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विकास को 13 मामलों में वन भूमि के उपयोग की मंजूरी
Updated Thu, 09 Aug 2018 01:45 AM IST
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श्रीनगर। राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में पेयजल, सड़क, संचरण और जल विद्युत क्षेत्र के लिए 18.53 हेक्टेयर वन भूमि के उपयोग के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। राज्यपाल एनएन वोहरा की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्तावों की मंजूरी पर मुहर लगाई गई। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 109वीं बैठक में वन सलाहकार समिति (एफएसी) ने इन प्रस्तावों की सिफारिश की थी।
मंजूर हुए प्रस्तावों में सेना द्वारा बांदीपोरा वन डिवीजन में दावर गैरीसन में जल आपूर्ति योजना के निर्माण के लिए 0.023 हेक्टेयर वन भूमि का उपयोग शामिल है। इसके अलावा ट्रांसमिशन सेक्टर में पीजीसीएल द्वारा सामाजिक वानिकी डिवीजन पुलवामा में किशनगंगा एचईपी से जुड़े 220 केवी डबल सर्किट अमरगढ़-वागुरा ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण के संरक्षण में आने वाली बाधाओं को हटाने और 132 केवीडी/सी रामबन जम्मू-कश्मीर पीडीडी द्वारा बटोत वन डिवीजन में संगल्डन ट्रांसमिशन लाइन से 7.2765 हेक्टेयर वन भूमि का उपयोग शामिल है। सड़क क्षेत्र में जम्मू वन विभाग (316 पेड़ / पोल) और सामाजिक वानिकी डिवीजन जम्मू (424 पेड़ / पोल) में एनएच-144 ए के जम्मू-अखनूर खंड के लिए 4 लेन अपग्रेडेशन कार्यों के संरक्षण में आने वाली बाधाओं को हटाने में शामिल प्रस्तावों में राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) द्वारा 0.826 हेक्टेयर का उपयोग शामिल है।
पीएमजीएसवाई द्वारा राजोरी वन विभाग में दासल जाटन से दासल सेरान तक सड़क के निर्माण के लिए वन भूमि का, पीएमजीएसवाई द्वारा राजोरी वन विभाग में लो 43 केरी से नागून से सड़क के निर्माण के लिए 2.2825 हेक्टेयर भूमि का उपयोग आदि शामिल है। हाइड्रो पावर सेक्टर में एसएसी द्वारा अनुमोदित प्रस्तावों में जम्मू-कश्मीर ऊर्जा विकास एजेंसी द्वारा अनंतनाग वन डिवीजन में 1.60 मेगावाट से 5.0 मेगावाट तक इचू मिनी हाईडिल प्रोजेक्ट (एमएचपी) के उन्नयन के लिए वन भूमि के अतिरिक्त 1.094 हेक्टेयर और जकेडा द्वारा अनंतनाग वन डिवीजन में 1.80 मेगावॉट से 5.0 मेगावाट तक मावर-अहलान मिनी हाईडिल प्रोजेक्ट (एमएचपी) के उन्नयन के विकास के लिए वन भूमि का अतिरिक्त 0.58 हेक्टेयर का उपयोग शामिल है।
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मंजूर हुए प्रस्तावों में सेना द्वारा बांदीपोरा वन डिवीजन में दावर गैरीसन में जल आपूर्ति योजना के निर्माण के लिए 0.023 हेक्टेयर वन भूमि का उपयोग शामिल है। इसके अलावा ट्रांसमिशन सेक्टर में पीजीसीएल द्वारा सामाजिक वानिकी डिवीजन पुलवामा में किशनगंगा एचईपी से जुड़े 220 केवी डबल सर्किट अमरगढ़-वागुरा ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण के संरक्षण में आने वाली बाधाओं को हटाने और 132 केवीडी/सी रामबन जम्मू-कश्मीर पीडीडी द्वारा बटोत वन डिवीजन में संगल्डन ट्रांसमिशन लाइन से 7.2765 हेक्टेयर वन भूमि का उपयोग शामिल है। सड़क क्षेत्र में जम्मू वन विभाग (316 पेड़ / पोल) और सामाजिक वानिकी डिवीजन जम्मू (424 पेड़ / पोल) में एनएच-144 ए के जम्मू-अखनूर खंड के लिए 4 लेन अपग्रेडेशन कार्यों के संरक्षण में आने वाली बाधाओं को हटाने में शामिल प्रस्तावों में राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) द्वारा 0.826 हेक्टेयर का उपयोग शामिल है।
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पीएमजीएसवाई द्वारा राजोरी वन विभाग में दासल जाटन से दासल सेरान तक सड़क के निर्माण के लिए वन भूमि का, पीएमजीएसवाई द्वारा राजोरी वन विभाग में लो 43 केरी से नागून से सड़क के निर्माण के लिए 2.2825 हेक्टेयर भूमि का उपयोग आदि शामिल है। हाइड्रो पावर सेक्टर में एसएसी द्वारा अनुमोदित प्रस्तावों में जम्मू-कश्मीर ऊर्जा विकास एजेंसी द्वारा अनंतनाग वन डिवीजन में 1.60 मेगावाट से 5.0 मेगावाट तक इचू मिनी हाईडिल प्रोजेक्ट (एमएचपी) के उन्नयन के लिए वन भूमि के अतिरिक्त 1.094 हेक्टेयर और जकेडा द्वारा अनंतनाग वन डिवीजन में 1.80 मेगावॉट से 5.0 मेगावाट तक मावर-अहलान मिनी हाईडिल प्रोजेक्ट (एमएचपी) के उन्नयन के विकास के लिए वन भूमि का अतिरिक्त 0.58 हेक्टेयर का उपयोग शामिल है।
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