फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   After Basmati crisis on wheat crop now in jammu kashmir

जम्मू-कश्मीरः बासमती के बाद अब गेहूं की फसल पर संकट मंडराना शुरू, बारिश ने बढ़ाई नमी की मात्रा

Wed, 29 Jan 2020 12:19 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Wed, 29 Jan 2020 12:19 PM IST
विज्ञापन
After Basmati crisis on wheat crop now in jammu kashmir
गेहूं की फसल - फोटो : अमर उजाला

मैदानी इलाकों में बासमती के बाद अब गेहूं की फसल पर संकट मंडराना शुरू हो गया है। इसके विपरीत कंडी इलाकों में गेहूं की पैदावार के लिए बारिश लाभदायक सिद्ध होगी। मैदानी इलाकों जम्मू, कठुआ और सांबा में खराब मौसम के कारण गेहूं की फसल देर से बीजी गई थी। बीजाई के बाद से ही बारिश का सिलसिला जारी है। इस कारण खेतों में पानी भरा हुआ है।

विज्ञापन


मंगलवार को फिर बारिश होने के कारण खेत पूरी तरह से पानी से तर हो गए हैं। इस कारण अब गेहूं की पैदावार काफी प्रभावित होगी। कृषि विवि के अनुसार फसल की पैदावार में पांच से दस फीसदी गिरावट आएगी। ज्यादा नमी के कारण पौधे जमीन से बाहर नहीं आ पाएंगे। आगामी 15 दिनों तक बारिश नहीं होनी चाहिए।
विज्ञापन


बारिश न होने पर ही पैदावार की उम्मीद की जा सकती है। दूसरी तरफ कंडी इलाकों में बारिश गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित होगी। कंडी इलाकों में गेहूं की बीजाई समय पर हो चुकी है। खेतों में गेहूं के पौधे निकल आए हैं। इस समय बारिश की जरूरत है। बारिश होने से पैदावार की लिए अच्छी नमी हो जाएगी। पहाड़ी इलाकों में बारिश से दस से 15 फीसदी पैदावार में बढ़ोतरी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


मैदानी इलाकों में पहले तूफान और बारिश के कारण बासमती की फसल खेतों में पड़े-पड़े ही खराब हो गई थी। दिसंबर के बीच में खेतों को साफ किया गया। जनवरी के पहले सप्ताह में गेहूं की बीजाई हुई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार खेतों से पानी की निकासी होना बहुत जरूरी है। एडवाइजरी के माध्यम से भी किसानों को खेतों से पानी की निकासी करने की सलाह दी गई है। ज्यादा बारिश खेतों को प्रभावित कर सकती है।


मैदानी इलाकों में बारिश से गेहूं की फसल की पैदावार प्रभावित होगी। वहीं, कंडी इलाकों में बारिश गेहूं के लिए वरदान साबित होगी। किसानों को खेतों से पानी की निकासी करने की सलाह दी गई है।
-जेपी शर्मा, शोध निदेशक, स्कास्ट जे

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed