बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
TRY NOW
विज्ञापन
विज्ञापन
UP Police (SI) 2021: किन-किन राज्यों के लोग कर सकते हैं यूपी पुलिस में SI के लिए आवेदन, समझिए पूरी बात
Safalta

UP Police (SI) 2021: किन-किन राज्यों के लोग कर सकते हैं यूपी पुलिस में SI के लिए आवेदन, समझिए पूरी बात

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Digital Edition

जम्मू: बीएसएफ के जवानों ने पकड़ा एक घुसपैठिया, पूछताछ जारी

जम्मू संभाग के आरएस पुरा सेक्टर में सीमा सुरक्षा बल(बीएसएफ) के जवानों ने एक घुसपैठिए को हिरासत में लिया है। जिससे पूछताछ जारी है। इससे पहले 16 मार्च को रामगढ़ की सीमा के मल्लु चक पोस्ट के सामने पाकिस्तानी घुसपैठिए को सीमा लांघने के बाद ढेर किया गया था। वहीं 20 मार्च को सांबा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ कर रहे पाकिस्तानी नागरिक को बीएसएफ द्वारा पकड़ा गया था। 

बता दें कि भारत-पाकिस्तान के बीच हुए संघर्षविराम समझौते के बाद भी पाकिस्तान घुसपैठ के प्रयास करवाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। रक्षा सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना आतंकियों को इस तरफ धकेलने के लिए सीमा सुरक्षा बल की सतर्कता का स्तर टोह रही है।

इससे पूर्व भी पाकिस्तानी सेना और उसकी खुफिया एजेंसियों की यही रणनीति रही है। कई बार किसी मानसिक रोगी को इस तरफ भेज दिया जाता है, बीएसएफ की प्रतिक्रिया का पता किया जाता है। घुसपैठ के लिए नए हथकंडे की भी आशंका बनी हुई है। 

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तारबंदी को काटकर घुसपैठ बेहद मुश्किल है। इसी वजह से पाकिस्तान सुरंगों से घुसपैठ की कोशिशें करता रहा है। सुरंग से घुसपैठ की आशंका वाले स्थानों को चिह्नित कर रडार और थर्मल इमेजर लगाने की योजना है। इसकी शुरुआत अखनूर और आरएस पुरा से की जाएगी, जिसके बाद सांबा सेक्टर व सटे इलाके में भी अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा।

ये भी पढ़ें-
मस्जिद की आड़ में साजिश: इस वजह से आतंकी लेते हैं धर्मस्थलों का सहारा, आईजी ने कही ये बात    

ये भी पढ़ें- कश्मीर: बदहाली के आंसू रो रहा यह प्राचीन मंदिर, खंडहर बयां करते हैं बर्बरता और उपेक्षा की दास्तां     ... और पढ़ें
बीएसएफ के जवान, फाइल फोटो बीएसएफ के जवान, फाइल फोटो

जम्मू-कश्मीर: अलबदर संगठन के तीन सहयोगी गिरफ्तार, आतंकियों पर किया यह बड़ा खुलासा

जम्मू-कश्मीर एलजी: घाटी में फिर लौटा लाइट,कैमरा और एक्शन, जनिए क्या है खास बात

जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों को बढ़ावा और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार नई फिल्म नीति ला रही है। फिल्मों और नाटकों की शूटिंग की मंजूरी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया जाएगा। शूटिंग के लिए सरकार सुविधाएं और रियायतें भी देगी। उसके बदले स्थानीय युवाओं को शूटिंग में काम देना होगा। खास बात यह है कि कोरोना काल में 67 फिल्मों व नाटकों की घाटी में शूटिंग हुई है।

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को नई फिल्म नीति का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि घाटी में एक बार फिर बदलाव दिख रहा है। सुरक्षा के भरोसे के चलते फिल्मों की शूटिंग से लेकर पर्यटकों से घाटी गुलजार है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ी है। इसका सीधा लाभ यहां के आम लोगों को हो रहा है। कोरोना पाबंदियां खत्म होने के बाद सरकार के कोविड-19 नियमों के तहत पर्यटक आ रहे हैं। 

यह भी पढ़ें-
जम्मू-कश्मीर: पहले नवरात्रें पर मंदिरों में उमड़ा भक्तों का सैलाब, जानिए किस समय तक खुले रहेंगे मंदिरों के फाटक

