{"_id":"5b3fa80a4f1c1b0e278b4ead","slug":"11530898442-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमरनाथ खबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमरनाथ खबर
Updated Fri, 06 Jul 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
संशोधित
.................
पहलगाम से यात्रा बहाल
-बालटाल में 18 हजार श्रद्धालु फंसे, हजारों वापस लौटे
-ट्रैक के असुरक्षित होने से बालटाल से यात्रियों को पहलगाम शिफ्ट किया गया
-4821 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, आंकड़ा 73023 तक पहुंचा
-जम्मू से दूसरे दिन भी यात्रा स्थगित, राज्यपाल ने किया बेस कैंपों का दौरा
-वायुसेना ने 400 यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर/जम्मू। मौसम साफ होने के बाद शुक्रवार को पहलगाम ट्रैक से अमरनाथ यात्रियों को पवित्र गुफा के दर्शन के लिए रवाना किया गया। जबकि बालटाल ट्रैक खराब होने के कारण यात्रा रुकी रही। यात्रियों को आगे नहीं जाने दिया गया। बालटाल में अभी करीब 18000 हजार यात्री फंसे हुए हैं। काफी यात्री यहां से बिना दर्शन किये वापस जा रहे हैं। बालटाल बेस कैंप से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को पहलगाम शिफ्ट किया जा रहा है। दूसरी ओर जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से शुक्रवार को भी अमरनाथ यात्री नहीं भेजे गए।
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन व राज्यपाल एनएन वोहरा ने बालटाल, पंजतरणी और नुनवान (पहलगाम) यात्रा कैंपों का दौरा कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त बनाने के निर्देश दिए। दूसरी ओर पंजतरणी व बालटाल ट्रैक पर फंसे लगभग 400 यात्रियों को वायुसेना ने तीन हेलीकाप्टर की मदद से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
पिछले दिनों मूसलाधार बारिश और भूस्खलन से बालटाल ट्रैक पर कई जगह भारी नुकसान पहुंचने के साथ फिसलन है। इससे ट्रैक को असुरक्षित अघोषित करके यात्रा को आगे भी स्थगित किया जा सकता है। पहलगाम और बालटाल हवाई ट्रैक पर चापर सेवा से यात्रा बहाल है।
विज्ञापन
इस बीच नौंवे दिन 4821 श्रद्धालुओं ने पवित्र हिमलिंग के दर्शन किए। इसके साथ यह आंकड़ा 73023 तक पहुंच गया है। नीलग्रथ से पवित्र गुफा तक बालटाल चापर सेवा से 1314 श्रद्धालु पहुंचे। इसमें 839 पुरुष और 475 महिला श्रद्धालु शामिल रहे। शुक्रवार को बालटाल बेस कैंप में 400 श्रद्धालु पहुंचे। ट्रैक के असुरक्षित होने के कारण श्रद्धालुओं को पहलगाम से यात्रा के लिए शिफ्ट किया जा रहा है।
बालटाल से लखनपुर तक हजारों यात्री फंसे
पिछले दो दिन से बालटाल में फंसे हजारों श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ी हैं। इससे यात्रियों को वैष्णो देवी व जम्मू दर्शन में अन्य दूसरे धार्मिक स्थलों की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। बालटाल से यात्रा रुकने से रियासत के प्रवेशद्वार से कश्मीर तक हजारों यात्री फंसे हुए हैं। इनमें अधिकांश दिल्ली और राजस्थान के यात्री हैं।
विज्ञापन
.................
पहलगाम से यात्रा बहाल
-बालटाल में 18 हजार श्रद्धालु फंसे, हजारों वापस लौटे
-ट्रैक के असुरक्षित होने से बालटाल से यात्रियों को पहलगाम शिफ्ट किया गया
-4821 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, आंकड़ा 73023 तक पहुंचा
-जम्मू से दूसरे दिन भी यात्रा स्थगित, राज्यपाल ने किया बेस कैंपों का दौरा
-वायुसेना ने 400 यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर/जम्मू। मौसम साफ होने के बाद शुक्रवार को पहलगाम ट्रैक से अमरनाथ यात्रियों को पवित्र गुफा के दर्शन के लिए रवाना किया गया। जबकि बालटाल ट्रैक खराब होने के कारण यात्रा रुकी रही। यात्रियों को आगे नहीं जाने दिया गया। बालटाल में अभी करीब 18000 हजार यात्री फंसे हुए हैं। काफी यात्री यहां से बिना दर्शन किये वापस जा रहे हैं। बालटाल बेस कैंप से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को पहलगाम शिफ्ट किया जा रहा है। दूसरी ओर जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से शुक्रवार को भी अमरनाथ यात्री नहीं भेजे गए।
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन व राज्यपाल एनएन वोहरा ने बालटाल, पंजतरणी और नुनवान (पहलगाम) यात्रा कैंपों का दौरा कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त बनाने के निर्देश दिए। दूसरी ओर पंजतरणी व बालटाल ट्रैक पर फंसे लगभग 400 यात्रियों को वायुसेना ने तीन हेलीकाप्टर की मदद से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
विज्ञापन
पिछले दिनों मूसलाधार बारिश और भूस्खलन से बालटाल ट्रैक पर कई जगह भारी नुकसान पहुंचने के साथ फिसलन है। इससे ट्रैक को असुरक्षित अघोषित करके यात्रा को आगे भी स्थगित किया जा सकता है। पहलगाम और बालटाल हवाई ट्रैक पर चापर सेवा से यात्रा बहाल है।
विज्ञापन
इस बीच नौंवे दिन 4821 श्रद्धालुओं ने पवित्र हिमलिंग के दर्शन किए। इसके साथ यह आंकड़ा 73023 तक पहुंच गया है। नीलग्रथ से पवित्र गुफा तक बालटाल चापर सेवा से 1314 श्रद्धालु पहुंचे। इसमें 839 पुरुष और 475 महिला श्रद्धालु शामिल रहे। शुक्रवार को बालटाल बेस कैंप में 400 श्रद्धालु पहुंचे। ट्रैक के असुरक्षित होने के कारण श्रद्धालुओं को पहलगाम से यात्रा के लिए शिफ्ट किया जा रहा है।
बालटाल से लखनपुर तक हजारों यात्री फंसे
पिछले दो दिन से बालटाल में फंसे हजारों श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ी हैं। इससे यात्रियों को वैष्णो देवी व जम्मू दर्शन में अन्य दूसरे धार्मिक स्थलों की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। बालटाल से यात्रा रुकने से रियासत के प्रवेशद्वार से कश्मीर तक हजारों यात्री फंसे हुए हैं। इनमें अधिकांश दिल्ली और राजस्थान के यात्री हैं।