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अपह्त पुलिसकर्मी की आतंकियों ने कर दी हत्या
Updated Fri, 06 Jul 2018 08:56 PM IST
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हेडिंग..
पुलिसकर्मी जावेद डार की सिर पर गोली मार कर हत्या
क्रासर...
शोपियां में आतंकियों के खिलाफ चलाए जाने वाले आपरेशनों में रहा है शामिल
कुलगाम के पास मिला शव, आतंकी ग्रुप हिजबुल ने हत्या की जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर।
कश्मीर के शोपियां से अपहृत पुलिसकर्मी जावेद अहमद डार की आतंकियों ने निर्मम हत्या कर दी। शुक्रवार सुबह सात बजे उसका शव कुलगाम क्षेत्र में सड़क पर पड़ा मिला। आतंकियों ने पुलिसकर्मी के सिर पर गोली मारी थी। आतंकियों ने पुलिसकर्मी का एक वीडियो भी बनाया है, जिसमें उसके कपडे़ उतारे गए हैं। हिजबुल मुजाहिदीन ने इस घटना अंजाम देने का दावा किया है। ठीक इसी तरह 22 दिन पहले ही आतंकियों ने ईद पर घर छुट्टी जा रहे सेना के जवान औरंगजेब का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी।
जानकारी के अनुसार, शोपियां का रहने वाला जावेद अहमद डार वीरवार शाम को मां के लिए दवा लेने बाहर गया था। चार आतंकियों ने हवा में फायर करते हुए उसका अपहरण कर लिया। फिर उसे कार में डालकर ले गए थे। शुक्रवार सुबह उसका शव कुलगाम से बरामद हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल में पहुंचाया जहां उसे मृत घोषित किया गया। उसे शोपियां जिला पुलिस लाइन में अंतिम सलामी दी गई। उसके बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया।
जावेद शोपयां के पूर्व एसएसपी शैलेंद्र मिश्रा के साथ अटैच था। बताया गया है कि वह एसएसपी का आपरेटर रह चुका है। शोपियां में आतंकियों के खिलाफ काफी आपरेशन हुए है। माना जा रहा है कि आतंकियों ने उन्हीं आपरेशनों का बदला लेने के लिए उसकी हत्या की है। क्योंकि जिला चीफ के साथ तैनात रहते हुए वह काफी आपरेशनों में शामिल रहा है। इस हत्या के पीछे हिजबुल का हाथ बताया गया है। अपने खिलाफ आपरेशनों से बौखलाए आतंकियों ने ऐसा किया है।
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सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर
आतंकियों ने अपहरण के बाद पुलिसकर्मी की तस्वीर सोशल मीडिया पर भी वायरल की। इसमें उसके तन पर कपड़े नहीं हैं। लेकिन एसएसपी शोपियां चंदीप चौधरी का कहना है कि उनके पास अभी तक इस बारे में कोई वीडियो या फिर फोटो नहीं आया है।
पूरे इलाके में छाया मातम
जावेद की मौत की खबर इलाके में फैलते ही पूरे इलाके में मातम छा गया। भारी संख्या में लोग उसके घर पहुंचना शुरू हो गए। मौत की खबर सुनने के बाद जावेद के बुजुर्ग माता पिता, भाई और बहनों का बुरा हाल था। वो रोते बिलखते केवल एक ही सवाल पूछते दिखे कि आखिर जावेद का क्या कसूर था जो उसे इतनी बेरहमी से मारा गया। उसके घर पर मौजूद एक रिश्तेदार ने बताया कि वह मां से मिलने छुट्टी आया था, क्योंकि उसकी मां को हज पर जाना था।
अपहरण कर हत्या करने का ट्रेंड
बता दें कि इससे पहले आतंकियों ने 14 जून को सेना के जवान औरंगजेब का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी। दस मई 2017 को सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल फयाज अहमद का अपहरण कर हत्या की गई। इसी साल पुलिस के डीएसपी की मस्जिद के बाहर हत्या की गई। जून माह में बीएसएफ के जवान का अपहरण कर हत्या की गई।
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नये बाक्स
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परिवार में माता-पिता, तीन बहनें व एक भाई
शहीद जवान जावेद के परिवार में उसके माता-पिता, तीन बहनें और एक भाई है। इनमें से एक बहन अविवाहित है।
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मैंने अपना करीबी खो दिया: शैलेंद्र मिश्रा
एसएसपी शैलेंद्र मिश्रा ने अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में बताया कि 2012 में पुलिस की नौकरी ज्वाइन करने वाले जावेद अहमद के रूप में उन्होंने एक पुलिसकर्मी नहीं बल्कि अपना एक करीबी साथी खोया है। मिश्रा ने बताया कि जावेद अहमद डार पिछले 5 वर्षों से उनके साथ ही रहा है। जहां कहीं भी उनका तबादला हुआ जावेद को उन्होंने अपने साथ ही रखा। वह उनका काफी करीबी था। जावेद की हत्या पर उन्होंने कहा, इस घटना का आतंकियों भरपूर जवाब दिया जाएगा।
कई महत्वपूर्ण आपरेशनों में शामिल था जावेद
मालूम हो कि शैलेंद्र मिश्रा जब श्रीनगर में ट्रैफिक पुलिस में थे जावेद उनके साथ थे। इसके बाद जब वह ऊधमपुर गए वहां भी वो उनके साथ था और वर्तमान में वह शोपियां में बतौर एसएसपी तैनात थे तब भी वह उनके साथ था। जावेद कई अहम ऑपरेशन में भी उनके साथ रहा है। इन आपरेशनों में से एक इसी साल मई के शुरुआती हफ्ते में जिले में ही अंजाम दिया गया था जिसमें मोस्ट वांटेड आतंकी सद्दाम पाडर समेत पांच आतंकी मारे गए थे। आतंकी सद्दाम यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर से आतंकी बना था।
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पुलिसकर्मी जावेद डार की सिर पर गोली मार कर हत्या
क्रासर...
