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बाढ़ से नुकसान की भरपाई पर खर्च होंगे 1500 करोड़
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Wed, 11 May 2016 12:20 AM IST
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सितंबर 2014 में कश्मीर में आई थी भयानक बाढ़
- फोटो : File Photo
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सितंबर 2014 में आई बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई पर 1500 करोड़ की राशि खर्च होगी। विश्व बैंक से मिला यह अनुदान झेलम तवी फ्लड रिकवरी प्रोजेक्ट के नाम से क्रियान्वित किया जाएगा। श्रीनगर में राजस्व, राहत एवं पुनर्वास मंत्री सैयद बशारत बुखारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह जानकारी दी गई।
प्रोजेक्ट के मसौदे और भावी कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रोजेक्ट के प्रस्ताव को 16 मई 2016 तक पूरा कर लिया जाए, ताकि इस पर काम शुरू हो सके। बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार जेटीएफआरपी को सितंबर 2014 की बाढ़ के नुकसान की भरपाई सहित आपदा से जुड़ी भविष्य की चुनौतियों से निपटने के इंतजाम किए जाएंगे।
इनमें वर्ष 2014 के दौरान प्रभावित हुए इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से बहाल करने के अलावा सड़काें, पुलों का नए सिरे से निर्माण, शहरी बाढ़ प्रबंधन की व्यवस्था सहित अन्य पहलु शामिल हैं। बैठक में मंत्री ने कहा बाढ़ प्रबंधन के लिए जो भी आंकलन किया जाए उसे वास्तविक जरूरतों के अनुसार ही प्राथमिकता बनाया जाए।
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बुखारी ने कहा श्रीनगर नगर निगम के अधिकारियों को ईरा, यूईईडी और बाढ़ नियंत्रण विभागों के साथ समन्वय स्थापित करना होगा। उन्हाेंने कहा सरकार का लक्ष्य न सिर्फ नुक्सान की भरपाई करना है बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए पर्याप्त तैयारी करना भी है। इस अवसर पर योजना विभाग के वित्त आयुक्त सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अफसर मौजूद थे।
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प्रोजेक्ट के मसौदे और भावी कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रोजेक्ट के प्रस्ताव को 16 मई 2016 तक पूरा कर लिया जाए, ताकि इस पर काम शुरू हो सके। बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार जेटीएफआरपी को सितंबर 2014 की बाढ़ के नुकसान की भरपाई सहित आपदा से जुड़ी भविष्य की चुनौतियों से निपटने के इंतजाम किए जाएंगे।
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इनमें वर्ष 2014 के दौरान प्रभावित हुए इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से बहाल करने के अलावा सड़काें, पुलों का नए सिरे से निर्माण, शहरी बाढ़ प्रबंधन की व्यवस्था सहित अन्य पहलु शामिल हैं। बैठक में मंत्री ने कहा बाढ़ प्रबंधन के लिए जो भी आंकलन किया जाए उसे वास्तविक जरूरतों के अनुसार ही प्राथमिकता बनाया जाए।
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बुखारी ने कहा श्रीनगर नगर निगम के अधिकारियों को ईरा, यूईईडी और बाढ़ नियंत्रण विभागों के साथ समन्वय स्थापित करना होगा। उन्हाेंने कहा सरकार का लक्ष्य न सिर्फ नुक्सान की भरपाई करना है बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए पर्याप्त तैयारी करना भी है। इस अवसर पर योजना विभाग के वित्त आयुक्त सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अफसर मौजूद थे।