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जम्मू बंद पर आज बनेगी रणनीति
Updated Mon, 09 Apr 2018 12:36 AM IST
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जम्मू। रोहिंग्याओं को वापस भेजने, रसाना कांड की सीबीआई जांच कराने और अनुसूूचित जनजाति को वन विभाग की जमीन पर ठहरनेे के विवादास्पद आदेश को वापस करने की मांग को लेकर बुधवार को जम्मू बंद किया जा सकता है। बार एसोसिएशन सोमवार को जनरल हाउस की बैठक में बंद को लेकर फैसला करेगी। इस दौरान अदालतों में कामकाज ठप रखा जाएगा।
जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन पिछले कई दिनों से मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सलाथिया के अनुसार सिविल सोसायटी के नेताओं से बैठक की गई। सभी ने जम्मू बंद को लेकर अपना समर्थन दिया है। बंद का अंतिम फैसला जनरल हाउस बैठक में किया जाएगा।
वकीलों की मांग है जम्मू से रोहिंग्याओं को वापस भेजने, रसाना कांड की सीबीआई जांच और नौशेरा में डीसी का पद सृजित करना शामिल है। रोहिंग्याओं के कारण राज्य में अपराध बढ़ रहे हैं और वह सुरक्षा के लिए खतरा हैं। इनके कारण ही आतंकी गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई है। आतंकी सैन्य शिविरों में हमला कर रहे हैं। सरकार की गतिविधियां भी संदिग्ध हैं। पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार ने जम्मू की अनदेखी की है। सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काया है। जम्मू के लोगों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।
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उन्होंने कहा कि रसाना कांड में भी निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है। इस मामले को भी सांप्रदायिक बनाया जा रहा है। रसाना कांड की सीबीआई जांच से ही सही आरोपियों को पकड़ा जा सकता है। जम्मू के लोगों के अधिकारों को बचाने के लिए बार हमेशा संघर्ष करती रही है। किसी भी सरकार को आम नागरिकों के अधिकारों का हनन करने का हक नहीं है। सरकार लोगोें को आपस में बांट रही है। मिनट्स आफ मीटिंग में गुज्जर समुदाय को भी जमीन पर कब्जा करने के अधिकार देने की बात कही है। जो गैर कानूनी एवं असंवैधानिक है।
जम्मू बंद के आह्वान पर निकाली रैली
जम्मू। डोगरा फ्रंट एंड शिव सेना ने 11 अप्रैल को जम्मू बंद के आह्वान पर रैली निकाली। रैली के जरिये शैक्षणिक संस्थानों के अलावा ट्रांसपोर्टरों से भी हड़ताल में शामिल होने का अनुरोध किया गया। अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने कहा कि जम्मू बंद में तमाम दल भाग ले रहे हैं। जम्मू की भौगोलिक स्थिति को बदलने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य में रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों को अवैध रूप से बसाया जा रहा है। इसके कारण राज्य की सुरक्षा को खतरा हो गया है। जम्मू के लोगों के साथ भेदभाव हो रहा है। लोगों के राशन कार्ड तक नहीं बन रहे हैं जबकि रोहिंग्याओं को राशन सुविधा दी गई है। एक मंत्री रोहिंग्याओं की सहायता कर रहा है।
रोहिंग्याओं को निकाला जाए बाहर
जम्मू। जम्मू वेस्ट असेंबली मूवमेंट ने रोहिंग्याओं को राज्य से बाहर करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। अध्यक्ष सुनील डिंपल ने कहा कि राज्य की सुरक्षा खतरे में है। 11 अप्रैल को जम्मू बंद का आह्वान किया गया है। इसमें लोग सहयोग करें। उन्होंने कहा कि रोहिंग्याओं को अवैध रूप से बसाया जा रहा है। इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। भाजपा-पीडीपी सरकार ट्राइबल मसले पर मंथन करे और पहले के आदेश को रद्द करे। ब्यूरो
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जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन पिछले कई दिनों से मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सलाथिया के अनुसार सिविल सोसायटी के नेताओं से बैठक की गई। सभी ने जम्मू बंद को लेकर अपना समर्थन दिया है। बंद का अंतिम फैसला जनरल हाउस बैठक में किया जाएगा।
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वकीलों की मांग है जम्मू से रोहिंग्याओं को वापस भेजने, रसाना कांड की सीबीआई जांच और नौशेरा में डीसी का पद सृजित करना शामिल है। रोहिंग्याओं के कारण राज्य में अपराध बढ़ रहे हैं और वह सुरक्षा के लिए खतरा हैं। इनके कारण ही आतंकी गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई है। आतंकी सैन्य शिविरों में हमला कर रहे हैं। सरकार की गतिविधियां भी संदिग्ध हैं। पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार ने जम्मू की अनदेखी की है। सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काया है। जम्मू के लोगों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।
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उन्होंने कहा कि रसाना कांड में भी निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है। इस मामले को भी सांप्रदायिक बनाया जा रहा है। रसाना कांड की सीबीआई जांच से ही सही आरोपियों को पकड़ा जा सकता है। जम्मू के लोगों के अधिकारों को बचाने के लिए बार हमेशा संघर्ष करती रही है। किसी भी सरकार को आम नागरिकों के अधिकारों का हनन करने का हक नहीं है। सरकार लोगोें को आपस में बांट रही है। मिनट्स आफ मीटिंग में गुज्जर समुदाय को भी जमीन पर कब्जा करने के अधिकार देने की बात कही है। जो गैर कानूनी एवं असंवैधानिक है।
जम्मू बंद के आह्वान पर निकाली रैली
जम्मू। डोगरा फ्रंट एंड शिव सेना ने 11 अप्रैल को जम्मू बंद के आह्वान पर रैली निकाली। रैली के जरिये शैक्षणिक संस्थानों के अलावा ट्रांसपोर्टरों से भी हड़ताल में शामिल होने का अनुरोध किया गया। अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने कहा कि जम्मू बंद में तमाम दल भाग ले रहे हैं। जम्मू की भौगोलिक स्थिति को बदलने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य में रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों को अवैध रूप से बसाया जा रहा है। इसके कारण राज्य की सुरक्षा को खतरा हो गया है। जम्मू के लोगों के साथ भेदभाव हो रहा है। लोगों के राशन कार्ड तक नहीं बन रहे हैं जबकि रोहिंग्याओं को राशन सुविधा दी गई है। एक मंत्री रोहिंग्याओं की सहायता कर रहा है।
रोहिंग्याओं को निकाला जाए बाहर
जम्मू। जम्मू वेस्ट असेंबली मूवमेंट ने रोहिंग्याओं को राज्य से बाहर करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। अध्यक्ष सुनील डिंपल ने कहा कि राज्य की सुरक्षा खतरे में है। 11 अप्रैल को जम्मू बंद का आह्वान किया गया है। इसमें लोग सहयोग करें। उन्होंने कहा कि रोहिंग्याओं को अवैध रूप से बसाया जा रहा है। इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। भाजपा-पीडीपी सरकार ट्राइबल मसले पर मंथन करे और पहले के आदेश को रद्द करे। ब्यूरो