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पटवारियों की हड़ताल से बढ़ीं राजस्व विभाग की मुश्किलें
Updated Sun, 10 Jun 2018 12:32 AM IST
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उधमपुर। समय पर डीपीसी तैयार करने व अन्य लंबित मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर पटवारियों ने शनिवार को लगातार 27वें दिन अनिश्चितकालीन हड़ताल को जारी रखते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं पटवारियों की हड़ताल बढ़ने से राजस्व विभाग के साथ अन्य कई सरकारी विभागों का काम बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। लोग सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए कार्यालय में पहुंच रहे हैं, लेकिन हड़ताल के कारण सबको निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
आल जम्मू एंड कश्मीर पटवार एसोसिएशन के बैनर तले पटवारियों व गिरदावर ने हड़ताल को जारी रख कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पटवारियों ने बताया कि कई बार सरकार से समय पर डीपीसी तैयार करने की मांग की गई है, लेकिन आज तक इस मांग को समय पर पूरा नहीं किया गया है। इसी कारण पटवारियों व गिरदावर को प्रमोशन के मामले लटके हुए हैं। पटवार खाना की अपनी इमारत न होने के कारण पटवारियों को काम करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई पटवार खाने किराए की इमारतों में चल रहे हैं और इनका कई महीनों से किराया नहीं दिया गया है। जब से सरकार ने नायब तहसीलदार के पद के लिए लिखित परीक्षा लेनी शुरू की है, तब से पटवारी व गिरदावर की परेशानी बढ़ गई है। पटवारियों की हड़ताल से उज्वला योजना के तहत महिलाओं को गैस के कनेक्शन मिलना बंद हो गए हैं, इसके अलाव अन्य सरकारी योजनाएं पटवारियों के एक हस्ताक्षर के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।
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आल जम्मू एंड कश्मीर पटवार एसोसिएशन के बैनर तले पटवारियों व गिरदावर ने हड़ताल को जारी रख कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पटवारियों ने बताया कि कई बार सरकार से समय पर डीपीसी तैयार करने की मांग की गई है, लेकिन आज तक इस मांग को समय पर पूरा नहीं किया गया है। इसी कारण पटवारियों व गिरदावर को प्रमोशन के मामले लटके हुए हैं। पटवार खाना की अपनी इमारत न होने के कारण पटवारियों को काम करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई पटवार खाने किराए की इमारतों में चल रहे हैं और इनका कई महीनों से किराया नहीं दिया गया है। जब से सरकार ने नायब तहसीलदार के पद के लिए लिखित परीक्षा लेनी शुरू की है, तब से पटवारी व गिरदावर की परेशानी बढ़ गई है। पटवारियों की हड़ताल से उज्वला योजना के तहत महिलाओं को गैस के कनेक्शन मिलना बंद हो गए हैं, इसके अलाव अन्य सरकारी योजनाएं पटवारियों के एक हस्ताक्षर के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।
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