पिछले साल सितंबर में बेरोजगारी की दर 16 फीसदी से अधिक थी लेकिन 31 मार्च 2021 को यह घटकर 9 फीसदी तक आ गई है। घाटी में पर्यटन क्षमता को बढ़ावा देने के मकसद से केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने ‘स्वर्ग में एक और दिन’ विषय पर आयोजित कार्यशाला भी आयोजित की। इसमें पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों से भी शामिल किया गया था।

... और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में कल से फिर बदलेगा मौसम, कई स्थानों पर हो सकती है बारिश

जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में दिन के तापमान में उछाल आया है। जम्मू में सोमवार को तापमान 34.3 डिग्री तक पहुंच गया। हालांकि, कश्मीर में अभी राहत है। पिछले चौबीस घंटे में कुछ जिलों में बारिश भी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार 14-16 अप्रैल को कुछ इलाकों में बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

जम्मू में सोमवार को दिन की शुरुआत साफ मौसम के साथ हुई। दिन चढ़ने के साथ गर्मी ने भी रंग दिखाया। दोपहर को तीखी धूप में पसीने छूट रहे थे। सोमवार को जम्मू में दिन का तापमान सामान्य से 2.2 डिग्री ऊपर रहने से इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। जम्मू में बीती रात का न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

यह भी पढ़ें-  
जम्मू-कश्मीर: अलबदर संगठन के तीन सहयोगी गिरफ्तार, आतंकियों पर किया यह बड़ा खुलासा

संभाग में दिन का तापमान 19.0, बटोत में 22.8, कटड़ा में 31.6, भद्रवाह में 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। श्रीनगर में दिन का तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री गिरकर 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेह में बीती रात का न्यूनतम तापमान माइनस 1.9, कारगिल में माइनस 2.8 और गुलमर्ग में माइनस 0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगामी दिनों में भी मौसम के लगभग साफ रहने से तपिश में बढ़ोतरी होगी।

... और पढ़ें

बढ़ता जा रहा जम्मू-कश्मीर में कोरोना का कहर, अब पुलिस कराएगी सामाजिक दूरी का पालन

धूप से खुद को बचाती हुई महिला

कोरोना संक्रमण के बीच बाजारों में बढ़ रही भीड़ और लोगों की बेपरवाही ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। लोग न तो मास्क पहन रहे और न ही सामाजिक दूरी का पालन कर रहे हैं। अब लोगों को सामाजिक दूरी का पाठ पढ़ाने के लिए बाजारों में अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी है। ये पुलिस कर्मी लोगों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराएंगे। उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करेंगे।

इसके अलावा रात्रि कर्फ्यू के दौरान भी गश्त बढ़ा दी गई है। एसएसपी चंदन कोहली का कहना है कि शहर में अतिरिक्त पुलिस कर्मियो को तैनात किया गया है, ताकि कोरोना एसओपी का प्रभावी तरीके से पालन हो सके। ट्रैफिक पुलिस और जिला पुलिस मिलकर मास्क न पहनने वालों पर कार्रवाई तेज करेगी।

उन्होंने कहा कि बाजारों में उमड़ रही भारी भीड़ के मद्देनजर दुकानदारों को हिदायतें जारी कर दी गई हैं कि वह दुकानों में रोटेशन में कर्मियों को रखें और उपभोक्ताओं को भी बारी बारी दुकान में आने दें। अगर ऐसा नहीं होगा तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें-
बारामुला में उच्च संक्रमण दर सबसे अधिक, पिछले सात दिन में जम्मू में सबसे अधिक मौतें

इसके अलावा रात के समय होटल रेस्तरां आदि जगहों पर पार्टियां न हों, इसके लिए संबंधित थानेदारों से कहा गया है कि वह अपने-अपने क्षेत्र में निजी तौर पर पुुलिस टीम के साथ गश्त करेंगे, ताकि कहीं पर कोविड प्रोटोकाल का उल्लंघन न हो। मास्क न पहनने वालों पर कार्रवाई करने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मी और सब इंस्पेक्टरों एवं सहायक सब इंस्पेक्टरो को लगाया गया है।

... और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में शराब के लिए चल रही मारामारी, हो सकता है जम्मू बंद

जम्मू-कश्मीर में शराब के लिए मारामारी हो रही है। नई आबकारी नीति के विरोध में शराब की दुकानें तीन दिनों के लिए बंद की गई हैं। बार में शराब लेने के लिए भारी भीड़ जुट रही है। आबकारी नीति के विरोध में शराब विक्रेता आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। सोमवार को एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया।

