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उधमपुर में 260 करोड़ का राशन घोटाला, अफसरों-कर्मचारियों के 15 ठिकानों पर छापा

Fri, 21 Feb 2020 12:32 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/उधमपुर/सांबा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/उधमपुर/सांबा Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 21 Feb 2020 12:32 AM IST
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260 crore ration scam in Udhampur
राशन घोटाला - फोटो : file photo

उधमपुर में हुए 260 करोड़ रुपये के सरकारी राशन घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने वीरवार को पांच जिलों में संबंधित विभाग के अफसरों-कर्मचारियों व ठेकेदार के 15 ठिकानों पर एक साथ छापे मारे।

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घोटाले में एक फ्लोर मिल तथा सीएपीडी विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई है। ढुलाई-पिसाई के नाम पर सरकार के करोड़ों रुपये डकार लिए गए। माल की ढुलाई के लिए ट्रक की जगह स्कूटर के नंबर दे दिए गए। ब्यूरो की टीमों ने छापे के दौरान छह लाख रुपये नकद और कई अहम दस्तावेज जब्त किए। 
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उधमपुर में चार अलग-अलग टीमों ने छापा मारा। जांच में सामने आया है कि फ्लोर मिल में 157 ट्रकों से लाया गया गेहूं एफसीआई और एसआरटीसी के रिकार्ड में ही नहीं है। जिन नंबर के ट्रकों का इस्तेमाल कर पैसा लिया गया, वे नंबर स्कूटर-मोटरसाइकिल और कारों के हैं। 30 मीटर दूर राशन पहुंचाने के लिए भी ट्रकों का इस्तेमाल किया। ट्रांसपोर्ट, पिसाई और लेबर के नाम करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया।
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उधमपुर के पूर्व सहायक निदेशक मुकलिस अली निवासी थन्ना मंडी राजोरी, पूर्व सहायक निदेशक अब्दुल रशीद निवासी बनिहाल रामबन, जोगिंदर सिंह निवासी लोअर रूप नगर जम्मू, रमेश चंद्र निवासी सांबा, पूर्व सुपरवाइजर उधमपुर, त्रिकुटा फ्लोर मिल के रमेश कुमार, सुषमा गुप्ता निवासी उधमपुर, सुशील कुमार निवासी उधमपुर, एफसीआई गोदाम उधमपुर के पूर्व सुपरवाइजर राकेश परगाल, मुबारक मंडी निवासी दीपक अबरोल बुकिंग मैनेजर एसआरटीसी उधमपुर, रमेश कुमार क्लर्क उधमपुर एसआरटीसी डिपो निवासी उधमपुर, त्रिकुटा फ्लोर मिल के मालिक अमित महाजन, निवासी गांधी नगर जम्मू, एसआरटीसी का ठेकेदार परमदीप सिंह निवासी त्रिकुटा नगर के घर पर कार्रवाई कर कई तरह का रिकॉर्ड जब्त किया गया।  

30 मीटर की ढुलाई पर 90 लाख का भुगतान
2013 से 2014 तक सीएपीडी ने अपने खाते में 157 ट्रकों से गेहूं आने की जानकारी दी है लेकिन यह ट्रक एफसीआई और एसआरटीसी के खाते में मौजूद ही नहीं हैं। जिन ट्रकों की माल ढुलाई के पैसे लिए गए, वह रिकॉर्ड में नहीं हैं। त्रिकुटा फ्लोर मिल और एफसीआई के गोदाम में मात्र 30 मीटर दूर माल ढुलाई और ट्रांसपोर्ट के 90 लाख रुपये का भुगतान किया गया।

जोगिंदर सिंह के घर से छह लाख नकद बरामद
उधमपुर में सीएपीडी के पूर्व सहायक निदेशक जोगिंदर सिंह के घर पर छापे के दौरान छह लाख रुपये बरामद किए। बाकी के लोगों के घरों से भी कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
 

वन भूमि पर कॉप्लेक्स मामले में पूर्व मंत्री कोहली पर शिकंजा  

पीडीपी-भाजपा गठबंधन की सरकार में मंत्री रहे अब्दुल गनी कोहली की ओर से वन भूमि पर अवैध रूप से एजूकेशन कॉंप्लेक्स बनाए जाने का जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है। जम्मू के मंडलायुक्त और वन विभाग के मुख्य संरक्षक से जानकारी मांगी गई है कि वह इस जमीन की पूरी जानकारी दस्तावेज के साथ एक सप्ताह में उपलब्ध कराएं।

सुंजवां इलाके में 10 कनाल जमीन पर कोहली ने बीएड, ईटीटी कॉलेज, पैरा मेडिकल कॉलेज और अन्य कुछ बनाया हुआ है। एडवोकेट अंकुर शर्मा ने कोर्ट में याचिका दायर कर कोहली के खिलाफ एफआईआर लगाने की मांग की थी। 2016 में यह मामला उठाया गया था। 

वीरवार को चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस ताछी रबस्टन की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई की। इसके बाद आदेश दिए गए कि अधिकारी मौके पर जाकर जमीन का निरीक्षण करें। कोर्ट ने जानना चाहा कि किस कैसे वन भूमि को किसी के नाम कर दिया गया। साथ ही व्यावसायिक इमारतें बनाने की अनुमति दे दी गई।

स्कूल बोर्ड के सचिव को भी नोटिस जारी किया गया कि वह बताएं कि वन भूमि पर कैसे कालेज चलाने की अनुमति दे दी गई। इसके साथ ही राजस्व विभाग के सचिव को भी नोटिस जारी किया गया कि कैसे वन भूमि को किसी निजी व्यक्ति के नाम कर दिया गया।

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