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अमरनाथ यात्रा के बाद बनेगी सरकार, मिलेगा पहला हिंदु सीएम!
Updated Fri, 06 Jul 2018 09:16 PM IST
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अब ले आए अमरनाथ यात्रा के बाद
जम्मू-कश्मीर में हिंदू सीएम का फार्मूला
-सोशल मीडिया पर सूबे में पीडीपी के बागी विधायकों की मदद से भाजपा की सरकार बनने की अटकलें
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा अब तक भंग न होने से अफवाहों, अटकलों और अवसरवादी सियासी फार्मूलों की कहानियों का बाजार गर्म है। शुक्रवार को एक ऐसी ही एक दिलचस्प कहानी सोशल मीडिया से होते हुए टीवी न्यूज चैनलों तक पहुंच गई। और वो कहानी ये कि अमरनाथ यात्रा के बाद रियासत में पीडीपी के बागियों के साथ मिलकर भाजपा की सरकार बनेगी और जम्मू कश्मीर में हिन्दू मुख्यमंत्री का सपना सच होगा।
इस अटकल की पटकथा पीडीपी में बागी विधायकों की बढ़ती संख्या के बाद लिखी जाने लगी। पीडीपी के छह विधायक अब तक पार्टी में बगावत कर चुके हैं। इनमें विधायक इमरान रजा अंसारी, अब्दुल मजीद पाडर, जावेद बेग, आबिद हुसैन अंसारी, अब्बास वानी और अब्दुल हक खान शामिल हैं। कबीना मंत्री पद से हटाए गए विधायक हसीब द्राबु पहले ही नाराज बैठे हैं। कुछ अन्य विधायक उनके इशारे के इंतजार में हैं। दोनों नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के कुछ विधायकों को भी अपने साथ ला सकते हैं। कुल मिलकार पीडीपी के अब तक खुलकर बगावत करने वाले और अंदर खाते में विधायकों की संख्या एक दर्जन से ज्यादा है। भारतीय जनता पार्टी के पास 25 विधायक हैं। ऐसे में पीडीपी के बागी विधायक के भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने की अटकल ने जोर पकड़ लिया।
हालांकि इस तरह से सरकार बनने की संभावनाएं कम ही हैं। बिना कश्मीरी विधायकों के सरकार बनना नामुमकिन है। कश्मीर के विधायकों की सियासत मुस्लिम वोटों और कश्मीर पर केंद्रित है। ऐसे में भाजपा के साथ खुलेआम हाथ मिलाकर हिंदू सीएम बनाना उनके लिए किसी सियासी खुदकुशी से कम नहीं होगा।
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सज्जाद-द्राबू किंगमेकर
अटकलों की माने तो भाजपा की सरकार बनाने में सज्जाद लोन और पूर्व वित्त मंत्री हसीब द्राबु किंग मेकर की भूमिका में होंगे। जम्मू कश्मीर पीपुल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष एवं हंदबाड़ा के विधायक सज्जाद लोन के पास दो विधायक हैं। वह भाजपा की तरफ से मंत्रिमंडल में शामिल किए गए थे। वह भाजपा के काफी करीबी हैं। अमित शाह के साथ सज्जाद की सीधी बातचीत है। शाह हाल में लोन के घर रोजा इफ्तार पर आए थे। वह कश्मीर में भाजपा के चेहरे के रूप में देखे जा रहे हैं। वह पीडीपी के बागी विधायकों के साथ लगातार संपर्क में हैं। एनसी और कांग्रेस के कुछ विधायकों के साथ भी उनके अच्छे रिश्ते हैं। माना जा रहा है कि सज्जाद लोन के साथ मिलकर भाजपा सरकार का सपना देख रही है।
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जम्मू-कश्मीर में हिंदू सीएम का फार्मूला
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा अब तक भंग न होने से अफवाहों, अटकलों और अवसरवादी सियासी फार्मूलों की कहानियों का बाजार गर्म है। शुक्रवार को एक ऐसी ही एक दिलचस्प कहानी सोशल मीडिया से होते हुए टीवी न्यूज चैनलों तक पहुंच गई। और वो कहानी ये कि अमरनाथ यात्रा के बाद रियासत में पीडीपी के बागियों के साथ मिलकर भाजपा की सरकार बनेगी और जम्मू कश्मीर में हिन्दू मुख्यमंत्री का सपना सच होगा।
इस अटकल की पटकथा पीडीपी में बागी विधायकों की बढ़ती संख्या के बाद लिखी जाने लगी। पीडीपी के छह विधायक अब तक पार्टी में बगावत कर चुके हैं। इनमें विधायक इमरान रजा अंसारी, अब्दुल मजीद पाडर, जावेद बेग, आबिद हुसैन अंसारी, अब्बास वानी और अब्दुल हक खान शामिल हैं। कबीना मंत्री पद से हटाए गए विधायक हसीब द्राबु पहले ही नाराज बैठे हैं। कुछ अन्य विधायक उनके इशारे के इंतजार में हैं। दोनों नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के कुछ विधायकों को भी अपने साथ ला सकते हैं। कुल मिलकार पीडीपी के अब तक खुलकर बगावत करने वाले और अंदर खाते में विधायकों की संख्या एक दर्जन से ज्यादा है। भारतीय जनता पार्टी के पास 25 विधायक हैं। ऐसे में पीडीपी के बागी विधायक के भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने की अटकल ने जोर पकड़ लिया।
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हालांकि इस तरह से सरकार बनने की संभावनाएं कम ही हैं। बिना कश्मीरी विधायकों के सरकार बनना नामुमकिन है। कश्मीर के विधायकों की सियासत मुस्लिम वोटों और कश्मीर पर केंद्रित है। ऐसे में भाजपा के साथ खुलेआम हाथ मिलाकर हिंदू सीएम बनाना उनके लिए किसी सियासी खुदकुशी से कम नहीं होगा।
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सज्जाद-द्राबू किंगमेकर
अटकलों की माने तो भाजपा की सरकार बनाने में सज्जाद लोन और पूर्व वित्त मंत्री हसीब द्राबु किंग मेकर की भूमिका में होंगे। जम्मू कश्मीर पीपुल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष एवं हंदबाड़ा के विधायक सज्जाद लोन के पास दो विधायक हैं। वह भाजपा की तरफ से मंत्रिमंडल में शामिल किए गए थे। वह भाजपा के काफी करीबी हैं। अमित शाह के साथ सज्जाद की सीधी बातचीत है। शाह हाल में लोन के घर रोजा इफ्तार पर आए थे। वह कश्मीर में भाजपा के चेहरे के रूप में देखे जा रहे हैं। वह पीडीपी के बागी विधायकों के साथ लगातार संपर्क में हैं। एनसी और कांग्रेस के कुछ विधायकों के साथ भी उनके अच्छे रिश्ते हैं। माना जा रहा है कि सज्जाद लोन के साथ मिलकर भाजपा सरकार का सपना देख रही है।