जम्मू-कश्मीरः संतूर होटल से एमएलए हॉस्टल में शिफ्ट किए गए 34 नेता, 90 दिन में आया 2.65 करोड़ का बिल
डल झील के किनारे स्थित मशहूर संतूर होटल में रखे गए 34 राजनीतिक बंदियों को श्रीगनर के एमएलए हॉस्टल में स्थानांतरित कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि वहां सर्दियों के मौसम में उचित ताप बनाए रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। इसलिए नए परिसर में उक्त नेताओं को रखा गया है।
इस होटल में नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, पीपुल्स कांफ्रेंस के नेताओं के अलावा प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता नजरबंद थे। मालूम हो कि पांच अगस्त को 72 साल पुराना इतिहास बदलकर अनुच्छेद 370 और 35ए के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले प्रावधानों को खत्म करने का एलान किया गया था। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने की घोषणा की गई।
इसी दौरान नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं को तत्कालीन राज्यपाल प्रशासन ने इस होटल में नजरबंद कर दिया था। ये सभी उसी समय से वहां रखे गए थे। इसमें पीपुल्स कांफ्रेस के सज्जाद लोन, नेशनल कॉंफ्रेंस के अली मोहम्मद सागर, पीडीपी के नईम अख्तर और पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल शामिल हैं।
नए परिसर की तलाश हुई पूरी
इस बीच भारतीय पर्यटन विकास निगम के स्वामित्व वाले होटल संतूर ने गृह विभाग को 90 दिनों की अवधि का 2.65 करोड़ रुपये का बिल भेजा है। यह बिल होटल में रखे गए राजनीतिक बंदियों के लिए दिया गया है। इस बीच प्रशासन ने होटल के बिल को मानने से इनकार कर दिया है।
प्रशासन का दावा है कि होटल को पांच अगस्त को एक सहायक जेल में तब्दील कर दिया गया था। अत: इसका भुगतान सरकारी दर से किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन द्वारा मंजूर की गई दरों के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 800 रुपये का खर्च आएगा जबकि होटल इसके लिए 5000 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से वसूलता है।