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सत्य के संग से मिलता हैं जीवन में सुख
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उधमपुर के रठियान में कथा सुनाते संत सुभाष शास्त्री व कथा सुनते श्रद्धालु
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। रठियान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक सुभाष शास्त्री ने श्रद्धालुओं को सत्संग का महत्व बताया। उन्होंने बताया कि सत्संग करने से मन को शांति और सद्मार्ग मिलता है। मन में कभी बुराई नहीं आती, और आत्मा परमात्मा के रंग में रंगी रहती है।
उन्होंने कहा कि सत्संग माने सुख का संग है। सत्संग का मतलब सत्य का संग करना होगा, और सत्य केवल परमात्मा है। संत महात्मा ही जीवन की सही राह दिखाते हैं। सत्संग तक ले जाने का काम करते हैं। असत्य का संग कुसंग का संग करना होता है। सत्य हमेशा रहने वाला है। एक क्षण का सत्संग भी मनुष्य को अपार सुख की अनुभूति करवा सकता है। वहीं, एक क्षण का कुसंग भी मनुष्य को बहुत बड़े दुख में डाल देता है।
कथावाचक ने कहा कि सत्संग से मनुष्य सहज ही इस दुख के भवसागर से पार हो जाता है। सत्संग की महिमा के विषय में जो सुख की बात कही गई है, उतना सुख अभी नहीं मिल रहा। क्योंकि, अभी तो केवल सत्य की चर्चा हो रही है। सत्संग का संग करने पर आप प्रभु को अपने अंग संग महसूस करेंगे, और सुख की भी प्राप्ति हो जाएगी। जब सही तरह से सत्य को जान जाएंगे तो पता चलेगा कि हम कभी सत्य से तो दूर हुए ही नहीं। सत्य तो हमेशा साथ था, और हमेशा रहेगा।
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उन्होंने कहा कि सत्संग माने सुख का संग है। सत्संग का मतलब सत्य का संग करना होगा, और सत्य केवल परमात्मा है। संत महात्मा ही जीवन की सही राह दिखाते हैं। सत्संग तक ले जाने का काम करते हैं। असत्य का संग कुसंग का संग करना होता है। सत्य हमेशा रहने वाला है। एक क्षण का सत्संग भी मनुष्य को अपार सुख की अनुभूति करवा सकता है। वहीं, एक क्षण का कुसंग भी मनुष्य को बहुत बड़े दुख में डाल देता है।
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कथावाचक ने कहा कि सत्संग से मनुष्य सहज ही इस दुख के भवसागर से पार हो जाता है। सत्संग की महिमा के विषय में जो सुख की बात कही गई है, उतना सुख अभी नहीं मिल रहा। क्योंकि, अभी तो केवल सत्य की चर्चा हो रही है। सत्संग का संग करने पर आप प्रभु को अपने अंग संग महसूस करेंगे, और सुख की भी प्राप्ति हो जाएगी। जब सही तरह से सत्य को जान जाएंगे तो पता चलेगा कि हम कभी सत्य से तो दूर हुए ही नहीं। सत्य तो हमेशा साथ था, और हमेशा रहेगा।

उधमपुर के रठियान में कथा सुनाते संत सुभाष शास्त्री व कथा सुनते श्रद्धालु- फोटो : UDHAMPUR
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