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मेडिकल कालेज कठुआ से न मिली एंबुलेंस और न इलाज
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कठुआ। जिला अस्पताल को राजकीय मेडिकल कालेज एसोसिएट अस्पताल का दर्जा मिलने पर भी कुछ नहीं बदला है। लोग सुविधाओं को तरस रहे हैं। इसका जीता जागता उदाहरण शुक्रवार को देखने को मिला जब एक गरीब घायल व्यक्ति को अस्पताल लाया गया। उसे न तो इलाज मिला और न ही आयुष्मान योजना का लाभ। अंत में एंबुलेंस नहीं मिलने पर तीमारदार को तड़फते हुए घायल को कंधे पर उठा कर मेटाडोर तक ले जाना पड़ा।
बीपीएल श्रेणी से ताल्लुक संबंधित व्यक्ति के पास आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड भी था, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने एंबुलेंस सेवा लेने के लिए पैसों की। इतना ही नहीं घायल की दो घंटे तक किसी ने सुध तक नहीं ली। इस पर परेशान तीमारदार ने घायल को कंधे पर उठाकर मिनी बस तक पहुंचाया।
इस संदर्भ में सीएमओ कठुआ अशोक चौधरी ने कहा कि डाक्टर उपलब्ध नहीं होना संभव नहीं है। इस समय अस्पताल में डाक्टरों की कमी नहीं है। फिर भी अगर घायल व्यक्ति के उपचार में कोई दिक्कत आई है तो मामले की जांच की जाएगी। साथ ही एंबुलेंस क्यों नहीं मिली और किराए को लेकर क्या मामला हुआ इस पर भी जिला अस्पताल के अधीक्षक से बात की जाएगी।
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यह है मामला
गांव गरा से आए मोहम्मद असलम पुत्र मोहम्मद इकबाल ने बताया कि दोपहर बारह बजे पेड़ से पत्ते काटते समय उसकी टांग दराट से कट गई। किसी प्रकार कपड़ा बांध कर हीरानगर उप जिला अस्पताल पहुंचा। लेकिन वहां से उसे जिला अस्पताल जाने के लिए कह दिया गया। गंभीर हालत में जब वह जिला अस्पताल पहुंचा तो करीब दो घंटे तक किसी ने सुध नहीं ली। दो घंटे तक उसी कपड़े के सहारे खून को रोकने का प्रयास करता रहा। बाद में डाक्टर को फौन किया तो उसने बताया कि वह कूटा में किसी रैली में है। दो घंटों बाद एक डाक्टर आया और उसने प्राथमिक उपचार किया। जब उसने घर जाने के लिए एंबुलेंस मांगी तो एक हजार रुपये की मांग की।
योजना नहीं आई काम
घायल ने बताया कि उसे अस्पताल में न तो उचित उपचार मिला और न ही एंबुलेंस की सुविधा। बीपीएल और आयुष्मान भारत योजना के कार्ड होने के बावजूद कोई लाभ नहीं मिला। करीब आधे घंटे के बाद आपातकालीन कक्ष से हाइवे तक कंधे पर उठाकर ले जाया गया।
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बीपीएल श्रेणी से ताल्लुक संबंधित व्यक्ति के पास आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड भी था, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने एंबुलेंस सेवा लेने के लिए पैसों की। इतना ही नहीं घायल की दो घंटे तक किसी ने सुध तक नहीं ली। इस पर परेशान तीमारदार ने घायल को कंधे पर उठाकर मिनी बस तक पहुंचाया।
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इस संदर्भ में सीएमओ कठुआ अशोक चौधरी ने कहा कि डाक्टर उपलब्ध नहीं होना संभव नहीं है। इस समय अस्पताल में डाक्टरों की कमी नहीं है। फिर भी अगर घायल व्यक्ति के उपचार में कोई दिक्कत आई है तो मामले की जांच की जाएगी। साथ ही एंबुलेंस क्यों नहीं मिली और किराए को लेकर क्या मामला हुआ इस पर भी जिला अस्पताल के अधीक्षक से बात की जाएगी।
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यह है मामला
गांव गरा से आए मोहम्मद असलम पुत्र मोहम्मद इकबाल ने बताया कि दोपहर बारह बजे पेड़ से पत्ते काटते समय उसकी टांग दराट से कट गई। किसी प्रकार कपड़ा बांध कर हीरानगर उप जिला अस्पताल पहुंचा। लेकिन वहां से उसे जिला अस्पताल जाने के लिए कह दिया गया। गंभीर हालत में जब वह जिला अस्पताल पहुंचा तो करीब दो घंटे तक किसी ने सुध नहीं ली। दो घंटे तक उसी कपड़े के सहारे खून को रोकने का प्रयास करता रहा। बाद में डाक्टर को फौन किया तो उसने बताया कि वह कूटा में किसी रैली में है। दो घंटों बाद एक डाक्टर आया और उसने प्राथमिक उपचार किया। जब उसने घर जाने के लिए एंबुलेंस मांगी तो एक हजार रुपये की मांग की।
योजना नहीं आई काम
घायल ने बताया कि उसे अस्पताल में न तो उचित उपचार मिला और न ही एंबुलेंस की सुविधा। बीपीएल और आयुष्मान भारत योजना के कार्ड होने के बावजूद कोई लाभ नहीं मिला। करीब आधे घंटे के बाद आपातकालीन कक्ष से हाइवे तक कंधे पर उठाकर ले जाया गया।