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हालत सुधार कर न्यू बस अड्डे पर स्थानांतरित किए जाएं यात्री वाहन
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उधमपुर। प्रशासन ने रामनगर व मजालता रूट पर चलने वाले यात्री वाहनों को न्यू बस अड्डा से रवाना करने का आदेश तो जारी कर दिया है, लेकिन न्यू बस अड्डा वर्षों से बदहाल पड़ा है। तारकोल पूरी तरह से निकल चुकी है और पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन का निर्णय सराहनीय है, लेकिन वाहनों को स्थानांतरित करने से पहले न्यू बस अडडा की हालत को भी सुधारा जाए।
पुराने बस अड्डे को स्थानांतरित करने के लिए प्रशासन ने करीब दस वर्ष पहले ही न्यू बस अड्डा तैयार कर दिया था, लेकिन जमीनी विवाद के चलते आज तक पुराना बस अड्डा न्यू बस अड्डे पर स्थानांतरित नहीं हो पाया है। करीब दो सप्ताह पहले धार रोड पर दर्दनाक मेटाडोर दुर्घटना होने के बाद प्रशासन ने रामनगर व मजालता रूट की बसों को न्यू बस अड्डा से रवाना होने का आदेश जारी किया है। प्रशासन ने टिकट काउंटर तैयार कर इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है, लेकिन न्यू बस अड्डा की हालत सुधारने की तरफ ध्यान नहीं दिया है। रामनगर व मजालता रूट के वाहनों को न्यू बस अड्डा पर स्थानांतरित करने की सूचना मिलने के बाद स्थानीय दुकानदार काफी उत्साहित हैं, क्योंकि इनकी तरफ से कई वर्षों से न्यू बस अड्डा पर बस अड्डे को स्थानांतरित करने की मांग की जा रही थी। दो तहसीलों की बसों को स्थानांतरित किए जाने पर भी दुकानदार काफी खुश है, लेकिन न्यू बस अड्डा की खराब हालत को लेकर परेशान भी है। करतार सिंह, विजय कुमार व अन्य दुकानदारों ने बताया कि रख रखाव के अभाव के कारण कई वर्षों से पुराना बस अड्डा बदहाल पड़ा है। पूरी तारकोल निकल चुकी है। जब बारिश होती है तो जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण पूरा न्यू बस अड्डा तालाब में तब्दील हो जाता है। पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। जब बसें यहां से रवाना होंगी तो पीने का पानी न मिलने पर यात्री परेशान होंगे। इसलिए उनकी मांग है कि इसकी हालत सुधार कर ही इसको स्थानांतरित किया जाए।
पुराने बस अड्डे को स्थानांतरित करने के लिए प्रशासन ने करीब दस वर्ष पहले ही न्यू बस अड्डा तैयार कर दिया था, लेकिन जमीनी विवाद के चलते आज तक पुराना बस अड्डा न्यू बस अड्डे पर स्थानांतरित नहीं हो पाया है। करीब दो सप्ताह पहले धार रोड पर दर्दनाक मेटाडोर दुर्घटना होने के बाद प्रशासन ने रामनगर व मजालता रूट की बसों को न्यू बस अड्डा से रवाना होने का आदेश जारी किया है। प्रशासन ने टिकट काउंटर तैयार कर इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है, लेकिन न्यू बस अड्डा की हालत सुधारने की तरफ ध्यान नहीं दिया है। रामनगर व मजालता रूट के वाहनों को न्यू बस अड्डा पर स्थानांतरित करने की सूचना मिलने के बाद स्थानीय दुकानदार काफी उत्साहित हैं, क्योंकि इनकी तरफ से कई वर्षों से न्यू बस अड्डा पर बस अड्डे को स्थानांतरित करने की मांग की जा रही थी। दो तहसीलों की बसों को स्थानांतरित किए जाने पर भी दुकानदार काफी खुश है, लेकिन न्यू बस अड्डा की खराब हालत को लेकर परेशान भी है। करतार सिंह, विजय कुमार व अन्य दुकानदारों ने बताया कि रख रखाव के अभाव के कारण कई वर्षों से पुराना बस अड्डा बदहाल पड़ा है। पूरी तारकोल निकल चुकी है। जब बारिश होती है तो जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण पूरा न्यू बस अड्डा तालाब में तब्दील हो जाता है। पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। जब बसें यहां से रवाना होंगी तो पीने का पानी न मिलने पर यात्री परेशान होंगे। इसलिए उनकी मांग है कि इसकी हालत सुधार कर ही इसको स्थानांतरित किया जाए।
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