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Jammu News: व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर बाल मजदूरी कराने वालों के खिलाफ 15 एफआईआर दर्ज
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-वीरवार को चार के खिलाफ किया केस दर्ज, बच्चों को मुक्त कराकर शिक्षा दिलाने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बाल श्रम पर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। पहली बार बाल श्रम को लेकर 15 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उपायुक्त सचिन कुमार ने इसकी जानकारी दी।
वीरवार को सड़क किनारे रहने वाले बच्चों के पुनर्वास के प्रयासों की समीक्षा के लिए डीसी ने बैठक बुलाई थी। डीसी ने अधिकारियों से सड़क पर सामान बेचने वाले, बाल श्रम कराने वाले या भीख मांगने वाले बच्चों की पहचान करने के लिए नियमित निरीक्षण करने को कहा। कहा कि जिले में बाल श्रम और भीख मांगने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खासकर ढाबों में बच्चों से काम कराने, तस्करी करने या बच्चों को भीख मांगने के लिए मजबूर करने वालों के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का पंजीकरण रद्द करने को कहा है। डीसी ने अधिकारियों को ऐसी गतिविधियों के सभी प्रमुख केंद्रों की जांच करने का निर्देश दिया है।
वहीं, एसएसपी जम्मू विनोद कुमार को इस तरह के बाल शोषण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्देश दिया। मुख्य शिक्षा अधिकारी और समाज कल्याण विभाग को यह सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया है ताकि जिन बच्चों से काम छुड़वाया गया है। उनको शिक्षा दी जा सके और उनका पुनर्वास किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि सहायक श्रम आयुक्त ने ग्राउंड रिपोर्ट दी है। इस पर कार्रवाई करते हुए बाल श्रम नियोजकों के खिलाफ 15 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें से 11 पहले और 4 आज दर्ज की गई हैं। डीसी ने कहा कि बाल शोषण, तस्करी या किसी अन्य प्रकार के बाल शोषण की घटनाओं की सूचना जिला बाल संरक्षण इकाई/चाइल्डलाइन को 1098 नंबर पर दी जा सकती है। बता दें कि बड़े स्तर पर शहर में ढाबों और अन्य जगहों पर बच्चों को मजदूरी करवाई जाती है। जहां तक कि बच्चों से सड़क किनारे भीख मंगवाई जाती है।
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जम्मू। बाल श्रम पर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। पहली बार बाल श्रम को लेकर 15 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उपायुक्त सचिन कुमार ने इसकी जानकारी दी।
वीरवार को सड़क किनारे रहने वाले बच्चों के पुनर्वास के प्रयासों की समीक्षा के लिए डीसी ने बैठक बुलाई थी। डीसी ने अधिकारियों से सड़क पर सामान बेचने वाले, बाल श्रम कराने वाले या भीख मांगने वाले बच्चों की पहचान करने के लिए नियमित निरीक्षण करने को कहा। कहा कि जिले में बाल श्रम और भीख मांगने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खासकर ढाबों में बच्चों से काम कराने, तस्करी करने या बच्चों को भीख मांगने के लिए मजबूर करने वालों के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का पंजीकरण रद्द करने को कहा है। डीसी ने अधिकारियों को ऐसी गतिविधियों के सभी प्रमुख केंद्रों की जांच करने का निर्देश दिया है।
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वहीं, एसएसपी जम्मू विनोद कुमार को इस तरह के बाल शोषण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्देश दिया। मुख्य शिक्षा अधिकारी और समाज कल्याण विभाग को यह सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया है ताकि जिन बच्चों से काम छुड़वाया गया है। उनको शिक्षा दी जा सके और उनका पुनर्वास किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि सहायक श्रम आयुक्त ने ग्राउंड रिपोर्ट दी है। इस पर कार्रवाई करते हुए बाल श्रम नियोजकों के खिलाफ 15 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें से 11 पहले और 4 आज दर्ज की गई हैं। डीसी ने कहा कि बाल शोषण, तस्करी या किसी अन्य प्रकार के बाल शोषण की घटनाओं की सूचना जिला बाल संरक्षण इकाई/चाइल्डलाइन को 1098 नंबर पर दी जा सकती है। बता दें कि बड़े स्तर पर शहर में ढाबों और अन्य जगहों पर बच्चों को मजदूरी करवाई जाती है। जहां तक कि बच्चों से सड़क किनारे भीख मंगवाई जाती है।
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