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हाईवे से यात्रा रुोकी, हजारों अमरनाथ यात्री फंसे

Sun, 08 Jul 2018 09:40 PM IST
Updated Sun, 08 Jul 2018 09:40 PM IST
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हाईवे से यात्रा रुोकी, हजारों अमरनाथ यात्री फंसे

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पुन: संशोधित----(इंट्रो में बदलाव किया गया है)
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हेडिंग...
आज से फिर जाएगा
श्रदलुओं का जत्था
क्रासर....
-रविवार को यात्रा रुकने के कारण हजारों अमरनाथ यात्री फंसे
-आतंकी बुरहान वानी की बरसी के कारण बरता गया एहतियात
-11282 यात्रियों ने रविवार को किए बाबा बर्फानी के दर्शन
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कोट....
सोमवार को अमरनाथ यात्रा बहाल होगी और जम्मू-श्रीनगर हाईवे खुला रहेगा।
-डा. एसपी वैद, डीजीपी जम्मू-कश्मीर।

अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू।
घाटी में आतंकी बुरहान वानी की बरसी पर किसी अनहोनी घटना की आशंका को देखते हुए रविवार को अमरनाथ यात्रियों को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनिहाल से आगे नहीं जाने दिया गया।
अब सोमवार को यात्रा फिर शुरू हो जाएगी। रविवार को बालटाल और पहलगाम बेस कैंपों में पहले से मौजूद यात्रियों को पवित्र गुफा की ओर भेजा गया। इस बीच 11वें दिन 11282 शिव भक्तों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। दर्शनार्थियों का आंकड़ा 94412 तक पहुंच गया है।
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रविवार को सुरक्षा कारणों से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बंद रखने से हजारों पर्यटक और अमरनाथ यात्री रास्ते में फंसे रहे। दोपहर बाद घाटी के लिए रामबन में रोके गए करीब एक हजार ट्रकों के साथ निजी वाहनों को ही भेजा गया। आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से अमरनाथ यात्रियों के जत्थे को नहीं भेजा गया। राजोरी और पुंछ को कश्मीर से जोड़ने वाले मुगल रोड पर भी वाहनों की आवाजाही बंद रखी गई।
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जम्मू से नहीं भेजे यात्री
आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से रविवार को किसी भी यात्री को नहीं भेजा गया। यहां देर शाम तक करीब 2500 यात्री पहुंच गए थे। निजी वाहनों से हाईवे से सीधे गए यात्रियों को नगरोटा सहित अन्य स्थानों पर रोक दिया गया। इससे पुलिस और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को यात्रियों का विरोध झेलना पड़ा।
आज 11.30 बजे के बाद वाहनों को इजाजत नहीं
मौसम की मार और घाटी में खराब हालात से देशभर से आए करीब बीस हजार अमरनाथ यात्रियों को पिछले सात दिन में विभिन्न जगहों पर रुकना पड़ा है। हाईवे ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, सोमवार को सुबह 11.30 बजे के बाद घाटी के लिए वाहनों को जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

पंजतरणी में यात्रियों को नकदी का संकट नहीं
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सीईओ उमंग नरुला ने बताया कि बोर्ड की ओर से जेएंडके बैंक के माइक्रो एटीएम से पंजतरणी में फंसे यात्रियों के लिए 3.62 लाख रुपये उपलब्ध करवाए गए। बालटाल और पहलगाम हवाई मार्ग से चापर सेवा जारी है।
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महिला श्रद्धालु की मौत
गांदरबल जिला स्थित बालटाल बेस कैंप में हृदय गति रुकने से अमरनाथ महिला श्रद्धालु हैदराबाद निवासी लक्ष्मी भाई (54) की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार शनिवार की रात लक्ष्मी भाई की हालत खराब होने पर उसे बेस कैंप लाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। इसके साथ अब तक यात्रा में विभिन्न कारणों से 13 लोगों की मौत हो चुकी है। रविवार को गुजरात निवासी 45 वर्षीय यात्री गोरी शंकर की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर श्राइन बोर्ड ने एयरलिफ्ट करके उसे बेस कैंप बालटाल से स्किमस श्रीनगर में उचित इलाज के लिए शिफ्ट किया।


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आज एक लाख का आंकड़ा पार होगा
सोमवार को पवित्र हिमलिंग के दर्शन करने वाले यात्रियों का एक लाख का आंकड़ा पार हो जाएगा। रविवार तक 94412 श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। पिछले दो दिन से 9-11 हजार के बीच श्रद्धालु एक दिन में दर्शन कर रहे हैं। हालांकि पिछले दो साल के मुकाबले एक लाख का आंकड़ा देरी से पार हो रहा है। इसका बड़ा कारण खराब मौसम की मार और आतंकी घटनाओं की आशंकाओं के चलते यात्रा रुकना रहा है। वर्ष 2016 में सात दिन में 103063 और वर्ष 2017 में आठ दिन में 105380 यात्रियों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे। इस बार सोमवार को 12वें दिन एक लाख आंकड़ा पार होने की उम्मीद है।
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