वाइन ट्रेड एसोसिएशन के प्रधान चरणजीत सिंह का कहना है कि यदि जरूरत पड़ी तो वह लोग जम्मू बंद की तरफ भी जाएंगे। वहीं मंगलवार से नवरात्र शुरू हो रहे हैं। इसकी वजह से सोमवार को शहर के तमाम बार के बाहर बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। जिनको नियंत्रित करने के लिए बार के बाहर पुलिस को तैनात करना पड़ा।

शाम होते होते कई बार बंद हो गए और कइयों में कुछ ब्रांड की शराब ही बची। होटल एवं बार एसोसिएशन के प्रधान प्रहलाद सिंह का कहना है कि काफी ब्रांड की शराब का एमआरपी जारी नहीं हुआ है। कुछ ब्रांड ही बेचे जा रहे हैं। शराब की दुकानें बंद हैं तो इस वजह से बार में भीड़ बढ़ी है।

यह भी पढ़ें-
जम्मू-कश्मीर: अलबदर संगठन के तीन सहयोगी गिरफ्तार, आतंकियों पर किया यह बड़ा खुलासा

शराब की ब्लैक मार्केटिंग
शराब की दुकानें बंद होने और बार में भीड़ की वजह से शराब की जमकर ब्लैक मार्केटिंग हो रही है। 600 रुपये में आने वाली बोतल 2 हजार रुपये तक बेची जा रही है। सबसे ज्यादा ब्लैक मार्केटिंग देशी शराब की बिक्री में हो रही है।

... और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर: मेटाडोर नदी में गिरने से छह की मौत, चार घायल, तीन को एयरलिफ्ट कर पहुंचाया गया जीएमसी

जम्मू-कश्मीर: सफाई किए बगैर छोड़ दिया नहरों में पानी, हो रहा ओवरफ्लो

फ्लड एंड इरीगेशन विभाग ने नहरों में पानी तो छोड़ दिया है, लेकिन कई जगह सफाई न होने के चलते पानी ओवरफ्लो हो रहा है। अब मलबा हटाया जा रहा है। तवी नहर में चार अप्रैल जबकि रणबीर नहर में सात अप्रैल को पानी छोड़ा गया है। कुल 30 किलोमीटर एरिया में अभी पानी कम मात्रा में छोड़ा गया है। कुछ दिन पहले रणबीर नहर का पानी ओवरफ्लो होने के कारण आसपास के घरों में घुस गया था। यहां पर क्षतिग्रस्त नहर को ठीक किया गया है।

स्थानीय निवासी विशु राजपूत, गुरबचन सिंह, शमशेर कुमार प्रजापति ने विभाग पर सफाई करवाने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। विभागीय सूत्रों के अनुसार नहर में पानी तो छोड़ दिया गया है, लेकिन अभी खेतों में पानी की उतनी जरूरत नहीं है। गेहूं की कटाई का काम पूरा होने के बाद पानी की जरूरत पड़ेगी।

इस दौरान पूरा पानी छोड़ा जाएगा। रणवीर नहर से साठ किलोमीटर एरिया की सिंचाई होती है जबकि तवी नहर से 45 किलोमीटर एरिया सिंचित होता है। रणवीर नहर का पानी ठंडा होने के कारण दोपहर के समय लोगों की काफी भीड़ उमड़ती है।

यह भी पढ़ें-  
जम्मू-कश्मीर: अलबदर संगठन के तीन सहयोगी गिरफ्तार, आतंकियों पर किया यह बड़ा खुलासा

दरारों से हर साल होती है परेशानी
नहरों में लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण दरारें पड़ गई हैं। इस कारण पानी व्यर्थ बहता है। इससे खेतों तक पानी कम पहुंचता है। ऐसे में किसानों को परेशानी पेश आ सकती है।

समतल इलाकों में नहरों से ही होती है सिंचाई
समतल इलाकों में बारिश समय पर हो जाए तो खेतों में नमी आ जाती है। बारिश न होने पर किसानों को नहरों और ट्यूवबेल के पानी से खेतों में सिंचाई करनी पड़ती है। इस कारण नहरों के पानी का प्रयोग सबसे ज्यादा होता है।

नहरों में पानी छोड़ा गया है। अभी कम पानी की आपूर्ति की जा रही है। जैसे ही गेहूं की फसल कट जाएगी तो पूरा पानी छोड़ दिया जाएगा। खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा।  - हिमेश मनचंदा, मुख्य अभियंता, फ्लड एंड इरीगेशन विभाग ... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us

विज्ञापन
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X