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भगवान की भक्ति करने मिलती है दुखों से मुक्ति : कथावाचक
Thu, 27 Jun 2024 05:23 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Thu, 27 Jun 2024 05:23 AM IST
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फंग्याल की राजा मंडलीक मंडी में श्रीमद्भागवत कथा जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जो मनुष्य भगवान की भक्ति में लीन हो जाता है उसे संसार के सारे दुखों से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही परम आनंद की प्राप्ति होती है। कथा सुनने या सत्संग में हिस्सा लेने से तनाव से मुक्ति मिलती है और सीधा नाता भगवान से जुड़ जाता है। यह ज्ञान कथा वाचक पंडित शाम लाल ने बुधवार को फंग्याल की राजा मंडलीक मंडी में जारी श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के दौरान दिया।
उन्होंने बताया कि मनुष्य योनि ही ऐसी योनि है जो दोबारा नहीं मिलेगी। हमें दुनिया से कुछ भी लेकर साथ नहीं जाना है। कर्म ही हमारे साथ जाएगा। इसलिए मनुष्य को अपने कर्मों को सही करना चाहिए। उन्होंने संगत को प्रवचन करते हुए कहा कि जो भगवान की भक्ति में लीन हो जाता है उसे संसार के सारे दुखों से मुक्ति मिल जाती है और परम आनंद की प्राप्ति होती है। 28 जून को हवन-यज्ञ व भंडारे के साथ कथा का समापन होगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय व आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जो मनुष्य भगवान की भक्ति में लीन हो जाता है उसे संसार के सारे दुखों से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही परम आनंद की प्राप्ति होती है। कथा सुनने या सत्संग में हिस्सा लेने से तनाव से मुक्ति मिलती है और सीधा नाता भगवान से जुड़ जाता है। यह ज्ञान कथा वाचक पंडित शाम लाल ने बुधवार को फंग्याल की राजा मंडलीक मंडी में जारी श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के दौरान दिया।
उन्होंने बताया कि मनुष्य योनि ही ऐसी योनि है जो दोबारा नहीं मिलेगी। हमें दुनिया से कुछ भी लेकर साथ नहीं जाना है। कर्म ही हमारे साथ जाएगा। इसलिए मनुष्य को अपने कर्मों को सही करना चाहिए। उन्होंने संगत को प्रवचन करते हुए कहा कि जो भगवान की भक्ति में लीन हो जाता है उसे संसार के सारे दुखों से मुक्ति मिल जाती है और परम आनंद की प्राप्ति होती है। 28 जून को हवन-यज्ञ व भंडारे के साथ कथा का समापन होगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय व आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया।
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