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सरकार का प्रावधान धोखा
Updated Tue, 30 Jan 2018 12:37 AM IST
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कठुआ। एसआरओ-520 के विरोध में प्रोवेंशियल इलेक्ट्रिक एंप्लाइज यूनियन ने सोमवार को शहीद भगत सिंह पार्क में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारी बिजली कर्मचारियों ने कहा कि सरकार ने एसआरओ-520 के तहत जो भी प्रावधान तय किए हैं वह कर्मचारियों की मांगों के एवज में मात्र धोखा है।
उन्होंने कहा कि सरकार से कर्मचारियों ने स्थायी करने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने एसआरओ-520 जारी कर कर्मचारियों की मांग को मजाक बनाकर रख दिया। प्रदर्शनकारियों में शामिल यूनियन के पीसी शर्मा ने कहा कि सरकार से मांग की गई थी कि सरकार कर्मचारियों को स्थायी करे। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इसके लिए कर्मचारियों को स्थायी करने के लिए घोषणा भी की, लेकिन उसके बाद एसआरओ-520 मात्र कर्मचारियों के वेतन में इजाफा किया गया। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों को सभी लाभों से वंचित कर दिया। असल में सरकार ने कर्मचारियों को स्थायी किया ही नहीं, बल्कि उन्हें उनकी उसी पोस्ट पर रखा। मात्र वेतन बढ़ा कर उनकी आंखों में धूल झोंक दी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने ना तो एक स्थाई कर्मचारी की भांति उनके लिए कोई वेतन भत्ता तय किया और न ही उस भत्ते में इजाफे के लिए कोई प्रावधान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों को अगर स्थायी करना चाहती है तो सही तरीके से करे। इस प्रकार से कर्मचारियों को गुमराह न किया जाए। अगर सरकार ने एसआरओ-520 को लेकर कर्मचारियों की असल मांग पूरी नहीं की तो वह मजबूर हो कर उग्र रुख अपना लेंगे। कर्मचारियों ने इसके बाद विभिन्न दफ्तरों तक रैली भी निकाली और एसआरओ-520 के विरोध में एकत्रित होने का आह्वान किया।
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उन्होंने कहा कि सरकार से कर्मचारियों ने स्थायी करने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने एसआरओ-520 जारी कर कर्मचारियों की मांग को मजाक बनाकर रख दिया। प्रदर्शनकारियों में शामिल यूनियन के पीसी शर्मा ने कहा कि सरकार से मांग की गई थी कि सरकार कर्मचारियों को स्थायी करे। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इसके लिए कर्मचारियों को स्थायी करने के लिए घोषणा भी की, लेकिन उसके बाद एसआरओ-520 मात्र कर्मचारियों के वेतन में इजाफा किया गया। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों को सभी लाभों से वंचित कर दिया। असल में सरकार ने कर्मचारियों को स्थायी किया ही नहीं, बल्कि उन्हें उनकी उसी पोस्ट पर रखा। मात्र वेतन बढ़ा कर उनकी आंखों में धूल झोंक दी।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने ना तो एक स्थाई कर्मचारी की भांति उनके लिए कोई वेतन भत्ता तय किया और न ही उस भत्ते में इजाफे के लिए कोई प्रावधान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों को अगर स्थायी करना चाहती है तो सही तरीके से करे। इस प्रकार से कर्मचारियों को गुमराह न किया जाए। अगर सरकार ने एसआरओ-520 को लेकर कर्मचारियों की असल मांग पूरी नहीं की तो वह मजबूर हो कर उग्र रुख अपना लेंगे। कर्मचारियों ने इसके बाद विभिन्न दफ्तरों तक रैली भी निकाली और एसआरओ-520 के विरोध में एकत्रित होने का आह्वान किया।
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