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जन्म से मृत्यु तक जुड़वा भाइयों का रहा साथ
Updated Sun, 08 Apr 2018 01:12 AM IST
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रामबन। करोल कुंडी सड़क हादसे में मारे जाने वाले जुड़वा शिक्षक भाइयों संजय सिंह और मंजीत सिंह ने जन्म से मृत्यु तक एक-दूसरे का साथ निभाया। दोनों न केवल देखने में एक जैसे थे, बल्कि पढ़ाई भी एक विषय में साथ-साथ की। दोनों का प्रोफेशन भी एक ही रहा। इसे दुर्भाग्य ही करें कि मौत का झपट्टा भी दोनों भाइयों पर एक साथ पड़ा।
29 अक्टूबर 1981 को जन्मे दोनों भाइयाें ने प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्कूल में लेने के बाद जम्मू यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा हासिल की। बीएड भी दोनों ने जम्मू से ही एक साथ किया। 27 सितंबर 2012 को दोनों जनरल लाइन टीचर बहाल हुए। शुक्रवार को ड्यूटी पर जाने के दौरान दोनों भाई हादसे के शिकार हुए और काल के ग्रास बन गए।
गौरतलब है कि करोल कुमेद संपर्क मार्ग पर एक कार अनियंत्रित हो कर तीन सौ फुट गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में कार में सवार जुड़वा भाइयों संजय सिंह और मंजीत सिंह पुत्र नसीब सिंह की मौत हो गई थी। दोनों ड्यूटी पर स्कूल जा रहे थे।
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गर्भवती हैं संजय की पत्नी
दोनों भाइयों का साथ न रहा तो केवल शादी के वक्त। संजय की शादी दिसंबर 2016 को हुई थी। इनकी पत्नी मौजूदा समय में गर्भवती हैं। उन पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। दुनिया में आने से पहले ही गर्भस्थ शिशु के सिर से पिता का साया उठ गया। जबकि दूसरे भाई मंजीत सिंह की शादी 2014 में हुई थी। उनका एक मासूम बेटा है। उसे यह भी पता नहीं है कि उसके पिता और चाचा अब दुनिया में नहीं रहे।
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फूट-फूट कर रोए स्कूली बच्चे, वीडिया वायरल
रामबन। करोल कुंडी सड़क हादसे में मारे गए जुड़वा शिक्षक भाइयों के स्कूलों के बच्चों को जब घटना की जानकारी मिली तो वे फूट-फूट कर रोने लगे। इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ है। इस वीडियो ने आसपास के इलाके के माहौल को और गमगीन कर दिया।
शिक्षा विभाग के निर्देश पर रामबन जिले के चारो शिक्षा जोनों के सभी स्कूलों में शनिवार को शोकसभा का आयोजन कर मृतक शिक्षकों की आत्मा की शांति की दुआ मांगी गई। दूसरी तरफ उनके घरों पर शोक जताने और परिवार को ढांढस बंधाने वालों का तांता लगा रहा। बता दें कि एक भाई हाई स्कूल जख में शिक्षक थे तो दूसरे अपर प्राइमरी स्कूल धांदला में।
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अंतिम संस्कार में उमड़ा जन सैलाब
जुड़वा शिक्षक भाइयों की मौत ने आसपास के इलाकों को झकझोर कर रख दिया। हर किसी की आंखें नम हो गई। उनके अंतिम संस्कार में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे और उन्हें नम आंखों से विदाई दी।
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29 अक्टूबर 1981 को जन्मे दोनों भाइयाें ने प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्कूल में लेने के बाद जम्मू यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा हासिल की। बीएड भी दोनों ने जम्मू से ही एक साथ किया। 27 सितंबर 2012 को दोनों जनरल लाइन टीचर बहाल हुए। शुक्रवार को ड्यूटी पर जाने के दौरान दोनों भाई हादसे के शिकार हुए और काल के ग्रास बन गए।
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गौरतलब है कि करोल कुमेद संपर्क मार्ग पर एक कार अनियंत्रित हो कर तीन सौ फुट गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में कार में सवार जुड़वा भाइयों संजय सिंह और मंजीत सिंह पुत्र नसीब सिंह की मौत हो गई थी। दोनों ड्यूटी पर स्कूल जा रहे थे।
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गर्भवती हैं संजय की पत्नी
दोनों भाइयों का साथ न रहा तो केवल शादी के वक्त। संजय की शादी दिसंबर 2016 को हुई थी। इनकी पत्नी मौजूदा समय में गर्भवती हैं। उन पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। दुनिया में आने से पहले ही गर्भस्थ शिशु के सिर से पिता का साया उठ गया। जबकि दूसरे भाई मंजीत सिंह की शादी 2014 में हुई थी। उनका एक मासूम बेटा है। उसे यह भी पता नहीं है कि उसके पिता और चाचा अब दुनिया में नहीं रहे।
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फूट-फूट कर रोए स्कूली बच्चे, वीडिया वायरल
रामबन। करोल कुंडी सड़क हादसे में मारे गए जुड़वा शिक्षक भाइयों के स्कूलों के बच्चों को जब घटना की जानकारी मिली तो वे फूट-फूट कर रोने लगे। इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ है। इस वीडियो ने आसपास के इलाके के माहौल को और गमगीन कर दिया।
शिक्षा विभाग के निर्देश पर रामबन जिले के चारो शिक्षा जोनों के सभी स्कूलों में शनिवार को शोकसभा का आयोजन कर मृतक शिक्षकों की आत्मा की शांति की दुआ मांगी गई। दूसरी तरफ उनके घरों पर शोक जताने और परिवार को ढांढस बंधाने वालों का तांता लगा रहा। बता दें कि एक भाई हाई स्कूल जख में शिक्षक थे तो दूसरे अपर प्राइमरी स्कूल धांदला में।
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अंतिम संस्कार में उमड़ा जन सैलाब
जुड़वा शिक्षक भाइयों की मौत ने आसपास के इलाकों को झकझोर कर रख दिया। हर किसी की आंखें नम हो गई। उनके अंतिम संस्कार में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे और उन्हें नम आंखों से विदाई दी।