{"_id":"69fba27c8385816b04099fa8","slug":"sawalkot-project-road-and-transmision-connectivity-udhampur-news-c-202-1-sjam1011-135611-2026-05-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: सावलकोट परियोजना को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी, उधमपुर के विकास को लगेंगे पंख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: सावलकोट परियोजना को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी, उधमपुर के विकास को लगेंगे पंख
विज्ञापन
उधमपुर। जिले के विकास को रफ्तार देने और सावलकोटहाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ने के लिए कनेक्टिविटी प्रस्ताव पर बड़ी पहल हुई है। अब अहम परियोजना की सड़क व ट्रांसमिशन कनेक्टिविटी को लेकर केंद्र व यूटी प्रशासन स्तर पर मंथन तेज हो गया है। 1856 मेगावाट की सावलकोट जलविद्युत परियोजना चिनाब नदी पर प्रस्तावित जम्मू-कश्मीर की सबसे बड़ी हाइडल परियोजनाओं में एक है। दुर्गम क्षेत्र और सड़क कनेक्टिविटी की कमी के कारण काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा था। बेहतर सड़क व ट्रांसमिशन लाइन बनने से न सिर्फ प्रोजेक्ट को गति मिलेगी बल्कि उधमपुर-रियासी बेल्ट के दर्जनों गांवों को सीधा फायदा होगा।
विधायक पवन कुमार गुप्ता ने बताया कि सवालकोट प्रोजेक्ट उधमपुर के लिए गेमचेंजर है। विधानसभा से लेकर दिल्ली तक मुद्दे को उठाया है। पीएमओ, ऊर्जा मंत्रालय और एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों से कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। हमारा लक्ष्य है कि प्रोजेक्ट साइट तक ऑल वेदर रोड और ट्रांसमिशन कॉरिडोर का काम जल्द शुरू हो। अगले महीने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के साथ जॉइंट रिव्यू मीटिंग तय है। हमारा प्रयास है कि 2026-27 के बजट में सड़क व ट्रांसमिशन के लिए अलग से फंड अलॉट हो। उधमपुर को विकास के मामले में मॉडल जिला बनाएंगे।
यह होगा फायदा
निर्माण के दौरान हजारों स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। सड़क बनने से चिनाब बेल्ट में इको-टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म बढ़ेगा। प्रोजेक्ट पूरा होने पर जम्मू-कश्मीर सरप्लस बिजली का राज्य बनेगा। उधमपुर में 24 घंटे आपूर्ति सुनिश्चित होगी। रामबन, रियासी और उधमपुर के दूरदराज इलाके मुख्यधारा से जुड़ेंगे। स्कूल, अस्पताल पहुंच आसान होगी।
विज्ञापन
डीपीआर में संशोधन का प्रस्ताव
सूत्रों के अनुसार एनएचपीसी ने सड़क कनेक्टिविटी को डीपीआर का हिस्सा बनाने का प्रस्ताव दिया है। उधमपुर-पंचैरी-सावलकोट वाया लद्दा-धार रोड को अपग्रेड कर डबल लेन बनाने की योजना है। पंचैरी व लद्दा धार के लोगों का कहना है कि सड़क बनने से दशकों पुरानी मांग पूरी होगी। सब्जी, दूध व अन्य उत्पाद आसानी से मंडी तक पहुंच सकेंगे। आपात स्थिति में मरीजों को उधमपुर लाना भी आसान हो जाएगा।
फैक्ट फाइल
प्रोजेक्ट की क्षमता : 1856 मेगावाट
स्थान : चिनाब नदी, उधमपुर-रियासी सीमा
लागत : लगभग 30 हजार करोड़ रुपये
जरूरत : 65 किमी ऑल वेदर अप्रोच रोड
रोजगार संभावना : 8000 से अधिक प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष
विज्ञापन
विधायक पवन कुमार गुप्ता ने बताया कि सवालकोट प्रोजेक्ट उधमपुर के लिए गेमचेंजर है। विधानसभा से लेकर दिल्ली तक मुद्दे को उठाया है। पीएमओ, ऊर्जा मंत्रालय और एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों से कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। हमारा लक्ष्य है कि प्रोजेक्ट साइट तक ऑल वेदर रोड और ट्रांसमिशन कॉरिडोर का काम जल्द शुरू हो। अगले महीने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के साथ जॉइंट रिव्यू मीटिंग तय है। हमारा प्रयास है कि 2026-27 के बजट में सड़क व ट्रांसमिशन के लिए अलग से फंड अलॉट हो। उधमपुर को विकास के मामले में मॉडल जिला बनाएंगे।
विज्ञापन
यह होगा फायदा
निर्माण के दौरान हजारों स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। सड़क बनने से चिनाब बेल्ट में इको-टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म बढ़ेगा। प्रोजेक्ट पूरा होने पर जम्मू-कश्मीर सरप्लस बिजली का राज्य बनेगा। उधमपुर में 24 घंटे आपूर्ति सुनिश्चित होगी। रामबन, रियासी और उधमपुर के दूरदराज इलाके मुख्यधारा से जुड़ेंगे। स्कूल, अस्पताल पहुंच आसान होगी।
विज्ञापन
डीपीआर में संशोधन का प्रस्ताव
सूत्रों के अनुसार एनएचपीसी ने सड़क कनेक्टिविटी को डीपीआर का हिस्सा बनाने का प्रस्ताव दिया है। उधमपुर-पंचैरी-सावलकोट वाया लद्दा-धार रोड को अपग्रेड कर डबल लेन बनाने की योजना है। पंचैरी व लद्दा धार के लोगों का कहना है कि सड़क बनने से दशकों पुरानी मांग पूरी होगी। सब्जी, दूध व अन्य उत्पाद आसानी से मंडी तक पहुंच सकेंगे। आपात स्थिति में मरीजों को उधमपुर लाना भी आसान हो जाएगा।
फैक्ट फाइल
प्रोजेक्ट की क्षमता : 1856 मेगावाट
स्थान : चिनाब नदी, उधमपुर-रियासी सीमा
लागत : लगभग 30 हजार करोड़ रुपये
जरूरत : 65 किमी ऑल वेदर अप्रोच रोड
रोजगार संभावना : 8000 से अधिक प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष