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जम्मू-कश्मीर में 300 करोड़ से दूर करेंगे ऑक्सीजन का संकट
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जम्मू। कोविड की मार झेल रहे जम्मू-कश्मीर को भविष्य में ऐसी संक्रमित बीमारियों से निपटने के लिए मजबूत बनाया जा रहा है। कोविड में सबसे बड़ी चुनौती बनी ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति के लिए प्रदेश के स्वास्थ्य केंद्रों पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें जिला और एसोसिएटेड अस्पतालों में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट अगले 3 से 4 माह में स्थापित कर दिए जाएंगे। इसके लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो गई है।
अमर उजाला के साथ साक्षात्कार में स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के वित्तीय आयुक्त अटल डुल्लू ने दावा किया कि अगले कुछ महीनों में प्रदेश हर स्तर पर स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार हो जाएगा। वर्तमान में मरीजों के लिए सभी उचित और वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
डुल्लू ने बताया कि जीएमसी के लिए ही 37 करोड़ रुपये के जेनरेशन ऑक्सीजन प्लांट की मंजूरी दी गई है। पूरे प्रदेश के जिला और एसोसिएटेड अस्पतालों में इन प्लांट को स्थापित करने के लिए 230 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा अन्य राशि मैनीफोल्ड ऑक्सीजन प्लांट पर खर्च की जा रही है। यह प्रक्रिया अगले 3 से 4 माह में मुकम्मल कर ली जाएगी। वर्तमान में जीएमसी में एचडीयू के आईसीयू बेडों के लिए अलग से मैनीफोल्ड ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया है। लिक्विड ऑक्सीजन टैंक को 31 अक्तूबर तक स्थापित कर दिया जाएगा। जीएमसी और एसोसिएटेड अस्पतालों में मरीजों की जरूरत के मुताबिक पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध है।
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प्रदेश के 30 सीएचसी में 60 करोड़ से मैनीफोल्ड ऑक्सीजन प्लांट लगेंगे
जिला स्तर पर ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए प्रदेश के 30 सीएचसी में मैनीफोल्ड ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। इसमें प्रत्येक पर 2 करोड़ रुपये खर्च होगा। जम्मू और कश्मीर के 15-15 सीएचसी में प्लांट लगेंगे। यह प्रक्रिया अगले दो माह में पूरी कर ली जाएगी। इसके अलावा सीएचसी स्तर पर गंभीर मरीजों के लिए ऑक्सीजन युक्त आईसीयू बेड तैयार किए जाएंगे, ताकि वहां से मरीजों को शहरी अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत न पड़े।
जिला अस्पतालों में मजबूत होंगी चिकित्सा सुविधाएं
स्वास्थ्य विभाग को विश्व बैंक की ओर से 50 मिलियन डालर की राशि मिली है। इसमें करीब 420 करोड़ रुपये अगले 4-5 माह में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए खर्च किया जाएगा। इसमें जिला अस्पतालों में आईसीयू, डायग्नोट्स्कि लेबोरेटरी, आधुनिक ऑपरेशन थियेटर, चिकित्सा उपकरण आदि काम किए जाएंगे। चिकित्सा उपकरणों के लिए 20 करोड़ रुपये मिले हैं। इसके साथ उपजिला अस्पतालों में भी चिकित्सा उपकरणों के लिए 120 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें जम्मू और कश्मीर में 60-60 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी।
95 लाख आबादी को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा कवर
प्रदेश की 95 लाख आबादी को जम्मू-कश्मीर स्वास्थ्य बीमा के तहत कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले आयुष्मान प्रधानमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य बीमा में 30 लाख लोगों को कवर किया गया था। बीमा योजना के लिए पंजीकरण प्रक्रिया जारी है और हजारों लोगों को पंजीकृत किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक माह के भीतर कार्ड वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में यह तीन साल के लिए बीमा कवर होगा, जिसके बाद नियमित रूप से इसे आगे बढ़ाने की योजना है। एक बार लाभार्थी पंजीकृत हो जाने के बाद उसका कार्ड नियमित चलता रहेगा।
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अमर उजाला के साथ साक्षात्कार में स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के वित्तीय आयुक्त अटल डुल्लू ने दावा किया कि अगले कुछ महीनों में प्रदेश हर स्तर पर स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार हो जाएगा। वर्तमान में मरीजों के लिए सभी उचित और वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
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डुल्लू ने बताया कि जीएमसी के लिए ही 37 करोड़ रुपये के जेनरेशन ऑक्सीजन प्लांट की मंजूरी दी गई है। पूरे प्रदेश के जिला और एसोसिएटेड अस्पतालों में इन प्लांट को स्थापित करने के लिए 230 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा अन्य राशि मैनीफोल्ड ऑक्सीजन प्लांट पर खर्च की जा रही है। यह प्रक्रिया अगले 3 से 4 माह में मुकम्मल कर ली जाएगी। वर्तमान में जीएमसी में एचडीयू के आईसीयू बेडों के लिए अलग से मैनीफोल्ड ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया है। लिक्विड ऑक्सीजन टैंक को 31 अक्तूबर तक स्थापित कर दिया जाएगा। जीएमसी और एसोसिएटेड अस्पतालों में मरीजों की जरूरत के मुताबिक पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध है।
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प्रदेश के 30 सीएचसी में 60 करोड़ से मैनीफोल्ड ऑक्सीजन प्लांट लगेंगे
जिला स्तर पर ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए प्रदेश के 30 सीएचसी में मैनीफोल्ड ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। इसमें प्रत्येक पर 2 करोड़ रुपये खर्च होगा। जम्मू और कश्मीर के 15-15 सीएचसी में प्लांट लगेंगे। यह प्रक्रिया अगले दो माह में पूरी कर ली जाएगी। इसके अलावा सीएचसी स्तर पर गंभीर मरीजों के लिए ऑक्सीजन युक्त आईसीयू बेड तैयार किए जाएंगे, ताकि वहां से मरीजों को शहरी अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत न पड़े।
जिला अस्पतालों में मजबूत होंगी चिकित्सा सुविधाएं
स्वास्थ्य विभाग को विश्व बैंक की ओर से 50 मिलियन डालर की राशि मिली है। इसमें करीब 420 करोड़ रुपये अगले 4-5 माह में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए खर्च किया जाएगा। इसमें जिला अस्पतालों में आईसीयू, डायग्नोट्स्कि लेबोरेटरी, आधुनिक ऑपरेशन थियेटर, चिकित्सा उपकरण आदि काम किए जाएंगे। चिकित्सा उपकरणों के लिए 20 करोड़ रुपये मिले हैं। इसके साथ उपजिला अस्पतालों में भी चिकित्सा उपकरणों के लिए 120 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें जम्मू और कश्मीर में 60-60 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी।
95 लाख आबादी को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा कवर
प्रदेश की 95 लाख आबादी को जम्मू-कश्मीर स्वास्थ्य बीमा के तहत कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले आयुष्मान प्रधानमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य बीमा में 30 लाख लोगों को कवर किया गया था। बीमा योजना के लिए पंजीकरण प्रक्रिया जारी है और हजारों लोगों को पंजीकृत किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक माह के भीतर कार्ड वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में यह तीन साल के लिए बीमा कवर होगा, जिसके बाद नियमित रूप से इसे आगे बढ़ाने की योजना है। एक बार लाभार्थी पंजीकृत हो जाने के बाद उसका कार्ड नियमित चलता रहेगा।