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तीन साल से नहीं हुआ मिड-डे मील का भुगतान
Updated Sun, 30 Sep 2018 01:40 AM IST
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रवि वर्मा
राजोरी। केंद्र सरकार की मिड-डे मील योजना के तहत सरकारी स्कूूूलों के 8वीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं को दोपहर का भोजन प्रदान किया जाता है, लेकिन अब यह योजना फंड नहीं मिलने से दम तोड़ने लगी है। हालत यह है कि जिला शिक्षा विभाग पर मिड-डे मील योजना के मद में अब तक करीब 72 लाख रुपये की देनदारी चढ़ चुकी है।
स्कूल में मिड-डे मील योजना का प्रभार संभालने वाले कई शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पुरानी देनदारियों को मंजूरी देने के लिए कहने पर अधिकारियों की बहुत खराब प्रतिक्रिया मिलती है। इससे उनको गंभीर मनोवैज्ञानिक दबाव में काम करना पड़ता है। मिड-डे मील इंचार्जों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले तीन सेशन 2015-16, 16-17 और 17-18 के दौरान जिन शिक्षकों ने मिड-डे मील के लिए राशन व अन्य सामग्री अपनी जेब से खरीदी है, उन्हें कई माह से भुगतान नहीं हुआ है। एक शिक्षक ने बताया कि सरकार ने कुछ शिक्षकों को एक लाख तो कुछ को 50 हजार रुपये से भी ज्यादा का भुगतान करना है।
राजोरी शिक्षा जोन के एक और मिड-डे मील इंचार्ज शिक्षक ने बताया कि उसे करीब 1 लाख 60 हजार रुपये से अधिक का भुगतान करना है। शिक्षक के मुताबिक पिछले काफी समय वे अपनी जेब से मिड-डे मील के लिए राशन व अन्य सामान खरीदते रहे हैं। ऐसे में उनको भयंकर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षक के मुताबिक एक तो एसएसए शिक्षकों को कई माह में कभी-कभार वेतन मिलता है, ऐसे में उनके लिए मिड-डे मील को चला पाना संभव नहीं है।
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बाल-जारलां शिक्षा जोन के एक अन्य शिक्षक ने जेडईओ कार्यालयों और सीईओ कार्यालय के बीच समन्वय की कमी की तरफ इशारा किया। उन्होंने बताया कि एक तरफ जेडईओ कार्यालय में तैनात अधिकारियों का दावा है कि उन्हें 2015-16 सेशन के बाद से मिड-डे मील योजना के कई महीनों का भुगतान नहीं हुआ है, तो दूसरी और सीईओ कार्यालय का कहना है कि सारे भुगतान जेडईओ को कर दिए गए हैं। 2018-19 सेशन के कुछ माह को छोड़कर कोई देनदारी नहीं है। शिक्षकों ने उच्च अधिकारियों से लंबित भुगतान का ऑडिट करने और जल्द से जल्द देनदारियों का भुगतान करने की अपील करते हुए कहा कि लंबित भुगतान से शिक्षकों को अतिरिक्त तनाव से छुटकारा मिलेगा।
----बयान----
जिले में मिड-डे मील योजना के कार्यान्वयन में कई समस्याएं आ रही हैं। योजना के तहत जिला शिक्षा विभाग पर 72 लाख रुपये की देनदारी है, जिसे उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है। उम्मीद है जल्द से जल्द इसका भुगतान हो जाएगा।
-चौधरी लाल हुसैन, सीईओ राजोरी
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राजोरी। केंद्र सरकार की मिड-डे मील योजना के तहत सरकारी स्कूूूलों के 8वीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं को दोपहर का भोजन प्रदान किया जाता है, लेकिन अब यह योजना फंड नहीं मिलने से दम तोड़ने लगी है। हालत यह है कि जिला शिक्षा विभाग पर मिड-डे मील योजना के मद में अब तक करीब 72 लाख रुपये की देनदारी चढ़ चुकी है।
स्कूल में मिड-डे मील योजना का प्रभार संभालने वाले कई शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पुरानी देनदारियों को मंजूरी देने के लिए कहने पर अधिकारियों की बहुत खराब प्रतिक्रिया मिलती है। इससे उनको गंभीर मनोवैज्ञानिक दबाव में काम करना पड़ता है। मिड-डे मील इंचार्जों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले तीन सेशन 2015-16, 16-17 और 17-18 के दौरान जिन शिक्षकों ने मिड-डे मील के लिए राशन व अन्य सामग्री अपनी जेब से खरीदी है, उन्हें कई माह से भुगतान नहीं हुआ है। एक शिक्षक ने बताया कि सरकार ने कुछ शिक्षकों को एक लाख तो कुछ को 50 हजार रुपये से भी ज्यादा का भुगतान करना है।
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राजोरी शिक्षा जोन के एक और मिड-डे मील इंचार्ज शिक्षक ने बताया कि उसे करीब 1 लाख 60 हजार रुपये से अधिक का भुगतान करना है। शिक्षक के मुताबिक पिछले काफी समय वे अपनी जेब से मिड-डे मील के लिए राशन व अन्य सामान खरीदते रहे हैं। ऐसे में उनको भयंकर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षक के मुताबिक एक तो एसएसए शिक्षकों को कई माह में कभी-कभार वेतन मिलता है, ऐसे में उनके लिए मिड-डे मील को चला पाना संभव नहीं है।
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बाल-जारलां शिक्षा जोन के एक अन्य शिक्षक ने जेडईओ कार्यालयों और सीईओ कार्यालय के बीच समन्वय की कमी की तरफ इशारा किया। उन्होंने बताया कि एक तरफ जेडईओ कार्यालय में तैनात अधिकारियों का दावा है कि उन्हें 2015-16 सेशन के बाद से मिड-डे मील योजना के कई महीनों का भुगतान नहीं हुआ है, तो दूसरी और सीईओ कार्यालय का कहना है कि सारे भुगतान जेडईओ को कर दिए गए हैं। 2018-19 सेशन के कुछ माह को छोड़कर कोई देनदारी नहीं है। शिक्षकों ने उच्च अधिकारियों से लंबित भुगतान का ऑडिट करने और जल्द से जल्द देनदारियों का भुगतान करने की अपील करते हुए कहा कि लंबित भुगतान से शिक्षकों को अतिरिक्त तनाव से छुटकारा मिलेगा।
----बयान----
जिले में मिड-डे मील योजना के कार्यान्वयन में कई समस्याएं आ रही हैं। योजना के तहत जिला शिक्षा विभाग पर 72 लाख रुपये की देनदारी है, जिसे उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है। उम्मीद है जल्द से जल्द इसका भुगतान हो जाएगा।
-चौधरी लाल हुसैन, सीईओ राजोरी