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Jammu News: ट्रैकिंग गाइडों और आयोजकों के लिए पंजीकरण अनिवार्य
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डीसी ने अल्पाइन व ऊंचे पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने के दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। जिले में ट्रैकिंग गाइड और आयोजकों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। डीसी अभिषेक शर्मा ने जिले के अल्पाइन और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने के आदेश किए हैं।
प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कुछ अनाधिकृत लोग, अनौपचारिक समूह और बिना पंजीकरण टूरिस्ट ऑपरेटर पहाड़ी इलाकों में ट्रैकिंग व एडवेंचर गतिविधियां कर रहे हैं। इनमें समाटसर झील, बेलासर, कटोरीसर, पंच गब्बरसर, बचेनसर और बुद्धल के अन्य अल्पाइन क्षेत्र शामिल हैं। डीसी के अनुसार वर्तमान मौसम एडवाइजरी व फील्ड रिपोर्ट पर ध्यान दें तो पीर पंजाल के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी, हिमस्खलन, अत्यधिक ठंड और अचानक मौसम बदलने के उच्च जोखिम का संकेत देते हैं। इससे इन इलाकों में ट्रैकिंग करने वालों के लिए गंभीर खतरा पैदा होता है। बिना प्रशिक्षित गाइड, उचित उपकरण या अधिकारियों को पूर्व सूचना के बिना अनियमित ट्रैकिंग गतिविधियों से दुर्घटना घट सकती है। सार्वजनिक सुरक्षा, अप्रिय घटनाओं की रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के डीसी ने कड़े निर्देश दिए हैं। ट्रैकिंग या किसी आयोजन के लिए अनिवार्य पंजीकरण व पूर्व सूचना देनी होगी। जिले के भीतर ट्रैकिंग, हाइकिंग या एडवेंचर से संबंधित सेवाएं प्रदान करने वाले सभी लोगों, स्थानीय गाइडों, टूर व ट्रैक ऑपरेटरों या संगठनों को तत्काल पर्यटन विभाग में अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा।
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ट्रैकिंग गतिविधियों की सूचना सात दिन
पहले संबंधित पुलिस थाने में देनी होगी
सभी ट्रैकिंग गतिविधियों की पूर्व लिखित सूचना संबंधित पुलिस थाने में सात दिन पहले दर्ज करनी होगी। इसमें गाइडों के नाम व संपर्क विवरण, प्रतिभागियों की पहचान का विवरण, प्रस्तावित मार्ग, अवधि, सुरक्षा व्यवस्था और उपकरणों की जानकारी होनी चाहिए। ऐसी पूर्व सूचना और सत्यापन के बिना किसी भी ट्रैकिंग या गाइडिंग गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी। डीसी ने अपंजीकृत या अनाधिकृत व्यक्तियों को एडवाइजरी अवधि के दौरान पर्यटकों या आगंतुकों को संवेदनशील, ऊंचे पहाड़ी या बर्फ से ढके इलाकों में ले जाने पर सख्त रोक लगा दी है। गाइड व आयोजक ये पक्का करेंगे कि टूरिस्ट ऊंचाई वाले और खराब मौसम की स्थितियों के लिए पूरी तरह से तैयार हों। सुरक्षा उपकरण, कम्युनिकेशन के इंतजाम और इमरजेंसी की तैयारी के उपाय मौजूद हों।
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- इस मामले में कोई भी कमी मानव जीवन को खतरे में डालने वाली बड़ी लापरवाही मानी जाएगी। इस आदेश को फील्ड स्टाफ, स्थानीय निकायों, पुलिस स्टेशनों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए बड़े पैमाने पर प्रचारित किया जाना चाहिए। डीसी ने जनता से अपील की कि यदि इस संबंध में कोई भी उल्लंघन देखते हैं तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या राजस्व अधिकारी को सूचित करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। जिले में ट्रैकिंग गाइड और आयोजकों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। डीसी अभिषेक शर्मा ने जिले के अल्पाइन और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने के आदेश किए हैं।
प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कुछ अनाधिकृत लोग, अनौपचारिक समूह और बिना पंजीकरण टूरिस्ट ऑपरेटर पहाड़ी इलाकों में ट्रैकिंग व एडवेंचर गतिविधियां कर रहे हैं। इनमें समाटसर झील, बेलासर, कटोरीसर, पंच गब्बरसर, बचेनसर और बुद्धल के अन्य अल्पाइन क्षेत्र शामिल हैं। डीसी के अनुसार वर्तमान मौसम एडवाइजरी व फील्ड रिपोर्ट पर ध्यान दें तो पीर पंजाल के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी, हिमस्खलन, अत्यधिक ठंड और अचानक मौसम बदलने के उच्च जोखिम का संकेत देते हैं। इससे इन इलाकों में ट्रैकिंग करने वालों के लिए गंभीर खतरा पैदा होता है। बिना प्रशिक्षित गाइड, उचित उपकरण या अधिकारियों को पूर्व सूचना के बिना अनियमित ट्रैकिंग गतिविधियों से दुर्घटना घट सकती है। सार्वजनिक सुरक्षा, अप्रिय घटनाओं की रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के डीसी ने कड़े निर्देश दिए हैं। ट्रैकिंग या किसी आयोजन के लिए अनिवार्य पंजीकरण व पूर्व सूचना देनी होगी। जिले के भीतर ट्रैकिंग, हाइकिंग या एडवेंचर से संबंधित सेवाएं प्रदान करने वाले सभी लोगों, स्थानीय गाइडों, टूर व ट्रैक ऑपरेटरों या संगठनों को तत्काल पर्यटन विभाग में अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा।
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ट्रैकिंग गतिविधियों की सूचना सात दिन
पहले संबंधित पुलिस थाने में देनी होगी
सभी ट्रैकिंग गतिविधियों की पूर्व लिखित सूचना संबंधित पुलिस थाने में सात दिन पहले दर्ज करनी होगी। इसमें गाइडों के नाम व संपर्क विवरण, प्रतिभागियों की पहचान का विवरण, प्रस्तावित मार्ग, अवधि, सुरक्षा व्यवस्था और उपकरणों की जानकारी होनी चाहिए। ऐसी पूर्व सूचना और सत्यापन के बिना किसी भी ट्रैकिंग या गाइडिंग गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी। डीसी ने अपंजीकृत या अनाधिकृत व्यक्तियों को एडवाइजरी अवधि के दौरान पर्यटकों या आगंतुकों को संवेदनशील, ऊंचे पहाड़ी या बर्फ से ढके इलाकों में ले जाने पर सख्त रोक लगा दी है। गाइड व आयोजक ये पक्का करेंगे कि टूरिस्ट ऊंचाई वाले और खराब मौसम की स्थितियों के लिए पूरी तरह से तैयार हों। सुरक्षा उपकरण, कम्युनिकेशन के इंतजाम और इमरजेंसी की तैयारी के उपाय मौजूद हों।
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- इस मामले में कोई भी कमी मानव जीवन को खतरे में डालने वाली बड़ी लापरवाही मानी जाएगी। इस आदेश को फील्ड स्टाफ, स्थानीय निकायों, पुलिस स्टेशनों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए बड़े पैमाने पर प्रचारित किया जाना चाहिए। डीसी ने जनता से अपील की कि यदि इस संबंध में कोई भी उल्लंघन देखते हैं तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या राजस्व अधिकारी को सूचित करें।