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लखनपुर से लेह तक डायलिसिस सेवा
Updated Thu, 01 Nov 2018 04:19 PM IST
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जम्मू। रियासत के दूरवर्ती इलाकों में लोगों को अब डायलिसिस के लिए शहरी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। राज्य में डायलिसिस क्रांति में प्रधानमंत्री नेशनल डायलिसिस प्रोग्राम के तहत जम्मू संभाग के तीन और कश्मीर संभाग के चार जिला अस्पतालों में शुरू की गई डायलिसिस सेवा मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना में कुल 14 अस्पतालों को कवर किया जाएगा, जिसमें राज्य के प्रवेशद्वार लखनपुर से लेह तक मरीजों को 31 दिसंबर 2018 तक डायलिसिस सुविधा देने का लक्ष्य रखा गया है।
जम्मू संभाग में गांधीनगर अस्पताल जम्मू, उधमपुुर जिला अस्पताल और राजोरी अस्पताल में डायलिसिस सेवा शुरू की गई है। डोडा में दो हफ्ते, कठुआ में दो माह, पुंछ में दो माह और किश्तवाड़ में तीन माह में डायलिसिस सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
कश्मीर संभाग में जेएनएम श्रीनगर, जिला अस्पताल अनंतनाग, बारामुला, कारगिल में डायलिसिस सेवा से मरीजों को राहत मिली है। लेह अस्पताल में शीघ्र सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जिला अस्पताल पुलवामा में सिविल वर्क खत्म करने के साथ मशीनें स्थापित की जा रही हैं। कुपवाड़ा और कुलगाम में डायलिसिस सेवा जल्द शुरू की जा रही है। पहले चरण में दस जिला अस्पतालों के लिए 45 मशीनों में से नौ अस्पतालों में 41 मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि दसवें जिले में डोडा अस्पताल में मशीनें स्थापित हो रही हैं।
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दूसरे चरण में केंद्र से 26 मशीनें मांगीं
दूसरे चरण में पांच जिलों के लिए 26 मशीनें केंद्र सरकार से मांगी गई हैं। आरओ प्लांट लगने के दस दिन बाद केंद्र सरकार की ओर से डायलिसिस मशीनें स्थापित की जाएंगी। डायलिसिस के लिए सुपर स्पेशलिटी के नेफरोलाजी विभाग में मेडिकल आफिसरों (डाक्टर) और टेक्नीशियन को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
हर साल दो हजार नए किडनी के मरीज
जम्मू। सुपर स्पेशलिटी के नेफरोलाजी यूनिट में हर साल दो हजार से ज्यादा किडनी के नए मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें 25-40 आयु वर्ग के किडनी क्रोनिक फेलियर मरीजों की तादाद बढ़ी है। किडनी रोगों के लिए मधुमेह, उच्च रक्तचाप (ब्लड प्रेशर), बिना डाक्टरी परामर्श के नियमित दर्द निवारक और एंटीबायोटिक दवाइयों का सेवन करना मुख्य कारण रहा है।
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जम्मू संभाग में गांधीनगर अस्पताल जम्मू, उधमपुुर जिला अस्पताल और राजोरी अस्पताल में डायलिसिस सेवा शुरू की गई है। डोडा में दो हफ्ते, कठुआ में दो माह, पुंछ में दो माह और किश्तवाड़ में तीन माह में डायलिसिस सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
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कश्मीर संभाग में जेएनएम श्रीनगर, जिला अस्पताल अनंतनाग, बारामुला, कारगिल में डायलिसिस सेवा से मरीजों को राहत मिली है। लेह अस्पताल में शीघ्र सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जिला अस्पताल पुलवामा में सिविल वर्क खत्म करने के साथ मशीनें स्थापित की जा रही हैं। कुपवाड़ा और कुलगाम में डायलिसिस सेवा जल्द शुरू की जा रही है। पहले चरण में दस जिला अस्पतालों के लिए 45 मशीनों में से नौ अस्पतालों में 41 मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि दसवें जिले में डोडा अस्पताल में मशीनें स्थापित हो रही हैं।
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दूसरे चरण में केंद्र से 26 मशीनें मांगीं
दूसरे चरण में पांच जिलों के लिए 26 मशीनें केंद्र सरकार से मांगी गई हैं। आरओ प्लांट लगने के दस दिन बाद केंद्र सरकार की ओर से डायलिसिस मशीनें स्थापित की जाएंगी। डायलिसिस के लिए सुपर स्पेशलिटी के नेफरोलाजी विभाग में मेडिकल आफिसरों (डाक्टर) और टेक्नीशियन को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
हर साल दो हजार नए किडनी के मरीज
जम्मू। सुपर स्पेशलिटी के नेफरोलाजी यूनिट में हर साल दो हजार से ज्यादा किडनी के नए मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें 25-40 आयु वर्ग के किडनी क्रोनिक फेलियर मरीजों की तादाद बढ़ी है। किडनी रोगों के लिए मधुमेह, उच्च रक्तचाप (ब्लड प्रेशर), बिना डाक्टरी परामर्श के नियमित दर्द निवारक और एंटीबायोटिक दवाइयों का सेवन करना मुख्य कारण रहा है।