फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   A surge of devotees and a blanket of snow, the New Year brings increased fervor among pilgrims in Jammu and Ka

Jammu Kashmir: भक्तों का सैलाब और बर्फ की चादर, नववर्ष पर जम्मू-कश्मीर में श्रद्धालुओं की बढ़ी रौनक

Sun, 28 Dec 2025 12:40 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: निकिता गुप्ता Updated Sun, 28 Dec 2025 12:40 PM IST
सार

कश्मीर में नववर्ष के स्वागत के साथ श्रद्धालु बर्फबारी का आनंद लेते हुए वैष्णो देवी, बावे और रघुनाथ जैसे प्रसिद्ध मंदिरों के दर्शन कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के धार्मिक सर्किट में मंदिरों में श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ उमड़ी है।

विज्ञापन
A surge of devotees and a blanket of snow, the New Year brings increased fervor among pilgrims in Jammu and Ka
बावे वाली माता - फोटो : अभिषेक बड़ू

विस्तार

नए साल के स्वागत के लिए पर्यटक कश्मीर में बर्फबारी देखने जाने की योजना बना रहे हैं, वहीं ऐसे लोगों की भी कमी नहीं, जो ईश्वर दर्शन के साथ अपने नए साल की मंगलमय शुरुआत करना चाहते हैं।

विज्ञापन


जम्मू के धार्मिक सर्किट पर्यटन में वैष्णो देवी मंदिर, बावे, रघुनाथ मंदिर, महामाया मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर और रणबीरेश्वर मंदिर शामिल हैं।

रियासी जिले में स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले भक्तों की संख्या सबसे ज्यादा रहती है। पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यहां श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई थी। हरियाणा-राजस्थान बॉर्डर पर रहने वाले अरुण चौधरी विशेषकर वैष्णो देवी दर्शन को परिवार के साथ ट्रेन में रिजर्व टिकट न मिलने के बावजूद दर्शन को पहुंचे हैं।
विज्ञापन


केवल जम्मू शहर की बात करें तो यहां बावे वाली माता मंदिर जाने वालों की अच्छी तादाद रहती है। मंदिर बाहु किले में स्थित है, जिसे करीब चार सौ साल पुराना बताया जाता है। कहते हैं कि महाराज गुलाब सिंह जब भी किसी युद्ध को जाते थे तो वे अपनी सेना के साथ सबसे पहले मां को शीश नवाते थे। बिक्रम चौक निवासी राधा ऐसे ही लोगों में शामिल हैं, जिनकी हर त्योहार की सुबह बावे वाली माता को शीश नवाने से होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जम्मू में रघुनाथ मंदिर की भी बहुत मान्यता है। इसकी स्थापना 19वीं सदी में महाराजा गुलाब सिंह ने करवाई थी। यहां 33 कोटि देवों के शालिग्राम भी स्थित हैं। मंदिर के सुनीत शास्त्री कहते हैं कि जब तक कटड़ा की जगह ट्रेन केवल जम्मू तक आती थी, तब तक यहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में आते थे। अब उनकी संख्या 30 प्रतिशत रह गई है।

महामाया मंदिर मां दुर्गा को समर्पित है। यहां के लिए ट्रॉली भी चलाई गई है। लक्ष्मी नारायण मंदिर जम्मू के भद्रवाह में स्थित है। भगवान विष्णु और लक्ष्मी को समर्पित इस मंदिर का निर्माण महाराजा हरि सिंह के मंत्री शोभाराज ने कराया था। पर्यटन विभाग ने इस मंदिर को श्रद्धालुओं के बीच लोकप्रिय बनाने की कोशिश की है।

नए साल के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ाने को लिखा
नए साल के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ाने के लिए पुलिस को लिखा गया है। मंदिर के महंत बताते हैं कि इस दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। मंदिर में सुरक्षा बंदोबस्त कड़े किए जाने जरूरी हैं, क्योंकि दहशत फैलाने वालेे अवसरों की तलाश में रहते हैं। हालांकि मंदिर की ओर से नव वर्ष बैसाखी पर्व पर ही मनाया जाता है।

सोशल मीडिया के माध्यम से किया था प्रचारित
बावे वाली माता मंदिर के महंत बिट्टानाथ कहते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मंदिर को सोशल मीडिया के माध्यम से काफी प्रचारित किया गया था। यह बेशक स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र है, लेकिन बाहर से आने वाले पर्यटक अभी भी सीधे कटरा का टिकट कटाते हैं और ट्रेन में बैठकर वैष्णो देवी चले जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed