रियासी। विस्थापित कॉलोनी तलवाड़ा में स्वास्थ्य विभाग का आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएएम) खस्ताहाल स्थिति में चल रहा है। एएएम की सुविधा जिन कमरों में दी जा रही है, उनकी हालत काफी खस्ता हो चुकी है। बताया जाता है जिन कमरों में आरोग्य मंदिर चल रहा है, उन्हें सलाल प्रोजेक्ट को बनाते समय निर्मित किया गया था। इन्हें बने हुए पचास वर्ष से भी ज्यादा का समय हो गया है। एक कमरे के भीतर आरोग्य मंदिर का सामान रखा हुआ है, वहीं एक कमरे में सामान सहित कर्मचारी बैठते हैं। हालत यह है कि तेज हवाएं चलने के बाद बाहर लगा बोर्ड भी नीचे गिर जाता है। कर्मचारी बताती है कि ज्यादा परेशानी मौसम खराब होने व बारिश के दौरान आती है। टीकाकरण दिवस पर बाहर लोगों को कच्चे-पक्के फर्श पर बैठना पड़ता है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर में काम करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए बाथरूम तक की सुविधा नहीं है। माइग्रेंट एक्शन कमेटी के प्रधान जगदेव सिंह और स्थानीय निवासी चुनी लाल ने बताया कि इसका फायदा सिर्फ तलवाड़ा कॉलोनी में रहने वाले विस्थापितों को ही नहीं बल्कि गांव के लोगों को भी है। लोदरा, गुज्जर कोठियां, तलवाड़ा, जीरो मोड़ के ग्रामीणों के लिए यह ही एकमात्र स्वास्थ्य केंद्र है, जिसकी दशा में सुधार लाया जाना बहुत जरूरी है। यहां पर विशेषज्ञ डॉक्टर की भी नियुक्ति की जानी चाहिए ताकि लोगों को इसका लाभ मिल सके। पौनी के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर मोहम्मद अशरफ कूचे ने बताया कि उक्त सेंटर विस्थापितों के लिए थूब थनोल से शिफ्ट किया गया था। जिन कमरों में यह चल रहा है उन्हें मरम्मत करने के चांस काफी कम हैं।