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Udhampur News: सफाई कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी कार्यालय के बाहर धरना देकर किया प्रदर्शन
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उधमपुर: सफाई कर्मचारी यूनियन के सदस्य अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए.
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। अस्थायी सफाई कर्मचारियों को स्थायी करने, ढाई दिन का अतिरिक्त वेतन जारी करने और अन्य कई लंबित मांगों को पूरा करने के लिए नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने शुक्रवार को दूसरे दिन भी हड़ताल रखी। इस दौरान नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया गया। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि इस बार जब तक सरकार सभी मांगों को पूरा कर राहत नहीं प्रदान करेगी, तब तक हड़ताल समाप्त नहीं होगी।
सफाई कर्मचारी यूनियन उधमपुर के प्रधान डेविड संधू के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों ने लगातार दूसरे दिन कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान डेविड ने बताया कि अस्थायी कर्मचारियों को नगर परिषद में काम करते हुए 10 वर्ष से भी अधिक समय हो चुका है। कुछ तो 15 वर्ष से भी अधिक समय से काम कर रहे हैं लेकिन आज तक सरकार ने सबको स्थायी कर्मचारी बनाने को लेकर कोई योजना तैयार नहीं की है। नियम अनुसार सात वर्ष अस्थायी कार्यकाल पूरा होने के बाद सबको स्थायी कर्मचारी बनाया जाना चाहिए, लेकिन जम्मू-कश्मीर की सरकार इस पर कोई काम नहीं कर रही है। उनको ढाई दिन का अतिरिक्त वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। नगर परिषद सभी से सरकारी छुट्टी के दिन भी काम करवाती है। सरकारी छुट्टी के दिन काम करने वाले कर्मचारियों को ढाई दिन का अतिरिक्त वेतन दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को छोड़कर अन्य सभी विभागों में कर्मचारियों को ढाई दिन का अतिरिक्त वेतन दिया जा रहा है। अब सफाई कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की मांग को भी हड़ताल के साथ जोड़ दिया है। स्थायी सफाई कर्मचारियों को सरकार ने नई पेंशन योजना के तहत नियुक्त किया है। नई पेंशन योजना में कर्मचारियों को कोई लाभ नहीं मिल रहे हैं। इससे उनका भविष्य सुरक्षित नहीं है। अगर सरकार अपने विधायक, सांसद को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दे सकती है तो फिर उनको क्यों इस लाभ से वंचित रखा जा रहा है, इसलिए उनकी मांग है कि सरकार पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने का आदेश जारी कर राहत प्रदान करे।
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उन्होंने कहा कि इससे पहले भी सफाई कर्मचारियों ने कई बार अपनी लंबित मांगों को लेकर हड़ताल की और हर बार सरकार ने झूठा आश्वासन देकर हड़ताल को बंद करवा दिया, लेकिन इस बार सभी ने निर्णय लिया है कि जब तक वह लंबित मांगों को पूरा नहीं करेगी हड़ताल बंद नहीं होगी।
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सफाई कर्मचारी यूनियन उधमपुर के प्रधान डेविड संधू के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों ने लगातार दूसरे दिन कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान डेविड ने बताया कि अस्थायी कर्मचारियों को नगर परिषद में काम करते हुए 10 वर्ष से भी अधिक समय हो चुका है। कुछ तो 15 वर्ष से भी अधिक समय से काम कर रहे हैं लेकिन आज तक सरकार ने सबको स्थायी कर्मचारी बनाने को लेकर कोई योजना तैयार नहीं की है। नियम अनुसार सात वर्ष अस्थायी कार्यकाल पूरा होने के बाद सबको स्थायी कर्मचारी बनाया जाना चाहिए, लेकिन जम्मू-कश्मीर की सरकार इस पर कोई काम नहीं कर रही है। उनको ढाई दिन का अतिरिक्त वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। नगर परिषद सभी से सरकारी छुट्टी के दिन भी काम करवाती है। सरकारी छुट्टी के दिन काम करने वाले कर्मचारियों को ढाई दिन का अतिरिक्त वेतन दिया जाता है।
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उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को छोड़कर अन्य सभी विभागों में कर्मचारियों को ढाई दिन का अतिरिक्त वेतन दिया जा रहा है। अब सफाई कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की मांग को भी हड़ताल के साथ जोड़ दिया है। स्थायी सफाई कर्मचारियों को सरकार ने नई पेंशन योजना के तहत नियुक्त किया है। नई पेंशन योजना में कर्मचारियों को कोई लाभ नहीं मिल रहे हैं। इससे उनका भविष्य सुरक्षित नहीं है। अगर सरकार अपने विधायक, सांसद को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दे सकती है तो फिर उनको क्यों इस लाभ से वंचित रखा जा रहा है, इसलिए उनकी मांग है कि सरकार पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने का आदेश जारी कर राहत प्रदान करे।
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उन्होंने कहा कि इससे पहले भी सफाई कर्मचारियों ने कई बार अपनी लंबित मांगों को लेकर हड़ताल की और हर बार सरकार ने झूठा आश्वासन देकर हड़ताल को बंद करवा दिया, लेकिन इस बार सभी ने निर्णय लिया है कि जब तक वह लंबित मांगों को पूरा नहीं करेगी हड़ताल बंद नहीं होगी।