उधमपुर/पंचैरी। पंचैरी तहसील के लटियार इलाके में नाले पर पुल की सुविधा न होने के कारण ग्रामीण जान जोखिम में डाल कर नाला पार करने को मजबूर है। इस नाले पर पुल बनाने को करीब दो वर्ष पहले मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन इसके बावजूद आज तक पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। जब बारिश होती है तो ग्रामीण लकड़ी के सहारे पुल को पार करते हैं।
सरकार की तरफ से करीब दो वर्ष पहले मानसर से लांदर तक मार्ग को चौड़ा करने को मंजूरी मिली है। इसी के तहत लांदर तक विभिन्न नालों पर करीब छह पुलों का निर्माण किया जाना है। लटियार पंचायत में भी नाले पर पुल का निर्माण किया जाना है। पुल न होने के कारण सड़क नाले के बीच से होकर ही गुजरती है। जब बारिश होती है नाला उफान पर होता है और फिर तो कोई वाहन गुजर सकता है और न ही कोई पैदल निकल सकता है। ऐसी स्थिति में ग्रामीण नाले पर डाली गई लकड़ी को पार कर दूसरी तरफ जाते हैं। इससे हमेशा बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। लटियार के सरपंच कुलदीप राज, कट्टी के सरपंच करतार चंद, सरपंच सीमा देवी, सदोता के सरपंच करतार सिंह व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि जब पुल के निर्माण कार्य को मंजूरी मिली थी तो लगा था कि अब उनको परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा, लेकिन करीब दो वर्ष बीतने के बाद भी पीएमजीएसवाई ने न तो मार्ग को चौड़ा किया है और न ही पुल का निर्माण किया है। इस नाले पर पुल की सुविधा न होने के कारण सात पंचायतों के हजारों ग्रामीण हर रोज परेशान होते हैं। जब बारिश होती है तो सभी दूसरी तरफ जाने के लिए लकड़ी के ऊपर चलने को मजबूर हो जाते हैं। कई बार पुल बनाने की मांग को जिला प्रशासन के सामने रख चुके हैं, लेकिन किसी ने कुछ नहीं किया है।