शोपियां में आतंकियों के खिलाफ चलाए जाने वाले आपरेशनों में रहा है शामिल
कुलगाम के पास मिला शव, आतंकी ग्रुप हिजबुल ने हत्या की जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर।
कश्मीर के शोपियां से अपहृत पुलिसकर्मी जावेद अहमद डार की आतंकियों ने निर्मम हत्या कर दी। शुक्रवार सुबह सात बजे उसका शव कुलगाम क्षेत्र में सड़क पर पड़ा मिला। आतंकियों ने पुलिसकर्मी के सिर पर गोली मारी थी। आतंकियों ने पुलिसकर्मी का एक वीडियो भी बनाया है, जिसमें उसके कपडे़ उतारे गए हैं। हिजबुल मुजाहिदीन ने इस घटना अंजाम देने का दावा किया है। ठीक इसी तरह 22 दिन पहले ही आतंकियों ने ईद पर घर छुट्टी जा रहे सेना के जवान औरंगजेब का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी।
जानकारी के अनुसार, शोपियां का रहने वाला जावेद अहमद डार वीरवार शाम को मां के लिए दवा लेने बाहर गया था। चार आतंकियों ने हवा में फायर करते हुए उसका अपहरण कर लिया। फिर उसे कार में डालकर ले गए थे। शुक्रवार सुबह उसका शव कुलगाम से बरामद हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल में पहुंचाया जहां उसे मृत घोषित किया गया। उसे शोपियां जिला पुलिस लाइन में अंतिम सलामी दी गई। उसके बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया।
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जावेद शोपयां के पूर्व एसएसपी शैलेंद्र मिश्रा के साथ अटैच था। बताया गया है कि वह एसएसपी का आपरेटर रह चुका है। शोपियां में आतंकियों के खिलाफ काफी आपरेशन हुए है। माना जा रहा है कि आतंकियों ने उन्हीं आपरेशनों का बदला लेने के लिए उसकी हत्या की है। क्योंकि जिला चीफ के साथ तैनात रहते हुए वह काफी आपरेशनों में शामिल रहा है। इस हत्या के पीछे हिजबुल का हाथ बताया गया है। अपने खिलाफ आपरेशनों से बौखलाए आतंकियों ने ऐसा किया है।
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सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर
आतंकियों ने अपहरण के बाद पुलिसकर्मी की तस्वीर सोशल मीडिया पर भी वायरल की। इसमें उसके तन पर कपड़े नहीं हैं। लेकिन एसएसपी शोपियां चंदीप चौधरी का कहना है कि उनके पास अभी तक इस बारे में कोई वीडियो या फिर फोटो नहीं आया है।
पूरे इलाके में छाया मातम
जावेद की मौत की खबर इलाके में फैलते ही पूरे इलाके में मातम छा गया। भारी संख्या में लोग उसके घर पहुंचना शुरू हो गए। मौत की खबर सुनने के बाद जावेद के बुजुर्ग माता पिता, भाई और बहनों का बुरा हाल था। वो रोते बिलखते केवल एक ही सवाल पूछते दिखे कि आखिर जावेद का क्या कसूर था जो उसे इतनी बेरहमी से मारा गया। उसके घर पर मौजूद एक रिश्तेदार ने बताया कि वह मां से मिलने छुट्टी आया था, क्योंकि उसकी मां को हज पर जाना था।
अपहरण कर हत्या करने का ट्रेंड
बता दें कि इससे पहले आतंकियों ने 14 जून को सेना के जवान औरंगजेब का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी। दस मई 2017 को सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल फयाज अहमद का अपहरण कर हत्या की गई। इसी साल पुलिस के डीएसपी की मस्जिद के बाहर हत्या की गई। जून माह में बीएसएफ के जवान का अपहरण कर हत्या की गई।
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परिवार में माता-पिता, तीन बहनें व एक भाई
शहीद जवान जावेद के परिवार में उसके माता-पिता, तीन बहनें और एक भाई है। इनमें से एक बहन अविवाहित है।
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मैंने अपना करीबी खो दिया: शैलेंद्र मिश्रा
एसएसपी शैलेंद्र मिश्रा ने अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में बताया कि 2012 में पुलिस की नौकरी ज्वाइन करने वाले जावेद अहमद के रूप में उन्होंने एक पुलिसकर्मी नहीं बल्कि अपना एक करीबी साथी खोया है। मिश्रा ने बताया कि जावेद अहमद डार पिछले 5 वर्षों से उनके साथ ही रहा है। जहां कहीं भी उनका तबादला हुआ जावेद को उन्होंने अपने साथ ही रखा। वह उनका काफी करीबी था। जावेद की हत्या पर उन्होंने कहा, इस घटना का आतंकियों भरपूर जवाब दिया जाएगा।
कई महत्वपूर्ण आपरेशनों में शामिल था जावेद
मालूम हो कि शैलेंद्र मिश्रा जब श्रीनगर में ट्रैफिक पुलिस में थे जावेद उनके साथ थे। इसके बाद जब वह ऊधमपुर गए वहां भी वो उनके साथ था और वर्तमान में वह शोपियां में बतौर एसएसपी तैनात थे तब भी वह उनके साथ था। जावेद कई अहम ऑपरेशन में भी उनके साथ रहा है। इन आपरेशनों में से एक इसी साल मई के शुरुआती हफ्ते में जिले में ही अंजाम दिया गया था जिसमें मोस्ट वांटेड आतंकी सद्दाम पाडर समेत पांच आतंकी मारे गए थे। आतंकी सद्दाम यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर से आतंकी बना था।