्रीनगर एसपी शीमा नबी ने कोविड काल में पुलिस द्वारा निभाई गई जिम्मेदारी के बारे में बताया।
वहीं सेना ने घुसपैठ की कोशिशों, 1948 में बारामुला में अत्याचार, सुरंग, ड्रोन का उपयोग, मारे गए पाकिस्तानी आतंकवादियों की संख्या और सोशल मीडिया के जरिए आतंकियों की भर्ती में पाकिस्तान की भूमिका जैसे मामलों के बारे में विदेशी प्रतिनिधिमंडल को रूबरू कराया। सेना ने आतंकवादियों को आत्मसमर्पण कराने में सुरक्षाबलों की भूमिका के बारे में बताया। सेना ने अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के बाद पथराव की घटनाओं में कमी, शांतिपूर्ण डीडीसी चुनाव, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में दस हजार छात्रों वाले 44 आर्मी गुडविल स्कूलों के बारे में जानकारी दी। सेना और पुलिस के अधिकारियों से मिलने के बाद राजनयिकों का दल जम्मू के लिए रवाना हुआ। जम्मू पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्तल से मुलाकात की।
इसके बाद विदेशी राजनयिकों के प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू स्थित राजभवन में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की। इस दौरान उपराज्यपाल ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में परिसीमन प्रक्रिया जारी है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने आश्वासन दिया है कि परिसीमन पूरा होने के बाद विधानसभा चुनाव होंगे। उन्होंने कहा कि परिसीमन आयोग का काम पूरा होने के बाद निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से प्रदेश में चुनाव होंगे।